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अरुणाचल प्रदेश के यिंगकियोंग में धारा 163 लागू, सियांग बांध परियोजना के विरोध के बीच प्रशासन का सख्त कदमअरुणाचल प्रदेश
12 अक्तू॰ 2026, 6:48 pm (15 दिन पहले)· 3

अरुणाचल प्रदेश के यिंगकियोंग में धारा 163 लागू, सियांग बांध परियोजना के विरोध के बीच प्रशासन का सख्त कदम

अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले में प्रस्तावित पनबिजली परियोजना के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रशासन ने यिंगकियोंग शहर में धारा 163 लागू कर दी है। यह प्रतिबंध आगामी 30 दिनों तक प्रभावी रहेंगे।

अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सियांग जिले के प्रशासन ने यिंगकियोंग शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह कदम प्रस्तावित सियांग अपर मल्टीपर्पस प्रोजेक्ट की प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट सर्वे के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के मद्देनजर उठाया गया है, जिससे क्षेत्र में शांति भंग होने की आशंका जताई जा रही है।

जिला प्रशासन का सख्त आदेश

जिला मजिस्ट्रेट अशोक ताजो ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। यह पाबंदियां तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं और 10 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगी। हालात की गंभीरता को देखते हुए यह आदेश एकतरफा रूप से पारित किया गया है, जिसके तहत यिंगकियोंग शहर के कई संवेदनशील और महत्वपूर्ण ठिकानों के आसपास पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

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प्रतिबंधित क्षेत्र और पाबंदियां

प्रशासन द्वारा जिन प्रमुख स्थानों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, उनमें उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक का कार्यालय परिसर, पुलिस थाना, डीसी और एसपी के आधिकारिक आवास तथा टुटिंग-यिंगकियोंग निर्वाचन क्षेत्र के विधायक आलो लिबांग का आवास शामिल है। आदेश में इस बात की आशंका जताई गई है कि कुछ असामाजिक तत्व भीड़ का फायदा उठाकर सरकारी संपत्तियों, सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं या आगजनी जैसी घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं।

मार्च और हथियारों पर रोक

जारी किए गए आदेश के अनुसार, सक्षम प्राधिकारी से पूर्व लिखित अनुमति के बिना इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के जुलूस, रैली, मार्च या सभाओं के आयोजन पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा, प्रतिबंधित क्षेत्रों के आसपास दारा, भाले और आग्नेयास्त्र जैसे घातक हथियार लेकर चलने पर भी सख्त पाबंदी है। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 223 और अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री पेमा खांडू का बयान

इस बीच, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने प्रस्तावित सियांग अपर मल्टीपर्पस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे लोगों की हिरासत का बचाव किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून व्यवस्था को बाधित करने वालों के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सियांग बेल्ट के कई ग्रामीणों को इस परियोजना के बारे में गलत जानकारी दी गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि लोकतंत्र या विरोध प्रदर्शन के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसमें शामिल लोगों को कानून का सामना करना पड़ेगा।

सवाल-जवाब

यिंगकियोंग में कौन सा आदेश लागू किया गया है?
प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की है।
यह आदेश कितने दिनों तक प्रभावी रहेगा?
यह प्रतिबंधात्मक आदेश 30 दिनों के लिए लागू किया गया है और 10 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा।
किन स्थानों के आसपास लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है?
डीसी और एसपी कार्यालय, पुलिस स्टेशन, उनके आधिकारिक आवास और विधायक आलो लिबांग के घर के पास पाबंदी है।
इस विरोध प्रदर्शन की मुख्य वजह क्या है?
यह विरोध प्रदर्शन प्रस्तावित सियांग अपर मल्टीपर्पस प्रोजेक्ट के प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट सर्वे के खिलाफ हो रहा है।
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने प्रदर्शनकारियों के बारे में क्या कहा है?
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों और हिंसा फैलाने वालों से कानून के अनुसार सख्ती से निपटा जाएगा।
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टिप्पणियाँ 5

Vikram Yadav@vikram-yadav·14 दिन पहले

जब मैं पिछली बार यिंगकियोंग गया था, तो वहाँ के स्थानीय लोगों से सियांग नदी पर लंबी चर्चा हुई थी। स्थानीय लोगों को अपनी ज़मीन और पहचान खोने का डर हमेशा सताता रहता है, और अब धारा 163 लगने से तनाव और बढ़ गया है।

Ravikash Gupta@ravikash·14 दिन पहले

स्थानीय विकास और बड़े प्रोजेक्ट्स को लेकर जनता में असमंजस हमेशा से चिंता का विषय रहा है। जब तक संवाद सही नहीं होगा, ज़मीन पर तनाव कम होना मुश्किल है।

Sandeep Yadav@sandeep-yadav·14 दिन पहले

रविकेश भाई, आपकी बात एकदम सही है। जब मैं पिछले साल एक नॉर्थ-ईस्ट दौरे पर था, तो स्थानीय लोगों के चेहरे का डर मैंने खुद अपनी आँखों से देखा था।

Rohan Verma@rohan-verma·14 दिन पहले

विकास और स्थानीय लोगों के विरोध के बीच हमेशा टकराव की स्थिति बन जाती है। प्रशासन ने धारा 163 लगाकर सख्ती तो दिखा दी, पर बातचीत से रास्ता निकालना ज़्यादा ज़रूरी है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·14 दिन पहले

रोहन भाई, आपकी बात ठीक है, पर 30 दिन के लिए धारा 163 लगने से क्या सच में गलतफहमी दूर होगी या बातचीत का मौका ही खत्म हो जाएगा?

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