भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक ढांचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से गुरुवार को एक व्यापक फेरबदल की घोषणा की। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से जारी आधिकारिक सूची के अनुसार कुल 24 संगठन मंत्रियों और प्रमुख पदाधिकारियों के कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियां तय की गई हैं। यह कदम आगामी विधानसभा चुनावों और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने की रणनीति के तहत उठाया गया है।
प्रमुख राज्यों में संगठन मंत्रियों की तैनाती
राजधानी दिल्ली और पड़ोसी राज्य हरियाणा में संगठनात्मक समन्वय की कमान पवन राणा को सौंपी गई है। इसके साथ ही राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश में धर्मपाल को संगठन मंत्री का प्रभार दिया गया है। बिहार में भीखुभाई दलसानिया को संगठन मंत्री नियुक्त किया गया है, जिनका मुख्यालय पटना निर्धारित किया गया है। वहीं झारखंड का संगठनात्मक दायित्व पवन साई को सौंपा गया है।
क्षेत्रीय प्रभारियों और सह महामंत्रियों की भूमिकाएं
पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवप्रकाश को राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) के रूप में एक विस्तृत क्षेत्र की निगरानी दी गई है। उनके कार्यक्षेत्र में आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गोवा जैसे अहम राज्य शामिल हैं। दूसरी ओर, पूर्वी भारत के राज्यों बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में संगठनात्मक गतिविधियों के संचालन का जिम्मा सौदान सिंह को दिया गया है।
महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के राज्यों में नई नियुक्तियां
महाराष्ट्र में संगठनात्मक मजबूती के लिए अजय जामवाल को प्रदेश महामंत्री (संगठन) की जिम्मेदारी दी गई है, जिनका मुख्य केंद्र मुंबई होगा। इसके अलावा सतीश धोंड को महाराष्ट्र सहित चार राज्यों में जनजातीय समाज से संपर्क साधने का विशेष कार्य सौंपा गया है। दक्षिण भारत में मधुकर को आंध्र प्रदेश का प्रभार दिया गया है जिनका केंद्र हैदराबाद रहेगा, जबकि दराशय को तेलंगाना का दायित्व सौंपा गया है।
पूर्वोत्तर, पहाड़ी और पश्चिमी राज्यों का प्रभार
पूर्वोत्तर के राज्यों असम और त्रिपुरा के साथ कार्यालय निर्माण से जुड़े कार्यों की देखरेख रविंद्र राजू करेंगे। पहाड़ी राज्यों में सिद्धार्थ को हिमाचल प्रदेश का जिम्मा मिला है, जिनका केंद्र शिमला रहेगा, जबकि उत्तराखंड की संगठनात्मक जिम्मेदारी फणीन्द्रनाथ शर्मा को दी गई है। पश्चिमी भारत में रत्नाकर को गुजरात के साथ दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव का दायित्व दिया गया है, जबकि अरुण बिन्नाडा को भी गुजरात में संगठनात्मक कार्य सौंपा गया है। विशेष मोर्चों के तहत वी. सतीश को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति मोर्चा तथा संसदीय कार्यालय का कार्यभार मिला है, और राजेंद्र को संगठन एवं वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के समन्वय का दायित्व सौंपा गया है।




















