जलभराव और लंबे ट्रैफिक जाम से दूर फरीदाबाद बना NCR का नया रियल एस्टेट पॉवरहाउसग्रह गोचर: शनि-मंगल की चाल से मेष, कन्या, मीन और तुला की चमकेगी किस्मत, मकर-सिंह-कुंभ को सूर्य ग्रहण के दौरान बरतनी होगी सावधानीनकली पनीर पर मध्य प्रदेश सरकार का शिकंजा, सीएम मोहन यादव का बैन आदेशप्रतिबंधित उग्रवादी गठबंधन ने मणिपुर में 15 अगस्त बंद बुलाया, तिरंगा अभियान से दूर रहने की अपीलछत्तीसगढ़: सरकारी स्कूलों में भाषा सुधार अभियान, शिक्षकों की जवाबदेही भी तय होगीबारामती में पति की हत्या कर घर में दफनाने की साजिश नाकाम, पुलिस ने पत्नी पर दर्ज की एफआईआरफुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया उड़ान में 300 फीट की अचानक गिरावट, डोप जांच में पायलट के मारिजुआना सेवन की पुष्टिभाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा ने वंदे मातरम पर रामजी लाल सुमन को घेरा, आरएसएस पर पवन खेड़ा के दावे को भी खारिज कियाचुनार की डालमिया सीमेंट फैक्ट्री से पटरियों पर दौड़ेगा सीमेंट, अगस्त से शुरू हुई बड़ी ढुलाई सेवागुड़ बनाने का प्लांट लगाकर कमाई का मौका, सरकार दे रही 35 प्रतिशत तक सब्सिडी, जानें कितनी जमीन और पैसा चाहिए
बंगाल के नदिया में दो भारतीय किसानों के अपहरण के बाद BSF और BGB वार्ता से सुलझा सीमा तनावभारत
12 अग॰ 2026, 6:52 pm (3 घंटे पहले)· 2

बंगाल के नदिया में दो भारतीय किसानों के अपहरण के बाद BSF और BGB वार्ता से सुलझा सीमा तनाव

पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में बांग्लादेशी ग्रामीणों द्वारा दो भारतीय किसानों को बंदी बनाए जाने के बाद BSF और BGB के बीच आयोजित फ्लैग मीटिंग के जरिए दोनों पक्षों के किसानों को सुरक्षित वापस सौंपा गया।

भारत और बांग्लादेश की सीमा पर उत्पन्न हुए हालिया तनाव के बीच पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में दो भारतीय किसानों की सुरक्षित वापसी के साथ एक बड़ा विवाद टल गया है। अंतरराष्ट्रीय सीमा के समीप कृषि कार्य में जुटे भारतीय नागरिकों को सीमा पार से आए समूह द्वारा बंदी बना लिया गया था। हालांकि, सीमा सुरक्षा बल (BSF) और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) की त्वरित सैन्य पहल और फ्लैग मीटिंग के परिणामस्वरूप स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से नियंत्रित कर लिया गया।

सीमा पर अपहरण का कारण और घटनाक्रम

नदिया जिले के सीमावर्ती इलाके में खेती कर रहे दो भारतीय किसानों, सचिन करमाकर और नारायण देब को उस समय बंधक बना लिया गया जब वे अपने खेतों में काम कर रहे थे। इस कार्रवाई के पीछे मेहरपुर सदर उपजिला के इचाखाली सीमा क्षेत्र की एक पूर्व घटना को वजह माना जा रहा है। वहां BSF ने 70 वर्षीय बांग्लादेशी किसान अब्दुल मन्नान को हिरासत में लिया था। इसके जवाब में स्थानीय बांग्लादेशी ग्रामीणों ने भारतीय अधिकारियों पर दबाव बनाने की नीयत से दोनों भारतीय किसानों को अपने कब्जे में ले लिया। इसी दौरान पश्चिम बंगाल के ही जलपाईगुड़ी जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास स्थित एक चाय बागान से 35 वर्षीय चाय किसान के अपहरण का मामला भी सामने आया था, जिससे पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में चिंता बढ़ गई थी।

ये भी पढ़ें

सैन्य स्तर की फ्लैग मीटिंग से निकला समाधान

घटना की गंभीरता को देखते हुए BSF और BGB के वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल संपर्क स्थापित किया और सीमा पर एक औपचारिक फ्लैग मीटिंग आयोजित की। इस बैठक में दोनों पक्षों ने स्थिति को शांत करने और अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत मामले का निपटारा करने पर सहमति जताई। वार्ता सफल होने के बाद तीनों किसानों को उनके संबंधित देशों के अधिकारियों को सौंप दिया गया। BSF को सचिन करमाकर और नारायण देब वापस मिल गए, जबकि अब्दुल मन्नान को बांग्लादेशी अधिकारियों के हवाले कर दिया गया।

ढाका में उच्चस्तरीय राजनयिक संवाद

सीमा पर घटी इस घटना के बीच दोनों देशों के मध्य उच्चस्तरीय कूटनीतिक बातचीत भी जारी है। बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने 10 अगस्त को ढाका में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात की थी। लगभग 30 मिनट तक चली इस शिष्टाचार बैठक का मुख्य उद्देश्य पड़ोसी देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और आपसी सहयोग को प्रगाढ़ बनाना था। नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग ने इस वार्ता को दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम बताया।

राजनीतिक संदर्भ और ब्रिक्स सम्मेलन की पृष्ठभूमि

वरिष्ठ नेता दिनेश त्रिवेदी भारतीय जनता पार्टी (BJP) से ताल्लुक रखते हैं और इस महत्वपूर्ण कूटनीतिक पद को संभालने वाले पहले राजनीतिज्ञ हैं। उन्होंने लगभग छह सप्ताह पहले ढाका में भारत के उच्चायुक्त के रूप में अपना पदभार ग्रहण किया था, जिसके बाद प्रधानमंत्री तारिक रहमान के साथ यह उनकी पहली औपचारिक मुलाकात थी। यह कूटनीतिक गतिविधि ऐसे समय में हो रही है जब 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में तारिक रहमान की उपस्थिति को लेकर चर्चाएं गर्म हैं, क्योंकि भारत ने उन्हें इस आयोजन के लिए आधिकारिक निमंत्रण भेजा है।

सवाल-जवाब

नदिया में किन भारतीय किसानों का अपहरण हुआ था?
पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में सीमा के पास काम कर रहे सचिन करमाकर और नारायण देब नाम के दो भारतीय किसानों को बांग्लादेशी समूह द्वारा बंधक बना लिया गया था।
बांग्लादेशी ग्रामीणों ने भारतीय किसानों का अपहरण क्यों किया?
BSF द्वारा इचाखाली सीमा क्षेत्र से 70 वर्षीय बांग्लादेशी किसान अब्दुल मन्नान को हिरासत में लिए जाने के बाद, उसकी रिहाई के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया था।
इस सीमा विवाद को किस तरह सुलझाया गया?
BSF और BGB के अधिकारियों ने एक फ्लैग मीटिंग का आयोजन किया, जिसके बाद दोनों देशों के किसानों को सुरक्षित रूप से उनके संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया गया।
ढाका में भारतीय उच्चायुक्त ने किससे मुलाकात की?
भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने 10 अगस्त को ढाका में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से 30 मिनट की द्विपक्षीय मुलाकात की।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR