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सिरमौर में पांच साल की आर्या का पांच दिन बाद भी नहीं चला पता, एनडीआरएफ का सर्च ऑपरेशन खत्महिमाचल प्रदेश
10 सित॰ 2026, 10:09 am (59 मिनट पहले)· 3

सिरमौर में पांच साल की आर्या का पांच दिन बाद भी नहीं चला पता, एनडीआरएफ का सर्च ऑपरेशन खत्म

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से पांच दिन पहले लापता हुई पांच साल की आर्या का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। लगातार तलाश के बाद एनडीआरएफ ने सर्च ऑपरेशन बंद कर दिया है, जबकि पुलिस मामले की जांच कर रही है।

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के संगड़ाह उपमंडल के अंतर्गत आने वाली लाना चेता पंचायत के देवना गांव से रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हुई पांच साल की बच्ची आर्या का पांच दिन बीत जाने के बाद भी कोई अता-पता नहीं चल पाया है। बच्ची की तलाश में जुटी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी एनडीआरएफ की टीम ने तमाम कोशिशों के बाद बुधवार देर शाम अपना सर्च अभियान समाप्त कर दिया है। लगातार चार दिनों से चलाए जा रहे व्यापक तलाशी अभियानों के बेनतीजा रहने से पीड़ित परिवार के साथ-साथ पूरे इलाके के ग्रामीणों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।

चौदह से पंद्रह किलोमीटर के दायरे में खंगाले गए इलाके

प्रशासन और बचाव दलों ने देवना गांव से करीब चौदह से पंद्रह किलोमीटर के बड़े दायरे में सघन तलाशी अभियान चलाया था। बचाव दल ने इस दौरान इलाके की तमाम खड्डों, नालों और अन्य सभी संभावित ठिकानों को बारीकी से खंगाला। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए खोजबीन का दायरा बढ़ाते हुए गिरी नदी तक तलाश की गई। नदी के किनारों और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों में भी गोताखोरों और रेस्क्यू टीमों ने पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन किसी भी छोर से बच्ची के बारे में कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा।

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प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई जारी

सिरमौर की उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि एनडीआरएफ के जवानों ने बच्ची को खोजने के लिए हरसंभव स्थान पर अपनी पूरी कोशिश की। हालांकि, इस व्यापक अभियान के दौरान टीम को कोई सफलता नहीं मिल पाई और कोई भी अहम सुराग नहीं तलाश जा सका। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले की स्थानीय पुलिस द्वारा बहुत ही गहराई से तफ्तीश की जा रही है ताकि जल्द से जल्द सच्चाई का पता लगाया जा सके और बच्ची का कोई सुराग मिल सके।

घर के आंगन से खेलते हुए हुई थी गायब

यह पूरी घटना बीते रविवार की है जब पांच साल की आर्या अपने घर के आंगन में खेल रही थी। शाम को करीब चार बजे वह अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। बाद में तलाश के दौरान बच्ची के जूते एक नाले के किनारे के पास बरामद किए गए थे। एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर नफीस खान ने मीडिया को बताया कि उनकी टीम ने गांव से चौदह से पंद्रह किलोमीटर दूर तक, तमाम खड्डों और गिरी नदी के मुहानों तक हर संभावित जगह पर सर्च ऑपरेशन चलाया, मगर बच्ची का कहीं कोई सुराग नहीं मिला। इसी के चलते फिलहाल सर्च अभियान को बंद कर दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक यह बात पूरी तरह पुख्ता नहीं हो पाई है कि बच्ची पानी में बही है या नहीं।

सवाल-जवाब

आर्या किस जिले से लापता हुई है?
आर्या हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के संगड़ाह उपमंडल से लापता हुई है।
बच्ची कब लापता हुई थी?
बच्ची बीते रविवार को शाम करीब चार बजे घर के आंगन से लापता हुई थी।
सर्च ऑपरेशन किस टीम ने चलाया था?
बच्ची की तलाश के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी एनडीआरएफ की टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया था।
सर्च ऑपरेशन कब बंद किया गया?
चार दिनों की असफल तलाश के बाद बुधवार देर शाम को एनडीआरएफ ने सर्च ऑपरेशन बंद कर दिया।
तलाशी के दौरान क्या कोई सामान मिला था?
तलाश के दौरान बच्ची के जूते एक नाले के किनारे के पास बरामद किए गए थे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·30 मिनट पहले

सिरमौर में पांच साल की आर्या के मामले में एनडीआरएफ का सर्च ऑपरेशन समाप्त होना और बच्ची का पांच दिन बाद भी कोई सुराग न मिलना गंभीर चिंता का विषय है। घर के आंगन से खेलने के दौरान गायब होने और नाले के पास जूते मिलने के बावजूद पानी में बहने की पुष्टि नहीं होना जांच को एक पहेली बनाता है। अब स्थानीय पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती तकनीकी सर्विलांस, मानव खुफिया जानकारी और संदिग्धों से पूछताछ के जरिए यह पता लगाना है कि यह महज दुर्घटना थी या किसी आपराधिक साजिश का हिस्सा।

Rohan Verma@rohan-verma·29 मिनट पहले

एनडीआरएफ द्वारा अभियान समाप्त किए जाने के बाद अब सारा दारोमदार स्थानीय पुलिस की तकनीकी सर्विलांस और जमीनी जांच पर टिक गया है। जिस तरह बच्ची के जूते नाले के पास मिले लेकिन पानी में बहने की पुष्टि नहीं हुई, उससे इस मामले में आपराधिक एंगल से गहराई से छानबीन की आवश्यकता बढ़ जाती है। यदि जल्द कोई सुराग नहीं मिला, तो यह केस पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

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