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चुनावी मुद्दों पर राहुल गांधी से नहीं मिलेंगे सीजेआई सूर्यकांत, शीर्ष अदालत में विचाराधीन मामलों का दिया हवालाभारत
11 अक्तू॰ 2026, 11:06 pm (3 घंटे पहले)· 0

चुनावी मुद्दों पर राहुल गांधी से नहीं मिलेंगे सीजेआई सूर्यकांत, शीर्ष अदालत में विचाराधीन मामलों का दिया हवाला

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के मुलाकात अनुरोध को ठुकराते हुए कहा कि विचाराधीन मामलों पर ऐसी बैठक उचित नहीं है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मिलने की कोशिश पर विराम लग गया है। कांग्रेस नेता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े मसलों पर विमर्श के लिए सोमवार को समय मांगा था। हालांकि, प्रधान न्यायाधीश ने इस अनुरोध को स्वीकार करने से मना कर दिया और आधिकारिक ईमेल संदेश के जरिए अपनी स्थिति साफ कर दी।

मुलाकात से इनकार की संवैधानिक वजहें

चीफ जस्टिस ने भेजे गए जवाब में स्पष्ट किया कि जिन विषयों पर चर्चा का प्रस्ताव रखा गया है, वे पहले से ही सुप्रीम कोर्ट की न्यायिक प्रक्रिया के तहत विचाराधीन हैं। ऐसी परिस्थिति में प्रशासनिक या व्यक्तिगत स्तर पर संवाद करना उपयुक्त नहीं होगा। उन्होंने संवैधानिक मर्यादा का हवाला देते हुए रेखांकित किया कि सर्वोच्च अदालत प्रशासनिक तंत्र के दैनिक कामकाज में सीधे दखल नहीं दे सकती। इसके बावजूद, नेताओं अथवा नागरिकों को यह पूरा अधिकार हासिल है कि वे अपने मौलिक अधिकारों के संरक्षण के लिए न्यायिक मंच पर याचिका दाखिल कर न्याय की गुहार लगाएं।

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मंगलवार की अदालती सुनवाई का विकल्प

सीजेआई ने अपने पत्राचार में यह भी ध्यान दिलाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित याचिकाएं मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए पहले से ही सूचीबद्ध हैं। यदि विपक्षी दल या उनके नेता इन मुद्दों पर कोई राहत चाहते हैं, तो वे औपचारिक तौर पर अदालत के समक्ष याचिका प्रस्तुत कर सकते हैं। न्यायालय उन याचिकाओं को पहले से सूचीबद्ध मामलों के साथ जोड़कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत विचार करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र रहेगा।

सवाल-जवाब

राहुल गांधी ने चीफ जस्टिस से मिलने का समय क्यों मांगा था?
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े मसलों पर विमर्श के लिए सोमवार का समय मांगा था।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने मुलाकात के अनुरोध को क्यों ठुकराया?
उन्होंने आधिकारिक ईमेल में स्पष्ट किया कि जिन मुद्दों पर चर्चा मांगी गई है, वे पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं।
प्रशासनिक हस्तक्षेप पर सीजेआई का क्या रुख रहा?
सीजेआई ने स्पष्ट किया कि संवैधानिक ढांचे के तहत सुप्रीम कोर्ट प्रशासनिक स्तर पर सरकार के कामकाज में दखल नहीं दे सकता।
विपक्षी नेताओं के पास अब क्या विकल्प उपलब्ध है?
नेता अपने मौलिक अधिकारों के तहत मंगलवार को सूचीबद्ध एसआईआर मामलों के साथ औपचारिक याचिका दायर कर सुनवाई करा सकते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Tanvi Desai@tanvi-desai·26 मिनट पहले

सीजेआई ने साफ कह दिया कि कोर्ट के मामलों पर बाहर कोई बैठक नहीं होगी, सीधे अर्जी दो।

Arjun Mehta@arjun-mehta·42 मिनट पहले

संवैधानिक मर्यादा का बहुत सही फैसला है, अदालत के बाहर ऐसी मुलाकातों से बच-बचाव ही ठीक रहता है।

Kavya Nair@kavya-nair·42 मिनट पहले

अर्जुन, आपकी बात सही है, पर क्या राजनीतिक नेताओं का इस तरह सीधे मिलना सच में कभी संभव होता है?

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

मुख्य न्यायाधीश ने ईमेल से साफ मना कर दिया, यह तरीका सही लगा।

Ravikash Gupta@ravikash·1 घंटे पहले

करण भाई, ईमेल से जवाब देना वाकई सही लगा, कम से कम बात साफ हो गई।

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