सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज की चौंकाने वाली रिसर्च, डायबिटीज और थायराइड के मेल से बढ़ रहा है अंधापन का खतराकैलाश मानसरोवर यात्रा: भगवान शिव के इस पवित्र धाम तक पहुंचने का कठिन रास्ता और जरूरी बातेंघुटनों के दर्द और आंतों की सेहत का क्या है नाता, नई रिसर्च में इनुलिन फाइबर को लेकर हुआ बड़ा खुलासागोविंदा ने सुनाया मां निर्मला देवी का दर्द भरा किस्सा, परिवार के लिए मुंडवा लिया था सिर और भौहेंनवंबर में इन 5 मूलांकों की चमकेगी किस्मत, अंकशास्त्र के अनुसार होगा चौतरफा लाभबिना वैध वजह वैवाहिक संबंधों से लंबे समय तक दूरी बनाना मानसिक प्रताड़ना, राजस्थान हाईकोर्ट ने तलाक की डिक्री बरकरार रखीदिवाली बॉक्स ऑफिस के असली बादशाह अमिताभ बच्चन, सालों तक कोई नहीं तोड़ पाया था उनका यह रिकॉर्डठंड के मौसम में ऊर्जा बनाए रखने के लिए घर पर तैयार करें सूजी और ड्राई फ्रूट्स के पौष्टिक लड्डूबिग बॉस 20 में लव गिल ने काशवी को दिया करारा जवाब, माही विज और आम्रपाली दुबे के बीच किचन में हुई तीखी जंगदीये की लौ पर टकटकी लगाकर देखने से क्या बदलता है? जानिए तनाव और अनिद्रा के लिए त्राटक क्रिया के फायदे
अरुणाचल प्रदेश में सियांग बांध विरोधी आंदोलन पर बड़ा एक्शन, अपर सियांग प्रशासन ने चार लोगों पर लगाया प्रिवेंटिव डिटेंशन एक्टअरुणाचल प्रदेश
10 अक्तू॰ 2026, 10:44 am (18 दिन पहले)· 5

अरुणाचल प्रदेश में सियांग बांध विरोधी आंदोलन पर बड़ा एक्शन, अपर सियांग प्रशासन ने चार लोगों पर लगाया प्रिवेंटिव डिटेंशन एक्ट

अरुणाचल प्रदेश के अपर सियांग जिले में प्रस्तावित जलविद्युत परियोजना के विरोध के दौरान भड़की हिंसा के बाद प्रशासन ने चार व्यक्तियों को हिरासत में लेने का आदेश जारी किया है।

अरुणाचल प्रदेश के अपर सियांग जिले में प्रस्तावित सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच स्थानीय प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के मकसद से प्रशासन ने चार व्यक्तियों को अरुणाचल प्रदेश गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम 2014 के तहत एहतियातन हिरासत में लेने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन का कहना है कि प्रस्तावित जलविद्युत परियोजना के विरोध की आड़ में आगजनी, हिंसा और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी।

हिरासत के आदेश और आंदोलनकारियों पर कार्रवाई

अपर सियांग के डिप्टी कमिश्नर अशोक ताजो द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, जिन चार व्यक्तियों के खिलाफ निरोध आदेश जारी किए गए हैं उनमें कुमकु गांव के अदुम तायोम, रामकु गांव के ओमक पारों और ओकुत पालोह तथा गेकु निवासी ओसन पारों शामिल हैं। इसके साथ ही पासीघाट में बांध विरोधी आंदोलन से जुड़े पांच कार्यकर्ताओं को पुलिस हिरासत में लिए जाने की बात भी सामने आई है, जिनके सहयोगियों का कहना था कि उन्हें उनके ठिकाने के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है।

ये भी पढ़ें

इसके अलावा बोलेंग में गुरुवार को तागर तागा और तातिन ताबिन नामक दो अन्य कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया गया। इन दोनों को पांगिन पुलिस स्टेशन में रखे जाने की सूचना है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन दोनों व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी और गिरफ्तारी की सूचना परिजनों को देने सहित सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है।

प्रशासन का पक्ष और तनावपूर्ण हालात

जिला प्रशासन का कहना है कि यह सख्त फैसला जमीनी स्तर पर कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा के बाद लिया गया है। पिछले चार महीनों से प्रस्तावित विशाल बांध परियोजना की प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने से जुड़ी गतिविधियों के दौरान इलाके में स्थिति काफी तनावपूर्ण और संवेदनशील बनी हुई है। प्रशासन का आरोप है कि हिंसक घटनाओं के चलते मकानों और निजी व सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया, जबकि सरकारी वाहनों को भी आग के हवाले किया गया था।

प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया है कि हाल के हफ्तों में संगठित हिंसा और आगजनी की घटनाओं में इजाफा हुआ है, जिससे स्थानीय निवासियों में डर का माहौल बना और विकास कार्यों में बाधा पहुंची। यिंगकियोंग पुलिस स्टेशन में हिंसा के संदिग्ध आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बावजूद गैरकानूनी गतिविधियां नहीं रुकीं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बांध का विरोध करना और कानून व्यवस्था को बनाए रखना दो अलग बातें हैं। प्रशासन ने यह चेतावनी भी दी कि आंदोलन के नाम पर हिंसा बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नागरिकों को बातचीत के जरिए शांति से अपनी बात रखनी चाहिए।

स्थानीय संगठनों की आपत्ति और सरकार का रुख

प्रशासनिक कार्रवाई पर सियांग इंडिजिनस फार्मर्स फोरम के प्रवक्ता तागोरी मिजे ने गहरी निराशा जताई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री खुद आदि समुदाय के लोगों को निर्दोष बता चुके हैं, तो फिर उनकी गिरफ्तारी क्यों की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जब परियोजना के खिलाफ आवाज उठाने वालों को लगातार हिरासत में लिया जा रहा है, तो ऐसी स्थिति में सकारात्मक बातचीत कैसे संभव हो सकती है।

प्रस्तावित सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय आबादी में लंबे समय से गहरा असंतोष है। प्रभावित लोग पर्यावरण और सामाजिक प्रभावों के बारे में व्यापक चर्चा तथा पूर्ण पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, खांडू के नेतृत्व वाली राज्य सरकार का कहना है कि वर्तमान में चल रही प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट की कवायद केवल परियोजना की तकनीकी संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए है और इसे बांध निर्माण का अंतिम फैसला नहीं माना जाना चाहिए।

सवाल-जवाब

अपर सियांग में किन लोगों के खिलाफ प्रिवेंटिव डिटेंशन का आदेश दिया गया है?
प्रशासन ने कुमकु के अदुम तायोम, रामकु के ओमक पारों व ओकुत पालोह और गेकु के ओसन पारों के खिलाफ निरोध आदेश जारी किए हैं।
प्रशासन ने यह कार्रवाई किस कानून के तहत की है?
यह कार्रवाई अरुणाचल प्रदेश गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम 2014 के प्रावधानों के तहत की गई है।
स्थानीय लोग इस जलविद्युत परियोजना का विरोध क्यों कर रहे हैं?
प्रभावित समुदाय बांध के संभावित सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर चिंतित हैं और परियोजना में पूरी पारदर्शिता तथा विस्तृत चर्चा की मांग कर रहे हैं।
अरुणाचल प्रदेश सरकार का इस परियोजना पर क्या कहना है?
राज्य सरकार का कहना है कि वर्तमान में चल रही प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट केवल तकनीकी संभावना जांचने के लिए है और यह निर्माण का अंतिम निर्णय नहीं है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Rajesh Kumar@rajesh-kumar·17 दिन पहले

विकास और स्थानीय विरोध के इस चक्कर में आम आदमी पिस रहा है, सरकार को बातचीत से रास्ता निकालना चाहिए।

Arjun Mehta@arjun-mehta·17 दिन पहले

अरुणाचल में बांध का विरोध और पुलिस कार्रवाई का यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बातचीत से रास्ता निकालना चाहिए, वरना स्थानीय तनाव और बढ़ सकता है।

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·17 दिन पहले

अर्जुन, बिल्कुल सही कहा आपने। जब मैं कुछ साल पहले स्थानीय विरोध को कवर करने वहाँ गया था, तब भी लोग बात करने को तैयार थे, पर प्रशासन सुन नहीं रहा था।

Rohan Verma@rohan-verma·18 दिन पहले

अदुम तायोम और ओमक पारों जैसे लोगों पर सीधा एक्शन ले लिया, अब देखना है विरोध थमता है या और भड़कता है।

Ravikash Gupta@ravikash·18 दिन पहले

रोहन भाई, सही कह रहे हो। जब मैं पिछली बार पासीघाट गया था, तब भी वहाँ के लोगों में इस बांध को लेकर काफी गुस्सा था, अब हालात और बिगड़ गए हैं।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp