जालोर में नगर परिषद चुनाव के दौरान मतदान प्रक्रिया के बीच वार्ड संख्या 33 में राजनीतिक सरगर्मी तब बढ़ गई जब कांग्रेस और भाजपा के उम्मीदवारों और उनके समर्थकों के बीच गंभीर विवाद पैदा हो गया। इस झड़प के बाद माहौल इतना गरमा गया कि कांग्रेस प्रत्याशी पवन दवे ने अपनी नाराजगी जताते हुए देर रात पुलिस अधीक्षक आवास के बाहर ही डेरा डाल दिया और अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी और उनके एजेंट पर सीधे तौर पर मारपीट करने का आरोप मढ़ते हुए तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। इस बीच प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और वहां विरोध प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस प्रत्याशी तथा उनके तमाम समर्थकों को जबरन वहां से उठाकर थाने ले आई, जहां मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
मतदान केंद्र के बाहर हुआ था विवाद
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत मतदान के दौरान मतदान केंद्र के ठीक बाहर हुई थी। कांग्रेस प्रत्याशी पवन दवे का ऐसा आरोप है कि जब वे वार्ड 33 में मतदान प्रक्रिया का जायजा ले रहे थे, तभी वहां मौजूद भाजपा प्रत्याशी जय सिंह के एजेंट ने उनका हाथ पकड़ लिया। इसके तुरंत बाद ही भाजपा प्रत्याशी की तरफ से उनके साथ हाथापाई और मारपीट की गई। पवन दवे का कहना है कि इस घटना के तुरंत बाद उन्होंने स्थानीय पुलिस अधिकारियों को पूरे मामले की पूरी जानकारी दी थी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन उनकी शिकायत पर पुलिस की तरफ से कोई भी अपेक्षित और ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे आहत होकर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
पुलिस अधीक्षक आवास के बाहर रातभर चला धरना
प्रशासन की तरफ से कोई त्वरित कार्रवाई न किए जाने से नाराज होकर कांग्रेस प्रत्याशी अपने दर्जनों समर्थकों के साथ सीधे रात के वक्त पुलिस अधीक्षक आवास के बाहर जा पहुंचे। वहां पहुंचते ही उन्होंने सड़क पर बैठकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनके साथ मौजूद समर्थकों ने भी इस घटना में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की जोरदार मांग उठाई। काफी देर तक जब यह हाईवोल्टेज प्रदर्शन चलता रहा, तब जाकर पुलिस महकमे में हलचल हुई और कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों को समझाने और मामला शांत करने का काफी प्रयास किया, लेकिन जब बात नहीं बनी तो पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कांग्रेस प्रत्याशी और उनके समर्थकों को हिरासत में लेकर थाने पहुंचा दिया। दूसरी तरफ इस पूरे मामले में दूसरे पक्ष यानी भाजपा उम्मीदवार की तरफ से भी अपनी सफाई पेश की गई है और आरोपों पर अपना पक्ष रखा गया है, जिसके आधार पर पुलिस अब दोनों पक्षों की शिकायतों की गहराई से छानबीन कर रही है।
पुलिस दोनों पक्षों के बयानों की कर रही है जांच
नगर परिषद चुनाव के दौरान मतदान केंद्र के बाहर हुए इस अप्रत्याशित विवाद के बाद पूरे इलाके का राजनीतिक माहौल काफी गरम हो गया है। दोनों ही राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की तरफ से अपने-अपने पक्ष में अलग-अलग दावे पेश किए जा रहे हैं, जिसके चलते पुलिस के सामने असल स्थिति का पता लगाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। पुलिस महकमा मतदान केंद्र के आसपास मौजूद चश्मदीदों, स्थानीय लोगों और घटना से जुड़े तमाम पक्षों से सिलसिलेवार जानकारी जुटा रहा है। कोतवाली पुलिस के अधिकारियों का यह कहना है कि मामले की गहन जांच अभी जारी है और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इस पूरे विवाद की असली वजह और मारपीट के आरोपों की सच्चाई खुलकर सामने आ सकेगी। फिलहाल पुलिस दोनों ही पक्षों की तरफ से दी गई लिखित शिकायतों, बयानों और मौके पर मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है ताकि चुनाव के दौरान शांति व्यवस्था कायम रखी जा सके।





















