भरतपुर जिले में बीते दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने स्थानीय जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ा दिया है। जिले के सबसे प्रमुख जल स्रोत बारेठा बांध में लगातार पानी की आवक बनी हुई है, जिसके चलते यह बांध अपनी अधिकतम भराव क्षमता के काफी करीब पहुंच गया है। बांध में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है और निचले इलाकों में संभावित जलभराव से बचाव के उपाय शुरू कर दिए गए हैं।
26 फीट के पार पहुंचा जलस्तर, कभी भी खुल सकते हैं फाटक
बारेठा बांध की कुल भराव क्षमता 29 फीट निर्धारित की गई है। हालिया बारिश के बाद जल संसाधन विभाग के मापन में बांध का वर्तमान जलस्तर 26 फीट से अधिक दर्ज किया गया है। कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही वर्षा के कारण बांध में पानी लगातार आ रहा है। जल संसाधन विभाग के अधिकारी दशरथ गुर्जर ने स्पष्ट किया कि बांध की हर गतिविधि पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। यदि क्षेत्र में बारिश की यही रफ्तार बनी रहती है, तो बांध की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किसी भी समय इसके निकासी गेट खोले जा सकते हैं।
तटीय इलाकों के 50 गांवों में अलर्ट घोषित
जलस्तर में संभावित बढ़ोतरी और बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित सुरक्षात्मक कदम उठाए हैं। बारेठा बांध के निचले और आसपास के क्षेत्रों में स्थित लगभग 50 गांवों में विशेष अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीण आबादी से अपील की है कि वे पूरी तरह सतर्क रहें और किसी भी तरह की आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पहले से ही सुरक्षित स्थानों की पहचान कर आवश्यक तैयारियां पूरी कर लें।
प्रशासनिक टीमों की तैनाती और सतत निगरानी
क्षेत्र में किसी भी प्रकार की जनहानि या अप्रिय घटना को रोकने के लिए विशेष प्रशासनिक टीमों को तैनात किया गया है। ये टीमें बांध स्थल और संभावित रूप से प्रभावित होने वाले गांवों पर पैनी नजर रख रही हैं। सूचना तंत्र के माध्यम से ग्रामीणों तक पल-पल की जानकारी पहुंचाई जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक वर्तमान में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है, लेकिन मौसम के मिजाज को देखते हुए किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जा रही है।



















