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बंगाल की खाड़ी में डूबा पनामा का मालवाहक जहाज, 22 क्रू मेंबर लापताभारत
23 अग॰ 2026, 12:21 pm (33 दिन पहले)· 4

बंगाल की खाड़ी में डूबा पनामा का मालवाहक जहाज, 22 क्रू मेंबर लापता

भारतीय तट से दूर बंगाल की खाड़ी में एमवी ओशन विनर नामक विशाल कार्गो शिप डूब गया है। इस हादसे के बाद भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना ने व्यापक खोज एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया है।

भारतीय तट से लगभग 407 किलोमीटर की दूरी पर बंगाल की खाड़ी के बीच पनामा के झंडे वाला एक भारी-भरकम बल्क कार्गो शिप दुर्घटना का शिकार होकर डूब गया है। इस पोत पर कुल 24 लोग सवार थे, जिनमें से संकट का संदेश मिलने के बाद भारतीय तटरक्षक बल की तत्परता से 2 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इस बड़े हादसे के बाद भी जहाज और उस पर मौजूद बाकी 22 लोगों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। लापता हुए कुल 24 सदस्यों में 20 चीन के नागरिक शामिल हैं, जबकि 3 लोग म्यांमार और 1 व्यक्ति बांग्लादेश का नागरिक है। देश के सुरक्षा बल समुद्र के उस इलाके में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्यों को अंजाम दे रहे हैं।

घटना की शुरुआत और पहला संपर्क

अंडमान सागर में पनामा के झंडे वाले इस बल्क कैरियर जहाज एमवी ओशन विनर से संपर्क टूटने की भनक लगते ही भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल ने फौरन हरकत में आते हुए बड़े पैमाने पर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। हादसे के वक्त समुद्र में पानी के बीच जूझ रहे क्रू सदस्यों में से दो को एक गुजरते हुए जहाज की मदद से जीवन रक्षक राफ्ट के जरिए बचा लिया गया। समुद्री अधिकारियों को 22 अगस्त की सुबह करीब 11 बजकर 48 मिनट पर एमआरसीसी श्री विजयपुरम को इस पोत से संपर्क टूटने की पहली सूचना प्राप्त हुई थी। संबंधित कंपनी द्वारा खोज अभियान के लिए आधिकारिक मदद मांगे जाने के तुरंत बाद भारतीय रक्षा एजेंसियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी।

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लाइफराफ्ट से दो लोगों का रेस्क्यू

दुर्घटनाग्रस्त पोत की आखिरी लोकेशन ईस्ट आइलैंड लाइट से लगभग 310 नॉटिकल मील की दूरी पर दर्ज की गई थी। इसके तुरंत बाद निगरानी मिशन पर तैनात भारतीय नौसेना के पी-8आई विमान को आसमान से तलाश करने के लिए रवाना किया गया। विमान ने उड़ान के दौरान समुद्र के पानी में कुछ लाइफराफ्ट तैरते हुए देखे और बिना देर किए इसकी सटीक जानकारी नियंत्रण कक्ष को दी। इसके बाद उसी मार्ग से गुजर रहे एमटी आइसोपोस नामक टैंकर को उन राफ्ट्स की दिशा में मोड़ दिया गया। 22 अगस्त की शाम करीब आठ बजे उस टैंकर ने दो अलग-अलग लाइफराफ्ट तक पहुंचकर दो क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि इन दो लोगों के मिलने के बावजूद बाकी बचे 22 लोगों के बारे में अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आ सकी है और उनकी तलाश लगातार जारी है।

तटरक्षक बल के कई पोत तलाश में जुटे

इस संकट से निपटने और लापता लोगों को ढूंढने के लिए भारतीय तटरक्षक बल ने अपने कई शक्तिशाली पोत जैसे आईसीजीएस वरद, आईसीजीएस अनमोल और आईसीजीएस विजित को समंदर में उतार दिया है। नौसेना और तटरक्षक बल के तमाम जहाज तथा विमान मिलकर संयुक्त रूप से एक व्यापक तलाशी अभियान चला रहे हैं ताकि किसी अनहोनी का शिकार हुए लोगों का पता लगाया जा सके। एमवी ओशन विनर नाम के इस मालवाहक पोत ने अपनी आखिरी यात्रा ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से शुरू की थी और इसका अगला तयशुदा गंतव्य सिंगापुर था। यानी यह जहाज पारादीप बंदरगाह से निकलकर सिंगापुर की ओर जा रहा था। समुद्र में खराब मौसम और खतरनाक परिस्थितियों के कारण जहाज का नियंत्रण बिगड़ने और संपर्क टूटने की आशंका जताई जा रही है।

जहाज का पुराना इतिहास और तकनीकी खामियां

एमवी ओशन विनर का निर्माण वर्ष 1998 में किया गया था और यह अपने लंबे कार्यकाल के अंतिम चरण में पहुंच चुका था। इस विशालकाय 28 साल पुराने बल्क कैरियर की माल ढोने की कुल क्षमता 73000 टन थी, और यह 225 मीटर लंबा तथा 32.26 मीटर चौड़ा था। इस जहाज का स्वामित्व रखने वाली कंपनी का मुख्य ठिकाना चीन के फुजियान में स्थित है। इस पोत का प्रोटेक्शन एंड इंडेमनिटी बीमा पूरी तरह सक्रिय था और इसे इसी साल 1 अगस्त से अपडेट किया गया था, जिसे दुनिया की शीर्ष बीमा कंपनियों में से एक का कवर प्राप्त था। इस पोत का मालिकाना हक समय-समय पर कई बार बदला था और इसकी शुरुआत मूल रूप से ग्रीक स्वामित्व के साथ हुई थी। विभिन्न देशों के समुद्री सुरक्षा पोर्ट अधिकारियों द्वारा समय-समय पर किए गए निरीक्षणों के दौरान इस जहाज में कई तरह की तकनीकी कमियां लगातार सामने आती रही थीं। हाल ही में जून 2026 के दौरान चटगांव में बांग्लादेशी अधिकारियों द्वारा किए गए आखिरी निरीक्षण में भी इस पोत के भीतर 3 प्रमुख कमियां दर्ज की गई थीं, जिनमें जहाज का मैग्नेटिक कंपास भी शामिल था। तमाम निरीक्षणों में ऐसी गंभीर कमियां उजागर होने के बावजूद इस पुराने जहाज का संचालन लगातार जारी रखा गया था।

सवाल-जवाब

एमवी ओशन विनर जहाज कहां डूबा?
यह बल्क कार्गो शिप भारतीय तट से लगभग 407 किलोमीटर दूर बंगाल की खाड़ी में डूबा है।
जहाज पर कुल कितने लोग सवार थे?
जहाज पर कुल 24 क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें विभिन्न देशों के नागरिक शामिल थे।
कितने लोगों को सुरक्षित बचाया गया है?
पास से गुजर रहे एक टैंकर द्वारा लाइफराफ्ट की मदद से अब तक 2 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचाया गया है।
जहाज कहां से कहां जा रहा था?
यह पोत ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से सिंगापुर की ओर जा रहा था।
जहाज का पिछला निरीक्षण कब हुआ था?
चटगांव में बांग्लादेशी अधिकारियों द्वारा जून 2026 में इस जहाज का आखिरी निरीक्षण किया गया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·32 दिन पहले

यह घटना वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और समुद्री लॉजिस्टिक्स के लिए एक गंभीर चेतावनी है। पारादीप से सिंगापुर जाने वाले इस मालवाहक पोत के डूबने और 22 कर्मियों के लापता होने से शिपिंग बीमा लागत और क्षेत्रीय व्यापारिक जोखिमों पर सीधा असर पड़ेगा। अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में पुराने जहाजों के संचालन और सुरक्षा मानकों पर अब वैश्विक वित्तीय बाजारों को भी नए सिरे से विचार करना होगा, क्योंकि इससे समुद्री व्यापार की स्थिरता प्रभावित हो सकती है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·32 दिन पहले

इस समुद्री दुर्घटना ने भारत के पूर्वी तट पर सुरक्षा और भू-राजनीतिक समन्वय के महत्व को फिर से रेखांकित किया है। जब बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर बहुराष्ट्रीय चालक दल के नागरिक लापता होते हैं, तो यह केवल व्यापारिक मुद्दा नहीं रहता, बल्कि क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के लिए एक कूटनीतिक और रणनीतिक परीक्षा बन जाता है। इस घटना से भारतीय एजेंसियों की तत्परता तो उजागर हुई ही है, साथ ही पड़ोसी देशों के साथ समुद्री निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता भी स्पष्ट हुई है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·32 दिन पहले

यह घटना समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में समन्वय के गंभीर आयामों को उजागर करती है। पारादीप से सिंगापुर के बीच बंगाल की खाड़ी जैसे संवेदनशील क्षेत्र में एक पुराने बल्क कैरियर का डूबना मेरीन ट्रैफिक ऑडिट, वेसल फिटनेस और अंतरराष्ट्रीय मेरीटाइम नियमों पर बड़े सवाल खड़े करता है। लापता क्रू सदस्यों में अधिकांश विदेशी नागरिकों का होना इस मामले को कूटनीतिक और समुद्री कानून के तहत एक जटिल जांच का विषय बनाता है। आने वाले दिनों में ब्लैक बॉक्स डेटा रिकवरी और मलबे की मैपिंग यह तय करेगी कि यह तकनीकी खराबी थी या मौसम का प्रहार।

Rohan Verma@rohan-verma·32 दिन पहले

यह आपदा अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर नेविगेशन और सुरक्षा मानकों की सख्त निगरानी की आवश्यकता को रेखांकित करती है। पारादीप से सिंगापुर के बीच चलने वाले इस प्रकार के भारी मालवाहक पोतों की तकनीकी फिटनेस और मौसम संबंधी चेतावनियों के पालन की उच्च-स्तरीय समीक्षा अनिवार्य हो गई है। कूटनीतिक स्तर पर बहुराष्ट्रीय क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बड़ी प्राथमिकता है।

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