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देहरादून के सहसपुर में पानी के विवाद ने ली जान, विनोद को भीड़ ने घेरकर पीट-पीटकर मारा; इलाके में हाई अलर्ट और PAC तैनातभारत
14 जून 2026, 6:55 am (135 दिन पहले)· 20

देहरादून के सहसपुर में पानी के विवाद ने ली जान, विनोद को भीड़ ने घेरकर पीट-पीटकर मारा; इलाके में हाई अलर्ट और PAC तैनात

देहरादून के सहसपुर के पास सरकारी ट्यूबवेल से खेत में पानी डालने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद खूनी झड़प में बदल गया, जिसमें विनोद नाम के युवक की मौत हो गई और दो अन्य घायल हुए। मृतक के परिजन आरोपियों के घर बुलडोजर कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं और इलाके में देर रात तक प्रदर्शन चला।

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से सटे सहसपुर इलाके में खेत की सिंचाई के लिए पानी जैसी रोज़मर्रा की बात इतनी गंभीर बन गई कि एक युवक की जान चली गई। शुरुआत एक मामूली कहासुनी से हुई, लेकिन देखते ही देखते यह दो समुदायों के बीच हिंसक टकराव में बदल गई। इस झड़प में विनोद नाम के युवक को भीड़ ने घेर लिया और बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज अब भी चल रहा है।

कैसे एक खेत के पानी ने लिया हिंसक रूप

घटना के पीछे की पूरी कहानी पुलिस ने साझा की है। एसपी सिटी प्रमोद कुमार के मुताबिक, झड़प में शामिल दोनों पक्षों के बीच पहले से ही पुरानी रंजिश चली आ रही थी। शनिवार को विनोद और उनके भाई सरकारी ट्यूबवेल से अपने खेत में पानी पहुंचा रहे थे। पास के खेत के मालिक इम्तियाज को इस पर आपत्ति थी, और यहीं से दोनों पक्षों में विवाद भड़क उठा। इसके बाद इम्तियाज करीब दर्जनभर लोगों के साथ पहुंचा और विनोद तथा उनके भाई पर हमला बोल दिया।

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एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया, 'जिन दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई उनके बीच पुरानी रंजिश थी। शनिवार को विनोद और उनके भाई सरकारी ट्यूबवेल से अपने खेत में पानी डाल रहे थे। बगल के खेत के मालिक इम्तियाज ने आपत्ति जताई तो दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। करीब दर्जनभर लोगों के साथ इम्तियाज ने विनोद और उसके भाई पर हमला बोल दिया। हिंसक झड़प में बुरी तरह घायल विनोद की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकी उसके दो भाइयों की हालत गंभीर है।'

मौत की खबर के बाद उबल पड़ा इलाका

विनोद की मौत की खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई। आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर दूसरे पक्ष के लोग सड़क पर उतर आए और जमकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी और यह विरोध देर रात तक चलता रहा। जाम को खुलवाने और हालात को काबू में लाने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई और उत्तराखंड में 'योगी मॉडल' लागू करने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की।

परिजनों की मांग — घर टूटेंगे, तभी उठेगी डेड बॉडी

मृतक युवक के परिजन आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। उनका साफ कहना था कि जब तक आरोपियों के घर नहीं तोड़े जाएंगे, तब तक वे विनोद का शव नहीं उठाने देंगे। परिजनों ने यह भी कहा कि जब तक उनके घर में मातम है, तब तक इलाके में अजान नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने यह उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री का प्रतिनिधि आकर उन्हें जवाब देगा, और दावा किया कि उनके धामी जी भी योगी जी से कम नहीं हैं — जो काम उत्तर प्रदेश में योगी जी ने किया है, वही काम यहां धामी जी करेंगे।

विधायक मौके पर, इलाके में हाई अलर्ट

तनाव के बीच हिंदूवादी संगठन के लोग और स्थानीय विधायक मुन्ना चौहान भी घटनास्थल पर पहुंचे, जहां सभी ने पुलिस के सामने अपनी नाराज़गी जाहिर की। दो समुदायों के बीच हुई इस हिंसक झड़प को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। हालात पर काबू पाने के लिए हिंसा प्रभावित इलाके में कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है, और देर रात PAC को भी मौके पर बुला लिया गया, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

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