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छत्तीसगढ़ के एक गांव में चार महीने तक चलीं रहस्यमयी मौतें, किराना दुकानदार निकला आठ हत्याओं का गुनहगारछत्तीसगढ़
24 जून 2026, 8:15 am (81 दिन पहले)· 2

छत्तीसगढ़ के एक गांव में चार महीने तक चलीं रहस्यमयी मौतें, किराना दुकानदार निकला आठ हत्याओं का गुनहगार

बलौदाबाजार-भाटापारा के खर्वे गांव में फरवरी से 14 मई के बीच आठ लोगों की जहर देकर हत्या के आरोप में 46 वर्षीय किराना दुकानदार रामसहाय जायसवाल गिरफ्तार। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने शराब में जहर मिलाकर एक-एक कर लोगों को मौत के घाट उतारा।

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले का खर्वे गांव चार महीने तक एक के बाद एक होती मौतों से दहशत में रहा, और अब पुलिस ने इस पूरी साजिश के पीछे गांव के ही एक किराना दुकानदार को पकड़ा है। मंगलवार को कसडोल थानाक्षेत्र के इस गांव से 46 वर्षीय रामसहाय जायसवाल को आठ लोगों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि इस साल फरवरी से 14 मई के बीच गांव में आठ लोगों को कथित तौर पर जहर देकर मार डाला गया।

मामला तब खुला जब छह जून को खर्वे गांव के लोगों ने पुलिस के पास एक आवेदन लेकर पहुंचकर बताया कि फरवरी से 14 मई के बीच गांव में आठ लोगों की मौत संदिग्ध हालात में हुई है। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर गांव के ही रामसहाय जायसवाल पर शक जताया। इसके बाद जांच ने रफ्तार पकड़ी।

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सात शव कब्र से निकाले गए

पुलिस ने सात मृतकों के शव कब्र से बाहर निकलवाकर रायपुर के डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल भिजवाए, जहां उनका पोस्टमार्टम कराया गया। फॉरेंसिक जांच के लिए मृतकों के डीएनए, विसरा और दूसरे नमूने सुरक्षित रख लिए गए हैं। एक मृतक बुधराम जायसवाल का अंतिम संस्कार परिजन पहले ही कर चुके थे, इसलिए उसका शव नहीं निकाला जा सका।

जांच में सामने आया कि आरोपी ने गांव के ही एक व्यक्ति से चूहा मारने की दवा बताकर सुहागा यानी जहर हासिल किया था। ग्रामीणों से पूछताछ और तकनीकी सबूतों के आधार पर पुलिस ने रामसहाय को घेरे में लिया और उससे पूछताछ शुरू की।

पहले कुत्ते पर आजमाया, फिर इंसानों पर

पुलिस के मुताबिक आरोपी ने सबसे पहले एक कुत्ते को जहर खिलाकर देखा कि इसका असर कैसा होता है। इसके बाद छह फरवरी को उसने गांव के बद्री को शराब में जहर मिलाकर पिला दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। यहीं से मौतों का सिलसिला शुरू हुआ।

इसके बाद रामसहाय ने 20 फरवरी को बुठालु, 12 मार्च को छत्तु राम, 20 मार्च को बुधराम, 31 मार्च को विनोद कुमार, 28 अप्रैल को गजानंद, 29 अप्रैल को चैतूराम और 14 मई को महेतरू राम को इसी तरह जहरीली शराब पिलाकर मौत के घाट उतार दिया। एक और व्यक्ति इस साजिश से बाल-बाल बचा। 14 अप्रैल को गांव के कार्तिक को भी आरोपी ने जहर मिली शराब पिलाई थी, लेकिन तबीयत बिगड़ते ही परिजन उसे अस्पताल ले गए और उसकी जान बच गई।

शक से बचने के लिए अंतिम संस्कार में भी शामिल होता था

हैरान करने वाली बात यह है कि किसी को उस पर शक न हो, इसके लिए आरोपी खुद मृतकों को अस्पताल ले जाने और उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने का दिखावा करता था। पूछताछ में रामसहाय ने कबूल किया कि पुरानी रंजिश, छोटी-छोटी बातों के विवाद, गाली-गलौज, किसी के चरित्र पर शक और टोना-टोटका जैसी वजहों से उसने शराब में जहर मिलाकर आठ लोगों की हत्या की और एक की हत्या की कोशिश की।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के आठ और हत्या के प्रयास का एक मामला दर्ज किया है। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद मामले में और कड़ियां जुड़ने की उम्मीद है।

सवाल-जवाब

आरोपी कौन है और उसे कब गिरफ्तार किया गया?
आरोपी 46 वर्षीय किराना दुकानदार रामसहाय जायसवाल है, जिसे मंगलवार को गिरफ्तार किया गया।
यह घटना कहां हुई?
यह घटना छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के कसडोल थानाक्षेत्र के खर्वे गांव की है।
कितने लोगों की हत्या हुई और किस तरीके से?
फरवरी से 14 मई के बीच आठ लोगों की शराब में जहर मिलाकर हत्या की गई और एक व्यक्ति की हत्या का प्रयास किया गया।
मामला कैसे सामने आया?
छह जून को खर्वे गांव के लोगों ने पुलिस को आवेदन देकर संदिग्ध मौतों की जानकारी दी और रामसहाय जायसवाल पर शक जताया।
आरोपी ने हत्या की वजह क्या बताई?
पूछताछ में उसने पुरानी रंजिश, छोटी-छोटी बातों के विवाद, गाली-गलौज, चरित्र पर शक और टोना-टोटका जैसी वजहें बताईं।
जांच में अब तक क्या किया गया है?
सात मृतकों के शव कब्र से निकालकर रायपुर के डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया और डीएनए, विसरा व अन्य नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखे गए हैं।
क्या कोई व्यक्ति बच भी गया?
हां, 14 अप्रैल को कार्तिक को जहरीली शराब पिलाई गई थी, लेकिन परिजन उसे अस्पताल ले गए जिससे उसकी जान बच गई।
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