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सीजीपीएससी भर्ती गड़बड़ी मामले में पूर्व ओएसडी चेतन बोरघरिया गिरफ्तार, ईडी को मिली छह दिन की कस्टडीछत्तीसगढ़
11 सित॰ 2026, 10:27 pm (13 दिन पहले)· 0

सीजीपीएससी भर्ती गड़बड़ी मामले में पूर्व ओएसडी चेतन बोरघरिया गिरफ्तार, ईडी को मिली छह दिन की कस्टडी

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग भर्ती मामले में कार्रवाई करते हुए ईडी ने बलरामपुर-रामानुजगंज के एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघरिया को गिरफ्तार कर अदालत से छह दिनों की रिमांड पर लिया है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ के चर्चित सीजीपीएससी परीक्षा घोटाले की जांच में बड़ी सफलता हासिल करते हुए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी चेतन बोरघरिया को गिरफ्तार किया है। वे वर्तमान में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में एडिशनल कलेक्टर के पद पर तैनात हैं और इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल के दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय में अधिकारी (OSD) के रूप में कार्य कर चुके हैं। गिरफ्तारी के तुरंत बाद ईडी ने आरोपी अधिकारी को रायपुर स्थित विशेष अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से न्यायालय ने विस्तृत पूछताछ के लिए उन्हें छह दिनों की ईडी रिमांड पर भेज दिया है।

डिजिटल साक्ष्यों और व्हाट्सएप बातचीत के आधार पर कार्रवाई

जांच एजेंसी द्वारा अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों के अनुसार, इस पूरे मामले में चेतन बोरघरिया और एक अन्य मुख्य आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर के बीच हुए संदिग्ध वित्तीय लेन-देन तथा बातचीत के प्रमाण मिले हैं। दोनों के बीच हुई व्हाट्सएप चैट से कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं जो भर्ती प्रक्रिया में अनुचित लाभ पहुंचाने और पैसों के आदान-प्रदान की ओर इशारा करते हैं। इसी डिजिटल सबूत को मुख्य आधार बनाकर ईडी की कानूनी टीम ने कोर्ट से कस्टडी की मांग की थी, ताकि घोटाले की तह तक जाकर इस वित्तीय नेटवर्क को बेनकाब किया जा सके।

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वर्ष 2021 और 2022 की परीक्षाओं से जुड़ा है विवाद

यह पूरा प्रकरण वर्ष 2021 और वर्ष 2022 में आयोजित छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा से संबंधित है, जिसमें कुल 171 विभिन्न प्रशासनिक पदों पर सीधी भर्ती निकाली गई थी। उस दौरान राज्य में कांग्रेस पार्टी की सरकार सत्ता में थी और भूपेश बघेल मुख्यमंत्री का पद संभाल रहे थे, जबकि टामन सिंह सोनवानी आयोग के अध्यक्ष पद पर आसीन थे। इन परीक्षाओं के परिणाम घोषित होने के बाद भर्ती प्रक्रिया में भारी अनियमितता, प्रश्नपत्र लीक, स्वजन पक्षपात और अभ्यर्थियों के चयन में रसूखदारों के रिश्तेदारों को प्राथमिकता देने के गंभीर आरोप सामने आए थे।

व्यापक पूछताछ से सामने आ सकते हैं बड़े प्रशासनिक चेहरे

ईडी के अधिकारियों का मानना है कि छह दिनों की रिमांड अवधि के दौरान चेतन बोरघरिया से गहन पूछताछ की जाएगी। इस दौरान यह पता लगाने का प्रयास होगा कि अभ्यर्थियों के चयन के लिए किस प्रकार का दबाव बनाया जाता था और किस माध्यम से रुपयों का लेन-देन पूरा किया जाता था। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और अभ्यर्थियों में इस भर्ती को लेकर लंबे समय से गहरा आक्रोश व्याप्त था, क्योंकि योग्य तथा कठोर परिश्रम करने वाले परीक्षार्थियों की अनदेखी कर पहुंच वाले लोगों के करीबियों का चयन किया गया था। प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हुई इस नई गिरफ्तारी के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि जांच का दायरा अब आयोग के शीर्ष पदाधिकारियों और तात्कालिक शासन व्यवस्था के वरिष्ठ तंत्र तक पहुंच चुका है।

सवाल-जवाब

ईडी ने किस अधिकारी को गिरफ्तार किया है और वे किस पद पर कार्यरत थे?
ईडी ने चेतन बोरघरिया को गिरफ्तार किया है, जो वर्तमान में बलरामपुर-रामानुजगंज के एडिशनल कलेक्टर हैं और पूर्व में मुख्यमंत्री कार्यालय में ओएसडी रह चुके हैं।
चेतन बोरघरिया को कितने दिनों की रिमांड पर भेजा गया है?
रायपुर की विशेष अदालत ने पूछताछ के लिए चेतन बोरघरिया को छह दिनों की ईडी रिमांड पर सौंपा है।
सीजीपीएससी घोटाला किन परीक्षाओं से संबंधित है?
यह मामला वर्ष 2021 और 2022 में 171 पदों के लिए आयोजित सीजीपीएससी राज्य सेवा परीक्षा से जुड़ा हुआ है।
ईडी ने अदालत से रिमांड मांगने का मुख्य आधार क्या बनाया?
ईडी ने चेतन बोरघरिया और सह-आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर के बीच हुई संदिग्ध व्हाट्सएप चैट और पैसों के लेन-देन को रिमांड का मुख्य आधार बनाया।
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