असम और मिजोरम सीमा पर स्थित लाइलापुर जांच चौकी के पास मंगलवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब काछाड़ जिला प्रशासन और पुलिस बल ने ट्रक चालकों द्वारा लगाए गए तीन दिवसीय मार्ग अवरोध को हटाने का प्रयास किया। मिजोरम में सामान ले जाते समय कथित उत्पीड़न और सुरक्षा खतरों का विरोध कर रहे चालक अपने वाहनों को सड़क के बीचों-बीच खड़ा कर अड़ गए। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि जब तक दोनों राज्यों की सरकारें चालकों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठातीं, तब तक व्यावसायिक यातायात बहाल नहीं किया जाएगा।
लाइलापुर में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई का विरोध
अंतर्राज्यीय सीमा पर स्थिति उस समय संवेदनशील हो गई जब काछाड़ जिला प्रशासन के अधिकारी पुलिस बल के साथ लाइलापुर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को हटाकर राजमार्ग को खाली कराने की कोशिश की। हालांकि, चालकों ने सड़क से हटने से मना कर दिया और भारी वाहनों की मदद से रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया। पड़ोसी राज्य मिजोरम में प्रवेश करने वाले चालकों का कहना है कि उन्हें अक्सर वहां दुश्मनी, डर और अन्य तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिसके कारण उन्होंने मिजोरम के लिए माल ढोने का काम पूरी तरह रोक दिया है।
स्थाई सुरक्षा समाधान की मांग पर अड़े चालक
प्रदर्शनकारी ट्रक चालकों का कहना है कि पूर्व में सुरक्षा की गुहार लगाने के बावजूद ज़मीनी स्तर पर कोई असरदार इंतज़ाम नहीं किए गए। उन्होंने मांग रखी है कि जब तक अंतर्राज्यीय चौकी पर चालकों की सुरक्षा का कोई स्थाई समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक किसी भी मालवाहक वाहन को आगे बढ़ने नहीं दिया जाएगा। इस नाकेबंदी की वजह से दोनों राज्यों को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर सैकड़ों भारी वाहन खड़े हो गए हैं, जिससे असम और मिजोरम के बीच जरूरी सामान की आवाजाही पर बुरा असर पड़ रहा है।
वार्ता जारी और सुरक्षा बल तैनात
सीमावर्ती इलाके में किसी भी प्रकार की हिंसा या विवाद को रोकने के लिए मौके पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल और प्रशासनिक कर्मियों को तैनात किया गया है। दूसरी ओर, काछाड़ जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी चालकों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर रहे हैं। अधिकारी इस गतिरोध को खत्म करने और अंतर्राज्यीय मार्ग पर व्यावसायिक वाहनों का सुगम संचालन फिर से शुरू कराने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति जल्द सामान्य हो सके।



















