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आपराधिक रिकॉर्ड न होने पर NEET प्रदर्शनकारियों की रिहाई का सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेशभारत
28 जुल॰ 2026, 12:49 pm (65 दिन पहले)· 0

आपराधिक रिकॉर्ड न होने पर NEET प्रदर्शनकारियों की रिहाई का सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आदेश दिया कि NEET पेपर लीक को लेकर हुए प्रदर्शनों में गिरफ्तार जिन छात्रों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाए और उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर पर फिलहाल सख्त कार्रवाई न हो। इससे पहले बिहार और असम सरकार भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले वापस लेने का फैसला ले चुकी हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने NEET पेपर लीक को लेकर हुए प्रदर्शनों में गिरफ्तार छात्रों को मंगलवार को बड़ी राहत दे दी। कोर्ट ने आदेश दिया कि जिन प्रदर्शनकारियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाए और उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर पर फिलहाल कोई सख्त कार्रवाई न हो।

क्यों सड़कों पर उतरे थे छात्र

पिछले कुछ समय से NEET परीक्षा के पेपर लीक होने के आरोपों को लेकर देशभर में छात्रों का प्रदर्शन चल रहा था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई छात्रों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया था, जिसके बाद इन छात्रों और उनसे जुड़े संगठनों की तरफ से अदालत का रुख किया गया।

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सुप्रीम कोर्ट ने क्या आदेश दिया

मंगलवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि जिन छात्रों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें हिरासत में रखने की जरूरत नहीं है और उन्हें रिहा किया जाए। साथ ही कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर कोई कठोर या दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। इस आदेश से प्रदर्शन में शामिल छात्रों को बड़ी अंतरिम राहत मिली है।

बिहार और असम में पहले से मिल रही थी राहत

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से पहले ही बिहार सरकार पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने और उन्हें जल्द रिहा करने का फैसला ले चुकी थी। यह फैसला CJP की चेतावनी के बाद लिया गया बताया जा रहा है। इसके एक दिन बाद असम में भी प्रदर्शनकारियों को इसी तरह की राहत दी गई और वहां भी दर्ज मामले वापस लिए जाने की बात कही गई। CJP की तरफ से भी एफआईआर वापसी को लेकर भरोसा दिलाया गया है।

जंतर मंतर लाठीचार्ज और संसद मार्च का मामला भी कोर्ट में

इसके अलावा जंतर मंतर पर हुए लाठीचार्ज का मामला भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है, जिसमें छात्रों पर पुलिस ज्यादती के आरोप लगाए गए हैं। संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ दो अलग याचिकाएं भी अदालत में दाखिल की गई हैं, जिनमें पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल इस्तेमाल करने का आरोप है। इन याचिकाओं पर भी अहम सुनवाई होनी है।

सवाल-जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश कब दिया?
मंगलवार को सुनवाई के दौरान।
आदेश में क्या कहा गया है?
बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले प्रदर्शनकारियों को तुरंत रिहा किया जाए और उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर पर सख्त कार्रवाई न हो।
यह प्रदर्शन किस मुद्दे को लेकर हो रहे थे?
NEET परीक्षा के पेपर लीक होने के आरोपों को लेकर।
बिहार सरकार ने क्या फैसला लिया है?
प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने और उन्हें जल्द रिहा करने का फैसला लिया है।
असम में क्या स्थिति है?
बिहार के बाद असम में भी प्रदर्शनकारियों को राहत देते हुए दर्ज मामले वापस लिए जाने की बात कही गई है।
जंतर मंतर लाठीचार्ज मामला क्या है?
छात्रों के प्रदर्शन के दौरान जंतर मंतर पर हुए पुलिस लाठीचार्ज का मामला भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है, जिसमें पुलिस ज्यादती के आरोप हैं।
संसद मार्च से जुड़ी याचिकाओं में क्या आरोप हैं?
इन याचिकाओं में पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है।
CJP का इस मामले में क्या रोल बताया जा रहा है?
रिपोर्टों के मुताबिक CJP की चेतावनी के बाद ही राज्यों ने एफआईआर वापस लेने का फैसला लिया।
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