उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस लगातार सख्त कदम उठा रही है। इसी क्रम में अंकुर विहार थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ की एक बड़ी घटना सामने आई है, जिसमें पुलिस ने दो शातिर अपराधियों को दबोच लिया। यह कार्रवाई उस दौरान हुई जब पुलिस इलाके में संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की सघन जांच कर रही थी। पकड़े गए दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी है, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया जाल
पुलिस को बीते 9 सितंबर को एक खास सूचना मिली थी, जिसमें सुंदर विहार और सहदुल्लाबाद इलाके में हाल ही में घरों के ताले तोड़कर हुई चोरियों में शामिल बदमाशों की गतिविधि के बारे में बताया गया था। इस इनपुट के आधार पर पुलिस ने इलाके में अपनी चौकसी और चेकिंग अभियान को काफी तेज कर दिया था। रामलीला मैदान और गढ़ी कटैया मार्ग पर जब पुलिसकर्मियों ने वाहनों की जांच पड़ताल शुरू की, तो पैशन प्रो बाइक पर सवार दो संदिग्ध व्यक्ति वहां से गुजरते हुए दिखाई दिए।
पुलिस पर की गई फायरिंग और जवाबी कार्रवाई
जब खाकी वर्दी पहने जवानों ने दोनों संदिग्धों को रुकने का इशारा किया, तो वे घबरा गए और अपनी पहचान छिपाने तथा बचने के लिए पुलिस दल पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों का इरादा पुलिसकर्मियों को जान से मारने का था। इस अचानक हुए हमले के बाद पुलिस ने भी मोर्चा संभाला और आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस कार्रवाई में दोनों संदिग्धों के पैरों में गोलियां लगीं, जिससे वे आगे भागने में असमर्थ हो गए और पुलिस ने उन्हें मौके पर ही धर दबोचा।
लाखों के सामान और अवैध हथियारों की बरामदगी
मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान आकिब और ध्यान सिंह के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि आकिब पुत्र यामीन मूल रूप से मेरठ के लिसाड़ी गांव और हाल में सोनीपत के मडौरा गांव का रहने वाला है, जबकि ध्यान सिंह पुत्र जुगराज मैनपुरी के मधूपुर का निवासी है। तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी किए गए 4700 रुपये नकद, कीमती ज्वेलरी, दो अवैध तमंचे.315 बोर, दो जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल होने वाले कई औजार बरामद किए हैं।
स्वीकारी चोरी की बात और फरार साथियों की तलाश
पकड़े गए बदमाशों ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि वे 7 सितंबर को हुई चोरी की वारदात में पूरी तरह शामिल थे। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उनके इस आपराधिक गिरोह में दो अन्य साथी भी शामिल हैं, जो फिलहाल पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
दोनों आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि दोनों बदमाशों के खिलाफ पहले से ही कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं। आकिब के विरुद्ध अंकुर विहार थाने में नकबजनी और दिल्ली में लूट का मामला दर्ज है। वहीं, ध्यान सिंह के खिलाफ अंकुर विहार में नकबजनी, दिल्ली में हत्या का प्रयास और एनडीपीएस एक्ट के साथ-साथ मेरठ में पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस उनके बाकी आपराधिक इतिहास की भी गहराई से जांच कर रही है।





















