उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। चर्चित गुड़िया हत्याकांड की जांच के सिलसिले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। रुद्रपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के कर्मचारी आवास के भीतर हुई महिला की हत्या के मामले में लंबे समय से वांछित चल रहा आरोपी रामाशीष यादव पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में घायल हो गया है। पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, वाहन चेकिंग अभियान के दौरान आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए भागने का प्रयास किया और पुलिस बल पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इसके जवाब में पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ गोली चलाई, जो आरोपी के पैर में जा लगी। घटना के बाद पुलिस ने मौके से एक अवैध असलहा भी बरामद किया है, जिसे कब्जे में ले लिया गया है।
वाहन चेकिंग के दौरान हुई मुठभेड़ और अस्पताल में भर्ती
पुलिस विभाग से प्राप्त विवरण के अनुसार, रुद्रपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अवस्थी चौराहे पर पुलिस की एक टीम मुस्तैदी से वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान संदिग्ध अवस्था में रामाशीष यादव वहां से गुजर रहा था। जब पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की, तो उसने घबराकर भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर सीधी गोली चला दी। पुलिस ने सूझबूझ दिखाते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिससे आरोपी घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने बिना कोई देर किए उसे तुरंत उपचार के लिए महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज जारी है और उसकी हालत पर नजर रखी जा रही है।
सामने आई तीन लाख रुपये की सुपारी की बात
रामाशीष यादव रुद्रपुर सीएचसी परिसर के भीतर बने कर्मचारी आवास में हुई गुड़िया हत्याकांड के मामले में मुख्य रूप से वांछित था। इस सनसनीखेज वारदात के सामने आने के बाद से ही स्थानीय पुलिस और सर्विलांस टीमें उसकी लगातार धरपकड़ में जुटी हुई थीं। मुठभेड़ के बाद आरोपी की इस गिरफ्तारी से इस पूरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में बहुत बड़ी मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, अस्पताल में शुरुआती पूछताछ के दौरान आरोपी ने इस बात का खुलासा किया है कि इस महिला की हत्या को अंजाम देने के लिए उसे तीन लाख रुपये की भारी-भरकम सुपारी दी गई थी। अब पुलिस इस कथित सुपारी के पीछे छिपे असली चेहरों, मास्टरमाइंड और हत्या की इस गहरी साजिश से जुड़े अन्य सभी पहलुओं की गहराई से छानबीन कर रही है।
फरार साथी की तलाश और आगे की कानूनी कार्रवाई
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारी अभिजीत आर. शंकर ने मीडिया को जानकारी दी है कि मुठभेड़ के दौरान रामाशीष यादव का एक अन्य साथी मौके से फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहा। उस भागे हुए अपराधी को दबोचने के लिए पुलिस की कई विशेष टीमों का गठन किया गया है जो लगातार विभिन्न संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में कानून के मुताबिक आगे की सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब न केवल फरार चल रहे आरोपी की तलाश तेजी से कर रही है, बल्कि इस जघन्य हत्या के पीछे की पूरी साजिश और इसके नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी हुई है। जैसे-जैसे पुलिस की पूछताछ और वैज्ञानिक जांच आगे बढ़ेगी, इस प्रकरण में कई और बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।



















