भारतीय शेयर बाजार में निवेश का दायरा और बड़ा होने जा रहा है क्योंकि ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी और ऑटो पार्ट्स क्षेत्र की जानी-मानी कंपनी हीरो मोटर्स लिमिटेड पूंजी बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है। निवेशकों के लिए इस नए इश्यू में पैसा लगाने का अवसर 16 सितंबर से शुरू हो रहा है, जिसके तहत कंपनी ने अपने इस पब्लिक ऑफर के लिए ₹79 से ₹84 प्रति शेयर का प्राइस बैंड निर्धारित किया है। बाजार में हलचल पैदा करने वाला यह सार्वजनिक निर्गम 18 सितंबर को बंद हो जाएगा। कंपनी की वित्तीय योजनाओं और बाजार विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक, इसके शेयर की एक्सचेंज पर आधिकारिक लिस्टिंग 23 सितंबर को होने की पूरी संभावना है, जिससे निवेशकों को शेयर बाजार में कारोबार करने का मौका मिलेगा।
₹1000 करोड़ का कुल आकार और हिस्सेदारी
इस पूरे सार्वजनिक निर्गम का कुल वित्तीय आकार ₹1000 करोड़ तय किया गया है। इस निर्गम को दो प्रमुख हिस्सों में बांटा गया है, जिसमें ₹600 करोड़ का नया फ्रेश इश्यू और ₹400 करोड़ का ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस शामिल है। ऑफर फॉर सेल के माध्यम से कंपनी के मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी खुले बाजार में बेचेंगे। इस ओएफएस प्रक्रिया के तहत ओ पी मुंजाल होल्डिंग्स द्वारा लगभग ₹395 करोड़ के शेयरों की बिक्री की जाएगी, जबकि दूसरी ओर हीरो साइकिल द्वारा लगभग ₹5 करोड़ मूल्य के शेयरों का ऑफर लाया जाएगा। इस तरह से इस आईपीओ का एक अहम हिस्सा पुरानी हिस्सेदारी की बिक्री से जुड़ा हुआ है।
कर्ज मुक्ति और संयंत्र विस्तार पर होगा फंड का उपयोग
कंपनी इस फ्रेश इश्यू से मिलने वाली पूंजी का उपयोग अपने व्यावसायिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और देनदारियों को कम करने में करेगी। जुटाई जाने वाली राशि में से लगभग ₹190 करोड़ का उपयोग कंपनी के ऊपर चढ़े कर्ज के भुगतान या उसके समय से पहले प्री-पेमेंट के लिए किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, लगभग ₹200 करोड़ की बड़ी राशि उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर स्थित विनिर्माण प्लांट में उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक आधुनिक उपकरणों की खरीद पर खर्च की जाएगी। बची हुई शेष राशि का उपयोग भविष्य की संभावित रणनीतिक पहलों, अधिग्रहणों और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
पहले थी ₹1,200 करोड़ की योजना, बाद में हुआ बदलाव
हीरो मोटर्स ने इस आरंभिक सार्वजनिक निर्गम की प्रक्रिया के तहत जून 2025 में बाजार नियामक के पास अपना डीएचआरपी यानी ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस दाखिल किया था। उस शुरुआती दौर में कंपनी की योजना बाजार से कुल ₹1,200 करोड़ जुटाने की थी, जिसमें ₹800 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹400 करोड़ का ओएफएस शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया था। हालांकि बाद में कंपनी प्रबंधन ने अपनी रणनीति में संशोधन करते हुए फ्रेश इश्यू के आकार को घटाकर ₹600 करोड़ कर दिया। इसी बदलाव के परिणामस्वरूप कुल आईपीओ का आकार घटकर ₹1,000 करोड़ पर आ गया और साथ ही ओएफएस की आंतरिक संरचना में भी जरूरी फेरबदल किए गए।
वैश्विक दिग्गजों को तकनीकी समाधान देती है कंपनी
हीरो मोटर्स दुनिया भर की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए आधुनिक पावरट्रेन से जुड़े प्रोडक्ट्स और अत्याधुनिक टेक्निकल सॉल्यूशन विकसित करती है। कंपनी का कारोबार केवल देश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अमेरिका, यूरोप, भारत और आसियान क्षेत्रों में कई बड़े ऑटो ओईएम ग्राहकों को अपनी सेवाएं प्रदान करती है। इसके प्रमुख और प्रतिष्ठित वैश्विक ग्राहकों में बीएमडब्ल्यू एजी, डुकाटी मोटर होल्डिंग, एनवियोलो इंटरनेशनल, फॉर्मूला मोटरस्पोर्ट और हमिंगबर्ड ईवी जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं, जो इसके उत्पादों पर भरोसा करती हैं।
23 सितंबर को बाजार में होगी शेयरों की लिस्टिंग
इस पूरी प्रक्रिया के बाद कंपनी के शेयरों की शेयर बाजार में आधिकारिक लिस्टिंग 23 सितंबर को होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस बड़े वित्तीय निर्गम को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, डैम कैपिटल एडवाइजर्स और जेएम फाइनेंशियल को बुक-रनिंग लीड मैनेजर की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज इस पूरे इश्यू का रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है। निवेशकों को इस इश्यू के जरिए ऑटो सेक्टर की एक मजबूत कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने का शानदार मौका मिल रहा है।



















