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अंबाला में निर्माणाधीन इमारत ढहने से पांच मजदूरों की मौत, बारह घायल और अवैध निर्माण का मामला आया सामनेहरियाणा
28 सित॰ 2026, 8:22 am (39 दिन पहले)· 1

अंबाला में निर्माणाधीन इमारत ढहने से पांच मजदूरों की मौत, बारह घायल और अवैध निर्माण का मामला आया सामने

हरियाणा के अंबाला शहर के धूलकोट इलाके में एक तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत के ढह जाने से पांच मजदूरों की मौत हो गई और बारह अन्य घायल हो गए। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह अवैध निर्माण था और बिना नक्शा पास किए इसे खड़ा किया जा रहा था।

हरियाणा के अंबाला शहर के धूलकोट इलाके में एक बड़ा हादसा सामने आया है, जहां एक तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत अचानक भरभरा कर ढह गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में पांच मजदूरों की जान चली गई, जबकि बारह अन्य मजदूर घायल हो गए। हादसे के वक्त कुल सत्रह मजदूर मलबे के नीचे दब गए थे, जिन्हें निकालने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी एनडीआरएफ और राज्य आपदा मोचन बल यानी एसडीआरएफ की टीमों ने संयुक्त रूप से राहत और बचाव अभियान चलाया।

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला और पुलिस बल तुरंत हरकत में आ गया। अंबाला की मुख्य चिकित्सा अधिकारी रेनू पांजनी ने बताया कि दुर्घटना के बाद घायलों को फौरन अंबाला शहर के नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद सात मजदूरों को छुट्टी दे दी गई, जबकि पांच अन्य घायलों का इलाज अभी भी जारी है। इसके अलावा चार मजदूरों को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था, जिनके शवों को पोस्टमार्टम गृह में रखवा दिया गया है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि किसी भी अन्य आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी टीम पूरी तरह से मुस्तैद है।

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हादसे की सूचना मिलते ही अंबाला के पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने तुरंत घटनास्थल का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि बचाव दलों ने मलबे से सुरक्षित लोगों को बाहर निकाला है और राहत कार्य युद्धस्तर पर चलाया गया ताकि मलबे में कोई और न फंसा रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मलबे से कुल पांच शव बरामद किए जा चुके हैं और प्रशासन हरसंभव मदद में जुटा हुआ है।

हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान जलबेड़ा निवासी मिस्त्री राजेंद्र (50), गरनाला निवासी शास्त्री (50), उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले कालिया (50), और पंजाब के लालड़ू के डंगडेरा गांव के रूप सिंह (55) के रूप में हुई है। इनके अतिरिक्त रात साढ़े ग्यारह बजे मलकीत सिंह (55) का शव भी बरामद किया गया, जो पंजाब के लालड़ू स्थित डंगडेरा गांव के रहने वाले थे और इस निर्माण स्थल पर बतौर साइट सुपरवाइजर काम कर रहे थे तथा पूर्व सैनिक भी थे।

पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने दोहराया कि बचाव अभियान पूरा होने के बाद इमारत के मालिक और अन्य पहलुओं की गहराई से जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि चूंकि इस दुर्घटना में लोगों की जान गई है और कई लोग घायल हुए हैं, इसलिए इसमें सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चाहे मामला अवैध निर्माण का हो या फिर निर्माण कार्य में भारी लापरवाही बरतने का हो, पुलिस हर एक एंगल की बारीकी से जांच करेगी। उन्होंने यह भी साझा किया कि यहाँ काम करने वाले अधिकांश श्रमिक जंडली और उसके आस-पास के इलाकों के रहने वाले थे।

इस हादसे में घायल हुए बारह श्रमिकों में उत्तर प्रदेश के गोंडा के सिया राम, बिहार के पूर्णिया के सतीश, धुरकड़ा के बलिंदर जो मूल रूप से जींद के रहने वाले हैं, बिहार के लखीसराय के फुल्लो कुमार, अंबाला शहर के सेठी एनक्लेव के अशोक, गरनाला के वेद प्रकाश, उत्तर प्रदेश के लखनऊ के दो सगे भाई बृजेश और राजेश, बिहार के पटना जिले के शेखपुरा के गोवाला गांव के मंतोष, उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के निरंजनपुर गांव के रामगोपाल, लखनऊ के मोहम्मदपुर के राजेश, पूर्णिया बिहार के रुपेश कुमार, तथा मिस्त्री वेद प्रकाश और एक अन्य घायल शामिल हैं।

प्रारंभिक जानकारियों के अनुसार, रविवार के दिन इस इमारत की तीसरी मंजिल पर लैंटर डालने का काम चल रहा था। इसी दौरान वजन बढ़ने या अन्य तकनीकी कारणों से पहले दूसरी और फिर पहली मंजिल का लैंटर भी ताश के पत्तों की तरह ढह गया। यह पूरी इमारत पूरी तरह से अवैध रूप से बनाई जा रही थी और इसका कोई भी नक्शा संबंधित विभाग से पास नहीं कराया गया था। बारह सौ गज के बड़े भूखंड पर इस तीन मंजिला इमारत को केवल चार इंच की पतली दीवारों के सहारे खड़ा किया जा रहा था, जो इस बड़े हादसे का एक मुख्य कारण माना जा रहा है।

सवाल-जवाब

अंबाला में यह इमारत कहां गिरी है?
यह दुर्घटना अंबाला शहर के धूलकोट इलाके में हुई है।
हादसे में कुल कितने मजदूरों की मौत हुई है?
इस हादसे में कुल 5 मजदूरों की जान चली गई है।
मलबे के नीचे कुल कितने मजदूर दबे थे?
हादसे के समय कुल 17 मजदूर मलबे के नीचे दब गए थे।
बचाव कार्य में कौन सी टीमें शामिल थीं?
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने मौके पर राहत और बचाव अभियान चलाया।
मृतक साइट सुपरवाइजर कौन थे?
साइट सुपरवाइजर मलकीत सिंह थे, जो पंजाब के लालड़ू के डंगडेरा गांव के रहने वाले पूर्व सैनिक थे।
इमारत का निर्माण किस तरह किया जा रहा था?
यह भवन अवैध रूप से बिना नक्शा पास कराए 1200 गज में चार इंच की दीवारों पर बनाया जा रहा था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·39 दिन पहले

अरे यार, बिना नक्शे के इमारतें बनाने वाले इन बिल्डरों को मौत का सौदागर ही कहना चाहिए। पाँच बेकसूर मजदूरों की जान चली गई और उनके परिवार उजड़ गए। जब तक सख्त सजा नहीं मिलेगी, ये लालची लोग गरीबों की जिंदगी से ऐसे ही खेलते रहेंगे।

Arjun Mehta@arjun-mehta·39 दिन पहले

अंबाला का यह हादसा दिल दहला देने वाला है। बिना नक्शा पास करवाए ऐसे अवैध निर्माण धड़ल्ले से चल रहे हैं और जान गरीबों की जा रही है। प्रशासन को सिर्फ जांच की बात करने की बजाय ऐसे अवैध ढांचों पर पहले से सख्ती बरतनी चाहिए थी ताकि किसी की जान न जाती।

Ravikash Gupta@ravikash·39 दिन पहले

अर्जुन जी, आपकी बात बिल्कुल सही है। पिछले साल जब मैं दिल्ली के एक इलाके में ऐसी ही एक साइट पर गया था, तब भी डर लगा था कि बिना नक्शे के कैसे काम चल रहा है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·39 दिन पहले

पाँच बेकसूर मजदूरों की जान चली गई और अब जाँच के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएँ होंगी। धूलकोट वाले इस हादसे ने पुरानी यादें ताज़ा कर दीं जब ऐसे ही अवैध निर्माण बिना किसी रोक-टोक के खड़े होते रहे हैं और अंत में गरीब ही पिसता है।

Rohan Verma@rohan-verma·39 दिन पहले

करण जी, पूर्व सैनिक मलकीत सिंह साइट सुपरवाइजर थे, फिर भी ऐसा हादसा कैसे हो गया?

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