वंदे मातरम गीत और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं के बयानों पर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा ने कहा कि वंदे मातरम के सिर्फ दो छंद गाने की बात कहकर कांग्रेस ने आजादी से पहले मुस्लिम लीग के आगे घुटने टेक दिए थे, और आरएसएस को मिटाने की धमकी देने वाले पवन खेड़ा को याद रखना चाहिए कि खुद जवाहरलाल नेहरू भी यह नहीं कर सके थे।
वंदे मातरम पर जनार्दन मिश्रा का हमला
जनार्दन मिश्रा ने कहा कि वंदे मातरम के दो छंदों तक सीमित रहने की बात कहना कांग्रेस का मुस्लिम लीग के सामने समर्पण था। उन्होंने कहा कि आज भारत आजाद देश है और आजादी की लड़ाई में लाखों लोगों ने वंदे मातरम गाते हुए अपनी जान गंवाई थी। उनके मुताबिक कांग्रेस पार्टी ने खुद वंदे मातरम गाकर एक आंदोलन खड़ा किया था, इसलिए अब इस तरह की बात करना पूरी तरह देश विरोधी बयान है, जिससे शहीदों की आत्मा को गहरी चोट पहुंचेगी।
रामजी लाल सुमन ने उठाए थे सवाल
दरअसल यह पूरा विवाद समाजवादी पार्टी सांसद रामजी लाल सुमन की उस टिप्पणी से शुरू हुआ जिसमें उन्होंने कहा था कि लाल किले से वंदे मातरम गाया जाना देश के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप पर सीधा हमला है। सुमन का तर्क था कि संविधान सभा में सभी दलों की सहमति से गीत के सिर्फ दो छंद तय किए गए थे, ताकि हर धर्म के लोग इसे सहजता से गा सकें। उनके अनुसार अब इसे जबरन पूरे रूप में थोपना एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है, जो भारत की धर्मनिरपेक्षता की भावना के खिलाफ जाती है।
आरएसएस पर पवन खेड़ा के बयान का जवाब
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा के आरएसएस से जुड़े बयान पर भी जनार्दन मिश्रा ने करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू ने भी अपने समय में आरएसएस को खत्म करने की बात कही थी, लेकिन इसके बावजूद संगठन आज दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन बनकर काम कर रहा है। मिश्रा ने तंज कसते हुए कहा कि जब खुद नेहरू में आरएसएस को समाप्त करने की ताकत नहीं थी, तो पवन खेड़ा ऐसा कैसे कर पाएंगे।
पवन खेड़ा ने क्या कहा था
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को घुसा दिया है और कांग्रेस को पता है कि जमीन पर क्या हो रहा है। खेड़ा ने दावा किया था कि कांग्रेस की सरकार बनने पर आरएसएस को खत्म कर दिया जाएगा और संगठन पर अंग्रेजों के आगे झुकने का आरोप लगाते हुए कहा था कि ऐसे लोग कांग्रेस का मुकाबला नहीं कर सकते।
झारखंड आंदोलन और इस्कॉन ड्रेस कोड पर भी बोले खेड़ा
इसके अलावा पवन खेड़ा ने झारखंड में हुए विधानसभा घेराव मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी राज्य सरकार पर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि असली मुद्दा यह है कि क्या शांतिपूर्ण तरीके से हो रहे विरोध प्रदर्शन को इस तरह दबाया जाना चाहिए। इसके साथ ही इस्कॉन मंदिर में लागू ड्रेस कोड को लेकर पूछे गए सवाल पर खेड़ा ने कहा कि यह मंदिर प्रबंधन की अपनी निजी व्यवस्था है और उन्होंने अपनी परंपराओं के अनुसार जो उचित समझा, वही फैसला लिया है।




















