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छत्तीसगढ़ के पेंड्रा-गौरेला-मरवाही में जहरीले नाग से स्टंट करने वाला संतराम भैना डसे जाने के बाद अस्पताल से हुआ फरारछत्तीसगढ़
20 अग॰ 2026, 8:21 pm (35 दिन पहले)· 2

छत्तीसगढ़ के पेंड्रा-गौरेला-मरवाही में जहरीले नाग से स्टंट करने वाला संतराम भैना डसे जाने के बाद अस्पताल से हुआ फरार

छत्तीसगढ़ के पेंड्रा-गौरेला-मरवाही जिले के भदौरा गांव में शराब के नशे में एक ग्रामीण जहरीले सांप को गले में डालकर घूमता रहा। सांप के बार-बार डसने से तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से वह इलाज के बीच में ही रहस्यमय तरीके से गायब हो गया।

छत्तीसगढ़ राज्य के पेंड्रा-गौरेला-मरवाही जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां गौरेला थाना क्षेत्र स्थित भदौरा गांव में एक ग्रामीण ने जहरीले सांप को पकड़कर अपने गले में लपेट लिया। कथित तौर पर शराब के नशे में धुत इस व्यक्ति को सांप ने कई बार डसा। शरीर में जहर फैलने और तबीयत बिगड़ने पर स्थानीय निवासियों ने उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि वह इलाज के दौरान ही अस्पताल परिसर से चुपचाप भाग निकला। फिलहाल परिजन और ग्रामीण उसकी सरगर्मी से तलाश कर रहे हैं।

पड़ोसी के घर में घुसा था जहरीला सांप, नशे में गले में लपेटा

घटना के संबंध में मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार, भदौरा गांव में एक निवासी के घर के अंदर अचानक एक अत्यंत विषैला सांप दाखिल हो गया था। इसी बीच संतराम भैना नाम का ग्रामीण वहां पहुंच गया। चश्मदीदों के अनुसार संतराम अत्यधिक शराब के नशे में था और उसने बिना किसी भय के उस विषैले सांप को अपने हाथों से पकड़ लिया। इसके बाद वह सांप को माला की तरह अपने गले में लपेटकर गांव की गलियों और मोहल्लों में बेखौफ घूमने लगा। उसकी इस खतरनाक हरकत को देखकर गांव में हड़कंप मच गया।

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अस्पताल पहुंचते ही इलाज के बीच से हुआ गायब

सांप को गले में लपेटकर घूमने के इस खतरनाक दुस्साहस के दौरान नाग ने संतराम को एक के बाद एक कई स्थानों पर डस लिया। कुछ ही समय में सांप का घातक जहर उसके शरीर में फैलने लगा और उसकी शारीरिक स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी। उसकी बिगड़ती हालत को देखकर आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत उसे उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टर जब उसका प्राथमिक इलाज कर रहे थे, तभी संतराम अचानक मौका पाकर अस्पताल से नदारद हो गया। उसके इस प्रकार गायब होने के बाद परिजनों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है और वे संभावित स्थानों पर उसकी खोजबीन कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो और डॉक्टरों की सलाह

इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें संतराम भैना गले में जहरीले सांप को लपेटकर गलियों में घूमता हुआ दिखाई दे रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद समूचे इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं, मामले पर संज्ञान लेते हुए चिकित्सा विशेषज्ञों ने आम जनता को सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी है। चिकित्सकों का कहना है कि किसी भी जहरीले जीव या सांप के साथ छेड़छाड़ करना और उसे पकड़ने का जोखिम उठाना जानलेवा साबित हो सकता है। सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक, टोने-टोटके या पारंपरिक घरेलू नुस्खों में कीमती समय बर्बाद करने के बजाय पीड़ित व्यक्ति को अविलंब निकटतम अस्पताल ले जाना चाहिए ताकि समय पर एंटी-वेनम दिया जा सके।

सवाल-जवाब

यह घटना छत्तीसगढ़ के किस जिले और गांव की है?
यह घटना छत्तीसगढ़ के पेंड्रा-गौरेला-मरवाही जिले के गौरेला थाना क्षेत्र स्थित भदौरा गांव की है।
सांप को गले में लपेटने वाले व्यक्ति का नाम क्या है?
सांप को गले में लपेटकर घूमने वाले ग्रामीण का नाम संतराम भैना है।
सांप काटने के बाद संतराम अस्पताल से कहां गायब हुआ?
ग्रामीणों ने तबीयत बिगड़ने पर संतराम को अस्पताल में भर्ती कराया था, लेकिन वह प्राथमिक उपचार के दौरान ही अस्पताल से रहस्यमय तरीके से फरार हो गया।
सर्पदंश होने पर डॉक्टरों ने क्या सलाह दी है?
चिकित्सकों ने सलाह दी है कि सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक या घरेलू इलाज में समय न गंवाएं, बिना देर किए तुरंत अस्पताल पहुंचें और कभी भी सांप को पकड़ने का प्रयास न करें।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Pooja Bhatt@pooja-bhatt·35 दिन पहले

यह घटना सार्वजनिक स्वास्थ्य और सर्पदंश प्रबंधन के प्रति गंभीर लापरवाही को दर्शाती है। अत्यधिक शराब के सेवन से न केवल व्यक्ति की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ती है, बल्कि अस्पताल से इलाज बीच में छोड़कर भागना जहर के प्रभाव को और घातक बना सकता है। देश के ग्रामीण इलाकों में वन्यजीवों के प्रति जागरूकता और एंटी-वेनम चिकित्सा की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य शिक्षा अभियान चलाने की सख्त आवश्यकता है, ताकि इस तरह के अंधविश्वास और जानलेवा स्टंट रोके जा सकें।

Arjun Mehta@arjun-mehta·35 दिन पहले

यह घटना ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य शिक्षा के गंभीर संकट और प्रशासनिक पहुंच की कमी को उजागर करती है। शराब के नशे में इस तरह का जोखिम न केवल जनस्वास्थ्य नीति की विफलता है, बल्कि यह अंधविश्वास और चिकित्सा जागरूकता के अभाव का भी परिणाम है। ऐसे मामलों में केवल वीडियो वायरल होने से स्थिति नहीं सुधरेगी, बल्कि जमीनी स्तर पर सख्त जनजागरूकता अभियानों की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

Ravikash Gupta@ravikash·35 दिन पहले

यह घटना केवल एक सनसनीखेज वायरल वीडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने में गहरी जड़ों तक फैली अशिक्षा और कुप्रथाओं की ओर इशारा करती है। जब तक जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य साक्षरता और डिजिटल जागरूकता का प्रसार नहीं होगा, तब तक इस तरह के जोखिम भरे कृत्यों से होने वाली जानमाल की क्षति को रोकना प्रशासनिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर एक बड़ी चुनौती बना रहेगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·35 दिन पहले

यह घटना सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिहाज से गंभीर लापरवाही को दर्शाती है। शराब के नशे में इस तरह का स्टंट न केवल व्यक्ति की जान के लिए घातक है, बल्कि यह अस्पताल से फरार होकर संक्रमण या जहर के प्रसार का बड़ा खतरा भी पैदा करता है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन को ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए ताकि वन्यजीव अधिनियम के उल्लंघन और सार्वजनिक उपद्रव पर रोक लग सके।

Rohan Verma@rohan-verma·35 दिन पहले

करण मल्होत्रा के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए यह समझना आवश्यक है कि ऐसे मामलों में प्रशासनिक संवेदनशीलता और जन-जागरूकता का अभाव ग्रामीण क्षेत्रों में किस हद तक घातक सिद्ध हो सकता है। नशे की हालत में वन्यजीवों के साथ इस तरह के जानलेवा स्टंट और फिर सर्पदंश के बाद अस्पताल से फरार होना न केवल उस व्यक्ति की जान को अनिश्चितता के अंधकार में धकेल देता है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन के समक्ष भी एक बड़ी चुनौती पेश करता है। यदि समय रहते इस व्यक्ति को ढूंढकर चिकित्सीय निगरानी में नहीं लाया गया, तो यह लापरवाही एक बड़ी त्रासदी का रूप ले सकती है।

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