बहराइच में हाल ही में आई तेज आंधी, बारिश और भीषण तूफान ने पूरे जिले की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। आंधी के तांडव से शहरी और ग्रामीण इलाकों में सैकड़ों पेड़ और अनगिनत बिजली के खंभे उखड़कर जमीन पर आ गिरे हैं। इस भारी तबाही के चलते जिले का पूरा बिजली ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है और चारों तरफ गहरा अंधेरा छाया हुआ है। बुनियादी ढांचे को पहुंचे जबर्दस्त नुकसान के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है और लोग रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों के लिए तरस रहे हैं।
बिजली बहाली में लगेंगे 10 दिन से ज्यादा, प्रशासन ने मांगी ग्राम प्रधानों से मदद
विद्युत विभाग के तकनीकी कर्मचारी और मैदानी दल दिन-रात युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य में जुटे हुए हैं। इसके बावजूद नुकसान का दायरा इतना विशाल है कि तारों, खंभों और ट्रांसफार्मरों को दुरुस्त कर पूरी बिजली आपूर्ति को बहाल करने में कम से कम 10 दिन या उससे भी अधिक समय लग सकता है। लंबे समय तक बिजली न आने की आशंका से स्थानीय निवासियों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं।
आपदा की गंभीरता को भांपते हुए बहराइच के जिलाधिकारी ने जिले के सभी ग्राम प्रधानों से सीधे अपील की है। जिलाधिकारी ने प्रधानों से आग्रह किया है कि वे इस विषम परिस्थिति में ग्रामीणों के साथ एकजुट होकर खड़े रहें और राहत कार्यों में तेजी लाएं। उन्होंने ग्राम प्रधानों से विद्युत विभाग के कर्मचारियों का हाथ बंटाने को कहा है, ताकि सड़कों, गलियों और बिजली की लाइनों पर गिरे भारी पेड़ों, डालियों और टूटे हुए खंभों को फौरन हटाया जा सके और रास्ते साफ कर मरम्मत कार्य को गति दी जा सके।
बाजारों से गायब हो चुके डीसी चार्जर की अचानक लौटी मांग
लंबे समय तक ग्रिड बिजली के लौटने की कोई उम्मीद न देखकर उपभोक्ता अब आपातकालीन और पुराने वैकल्पिक ऊर्जा साधनों का रुख कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युतीकरण का विस्तार होने के बाद 12-वोल्ट की बैटरी से चलने वाले डीसी चार्जर और छोटी सोलर प्लेटें दुकानों से लगभग गायब हो चुकी थीं। आधुनिक दौर में इनकी पूछ खत्म हो चुकी थी, लेकिन मौजूदा बिजली संकट ने इन पुराने उपकरणों को एक बार फिर संजीवनी दे दी है।
फोन की बैटरी डिस्चार्ज होते ही अपनों से संपर्क टूटने के डर से ग्रामीण और शहरी निवासी 12V बैटरी वाले डीसी चार्जर की तलाश में दुकानों पर लंबी कतारें लगा रहे हैं। लोग किसी भी तरह अपने मोबाइल फोन को चालू रखने की जुगत में लगे हैं, ताकि आवश्यक संवाद बना रहे।
दुकानों पर लगा आउट ऑफ स्टॉक का बोर्ड, बाहरी व्यापारियों ने डाला डेरा
मांग में अप्रत्याशित उछाल आने से बहराइच के मुख्य बाजारों, फुटपाथों और इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों पर पावर बैंक, डीसी चार्जर और सोलर लाइटों का भारी टोटा पड़ गया है। ज्यादातर दुकानदार पूछताछ करने वाले ग्राहकों को देखते ही हाथ खड़े कर रहे हैं और दुकानों पर 'आउट ऑफ स्टॉक' के बोर्ड लटक गए हैं। स्थानीय स्तर पर स्टॉक खत्म होते ही इस मांग को भुनाने के लिए बाहरी शहरों के व्यापारियों ने भी बहराइच के बाजारों में दस्तक दे दी है।
दुकानों पर इस समय खास तौर पर ऐसी मल्टी-पर्पज सोलर लाइटों की बिक्री जोरों पर है, जिन्हें छत पर धूप में रखकर सोलर किरणों से भी चार्ज किया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर बिजली या 12-वोल्ट बैटरी की लीड जोड़कर भी चार्ज किया जा सकता है। इन आधुनिक सोलर लाइटों में मोबाइल चार्ज करने के लिए यूएसबी पोर्ट जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी दी गई हैं, जो इस संकट के दौर में दोहरी राहत दे रही हैं।
₹800 से ₹1000 तक में बिक रही हैं लाइटें, सोलर ऊर्जा ही एकमात्र सहारा
बिजली न होने से घरों में फैला अंधेरा दूर करने और मोबाइल फोन चालू रखने के लिए गांवों और कस्बों से भारी संख्या में लोग जिला मुख्यालय के बाजारों में खरीदारी करने पहुंच रहे हैं। भारी मांग का फायदा उठाकर ये बहुउपयोगी सोलर लाइटें ₹800 से ₹1000 के भाव में धड़ल्ले से बिक रही हैं। जब तक बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन टूटे बुनियादी ढांचे को दोबारा खड़ा करने में जुटे हैं, तब तक बहराइच के बाशिंदे सोलर पावर और डीसी चार्जर के सहारे ही इस महासंकट का सामना करने को मजबूर हैं।

















