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असम के श्रीभूमि जिले से 28 अवैध प्रवासियों को बाहर निकाला गया, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने दी जानकारीअसम
7 नव॰ 2026, 8:40 pm (2 घंटे पहले)· 0

असम के श्रीभूमि जिले से 28 अवैध प्रवासियों को बाहर निकाला गया, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने दी जानकारी

असम के श्रीभूमि जिले में पुलिस ने 28 अवैध प्रवासियों को पकड़कर वापस भेज दिया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को सोशल मीडिया के जरिए इस कार्रवाई की जानकारी दी।

असम के श्रीभूमि जिले में सुरक्षा बलों और स्थानीय पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई के तहत 28 अवैध प्रवासियों को पकड़कर वापस खदेड़ दिया है। इस अभियान की जानकारी राज्य के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से साझा की, जिसमें उन्होंने राज्य में अवैध घुसपैठ के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की बात दोहराई।

अवैध घुसपैठ पर कड़ा रुख

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य अब अवैध रूप से आने वाले लोगों के प्रति और अधिक सहनशील नहीं रहेगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि असम का धैर्य अब पूरी तरह से समाप्त हो चुका है और श्रीभूमि पुलिस द्वारा पहचाने गए सभी 28 अवैध प्रवासियों को राज्य से बाहर निकाल दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मिशन को बिना किसी हिचकिचाहट के पूरी दृढ़ता के साथ आगे भी जारी रखा जाएगा। सीमाओं की सुरक्षा और असम की मूल पहचान के साथ किसी भी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

श्रीभूमि जिले की भौगोलिक स्थिति और सीमाएं

दक्षिण असम में स्थित श्रीभूमि जिले का पुराना नाम करीमगंज हुआ करता था, जिसे नवंबर 2024 में बदलकर श्रीभूमि कर दिया गया था। यह जिला पड़ोसी देश बांग्लादेश के सिलहट डिवीजन के साथ अपनी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है। यह उन चार जिलों में शामिल है जिनकी सीमाएं सीधे तौर पर पड़ोसी देश से लगती हैं। इसके अलावा असम के अन्य तीन जिले जिनमें धुबरी, दक्षिण सलमारा-मानकाचर और कछार शामिल हैं, वे भी सीमावर्ती क्षेत्रों में आते हैं और घुसपैठ की दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं।

कानूनी प्रक्रिया और प्रशासनिक कदम

यह पूरी निष्कासन कार्रवाई इमिग्रेंट्स एक्सपल्शन फ्रॉम असम एक्ट 1950 के प्रावधानों के तहत अंजाम दी गई है। सितंबर 2025 में असम कैबिनेट ने इस विशेष कानून के तहत एक मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP को अपनी मंजूरी दी थी। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद जिला आयुक्तों को उन व्यक्तियों के खिलाफ निष्कासन आदेश जारी करने का कानूनी अधिकार मिल गया जिनकी पहचान विदेशी नागरिकों के रूप में की जाती है।

लगातार चल रहे अभियान और पिछली कार्रवाई

राज्य सरकार की ओर से इस तरह के सीमा पार से धकेलने वाले अभियान मई 2025 से लगातार चलाए जा रहे हैं, जिनमें से कई अभियान विशेष रूप से रात के समय गोपनीय तरीके से संचालित किए गए हैं। मुख्यमंत्री इस प्रकार के अभियानों की जानकारी नियमित रूप से अपने सोशल मीडिया खातों के जरिए जनता तक पहुंचाते रहे हैं। इससे पहले पिछले सप्ताह ही धुबरी जिले के एक फेरी घाट पर लगभग 36 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया था। यह कार्रवाई तब की गई जब पुलिस ने दक्षिण सलमारा-मानकाचर से लगभग 120 लोगों को ले जा रही एक संदिग्ध नाव को बीच रास्ते में रोक लिया था। इसके अलावा गुवाहाटी शहर के विभिन्न होटलों और रेलवे स्टेशनों से भी बीस से अधिक संदिग्ध विदेशी नागरिकों को पकड़ा जा चुका है।

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सवाल-जवाब

श्रीभूमि जिले से कितने अवैध प्रवासियों को बाहर निकाला गया है?
श्रीभूमि जिले से कुल 28 अवैध प्रवासियों को पकड़कर बाहर निकाला गया है।
इस कार्रवाई की जानकारी किसने और कैसे दी?
इस कार्रवाई की जानकारी असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए दी।
श्रीभूमि जिले का पुराना नाम क्या था?
श्रीभूमि जिले का पुराना नाम करीमगंज था जिसे नवंबर 2024 में बदला गया था।
यह निष्कासन कार्रवाई किस कानून के तहत की गई?
यह कार्रवाई इमिग्रेंट्स एक्सपल्शन फ्रॉम असम एक्ट 1950 के तहत की गई है।
श्रीभूमि जिला किस देश के साथ सीमा साझा करता है?
श्रीभूमि जिला बांग्लादेश के सिलहट डिवीजन के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है।
असम में इस तरह के सीमा पार अभियान कब से चलाए जा रहे हैं?
असम में इस तरह के सीमा पार अभियान मई 2025 से लगातार चलाए जा रहे हैं।
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