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दिल्ली में 25 अक्टूबर को लगेगी लोक अदालत, पुराने ट्रैफिक चालान निपटाने का सुनहरा अवसरभारत
22 अक्तू॰ 2026, 2:06 pm (8 दिन पहले)· 1

दिल्ली में 25 अक्टूबर को लगेगी लोक अदालत, पुराने ट्रैफिक चालान निपटाने का सुनहरा अवसर

दिल्ली में वाहन चालकों के लिए पुराने और लंबित ट्रैफिक चालान का निपटारा कराने का विशेष मौका आ गया है। 25 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए टोकन डाउनलोड करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

राष्ट्रीय राजधानी के वाहन चालकों के लिए अपने लंबित ट्रैफिक चालान को खत्म करने का यह एक बेहतरीन अवसर है। दिल्ली स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, आगामी 25 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 30 जून 2026 तक के सभी योग्य और समझौते योग्य चालानों पर सुनवाई की जाएगी। हालांकि, इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए वाहन चालकों को पहले से अपनी टोकन स्लिप डाउनलोड करना अनिवार्य किया गया है। बिना टोकन के अदालत परिसर में मामलों का निपटारा कराना संभव नहीं होगा।

सात जिला अदालतों में होगा मुकदमों का निपटारा

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त निर्देशों के अनुसार, यह लोक अदालत राजधानी के कुल सात प्रमुख जिला अदालत परिसरों में एक साथ लगाई जाएगी। मामलों के व्यवस्थित संचालन के लिए अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी तय की गई है। तीस हजारी कोर्ट परिसर में उत्तर और मध्य दिल्ली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चालानों का निस्तारण किया जाएगा। वहीं, पटियाला हाउस कोर्ट में नई दिल्ली क्षेत्र के चालान देखे जाएंगे। कड़कड़डूमा कोर्ट पूर्वी दिल्ली के मामलों को संभालेगा, जबकि रोहिणी कोर्ट में उत्तर-पश्चिम दिल्ली क्षेत्र के वाहन चालकों के मामलों पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा, साकेत कोर्ट में दक्षिण दिल्ली क्षेत्र, द्वारका कोर्ट में द्वारका और उसके आसपास के इलाके तथा राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर में राउज एवेन्यू से जुड़े चालान निपटाए जाएंगे।

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टोकन स्लिप डाउनलोड करने की पूरी प्रक्रिया

ट्रैफिक पुलिस ने चालान धारकों के लिए ऑनलाइन टोकन डाउनलोड करने की सुविधा 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे से शुरू कर दी है। यह डिजिटल सुविधा 24 अक्टूबर तक उपलब्ध रहने की योजना है, लेकिन दैनिक और कुल सीमा पूरी होने की स्थिति में पोर्टल समय से पहले भी बंद किया जा सकता है। टोकन प्राप्त करने के लिए सबसे पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक लोक अदालत वेबसाइट पर जाना होगा। वहां दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बाद पोर्टल पर अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और स्क्रीन पर प्रदर्शित कैप्चा कोड दर्ज करना जरूरी है। प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा सत्यापन के लिए वाहन मालिक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक वन-टाइम पासवर्ड यानी OTP भेजा जाएगा। यदि किसी का मोबाइल नंबर वाहन के साथ पंजीकृत नहीं है, तो उसे पोर्टल पर दिए गए निर्देशों के अनुसार अपना विवरण अपडेट करना होगा। इसके बाद स्क्रीन पर दिखाई दे रहे लंबित चालानों और नोटिसों की सूची में से लोक अदालत के लिए पात्र चालान का चयन करना होता है। अंत में, सभी आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद स्लिप को डाउनलोड और प्रिंट किया जा सकता है, जिस पर संबंधित कोर्ट परिसर, कोर्ट नंबर और समय स्पष्ट रूप से अंकित होता है।

दैनिक डाउनलोड और कुल सीमा के नियम

डिजिटल ट्रैफिक पोर्टल पर भारी भीड़ और सर्वर के सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए टोकन डाउनलोड करने की एक निश्चित सीमा तय की गई है। ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया के तहत प्रतिदिन अधिकतम 50,000 चालान या नोटिस ही डाउनलोड किए जा सकेंगे। इसके अलावा, पूरे अभियान के दौरान कुल सीमा 2 लाख चालान या नोटिस की निर्धारित की गई है। इन कड़े प्रावधानों के कारण वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें, क्योंकि विलंब होने पर टोकन खत्म होने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

लोक अदालत जाते समय साथ रखें ये जरूरी दस्तावेज

निर्धारित तिथि पर अदालत परिसर में पहुंचते समय वाहन चालकों को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने साथ रखना आवश्यक है। इनमें सबसे पहले ऑनलाइन डाउनलोड की गई चालान स्लिप या टोकन का प्रिंटआउट शामिल है। इसके अलावा वाहन का मूल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट यानी RC और पहचान के रूप में आधार कार्ड या कोई अन्य वैध फोटो पहचान पत्र दिखाना पड़ सकता है। संबंधित चालान या नोटिस का पूरा विवरण भी अपने पास रखना फायदेमंद रहता है। चालकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने टोकन पर दर्ज सभी निर्देशों का सख्ती से पालन करें, क्योंकि केवल चालान स्लिप डाउनलोड कर लेना ही इस बात की गारंटी नहीं है कि चालान पूरी तरह से माफ हो जाएगा।

क्या चालान पूरी तरह माफ हो जाएंगे?

वाहन चालकों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि क्या लोक अदालत में उनके सभी चालान पूरी तरह माफ कर दिए जाएंगे। इस संबंध में यह स्पष्ट करना जरूरी है कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आपसी समझौते के माध्यम से कानूनी विवादों का त्वरित समाधान करना है। यहां पात्र मामलों का निस्तारण किया जाता है और मामले की गंभीरता के आधार पर देय राशि में राहत भी मिल सकती है, लेकिन सभी चालान पूरी तरह माफ हो जाएंगे ऐसा दावा करना सही नहीं है। इस बार केवल 30 जून 2026 तक के लंबित और कंपाउंडेबल यानी समझौता योग्य चालान ही विचार के लिए स्वीकार किए जाएंगे। जिन मामलों में अपराध गैर-समझौता योग्य श्रेणी के हैं, उन्हें इस मंच पर नहीं निपटाया जा सकता है। इसलिए वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे अदालत जाने से पहले अपने चालानों की श्रेणी और पात्रता की भली-भांति जांच कर लें।

लोक अदालत की कार्यप्रणाली और आगामी कार्यक्रम

लोक अदालत न्यायपालिका की एक वैकल्पिक प्रणाली है, जिसका उद्देश्य अदालतों में वर्षों से लंबित मुकदमों का आपसी सहमति से जल्द से जल्द निपटारा करना है। राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत देश भर की अदालतों में एक तय तारीख पर दीवानी विवाद, समझौते योग्य आपराधिक मामले और ट्रैफिक चालान जैसे प्रकरणों को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाता है। इस मंच पर मौजूद सदस्य दोनों पक्षों को आपसी सहमति बनाने में मदद करते हैं, लेकिन वे किसी भी पक्ष पर जबरन समझौता थोप नहीं सकते हैं। वर्ष 2026 के आधिकारिक कैलेंडर के अनुसार, दिसंबर महीने में भी एक और राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन प्रस्तावित है, जो शनिवार 12 दिसंबर 2026 को लगेगी। हालांकि विशेष परिस्थितियों में इसमें बदलाव भी किया जा सकता है, इसलिए 25 अक्टूबर का यह अवसर वाहन चालकों के लिए अपने पुराने मामलों को सुलझाने का सबसे सुरक्षित और उत्तम मौका है।

सवाल-जवाब

दिल्ली में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन कब किया जाएगा?
दिल्ली में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 25 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।
इस लोक अदालत में किस अवधि तक के चालान निपटाए जाएंगे?
इसमें 30 जून 2026 तक के लंबित और समझौते योग्य ट्रैफिक चालानों पर विचार किया जाएगा।
टोकन डाउनलोड करने की प्रक्रिया कब से शुरू हुई है?
टोकन डाउनलोड करने की सुविधा 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे से शुरू की गई है।
प्रतिदिन अधिकतम कितने चालान डाउनलोड किए जा सकते हैं?
पोर्टल से प्रतिदिन अधिकतम 50,000 चालान या नोटिस डाउनलोड किए जा सकते हैं।
लोक अदालत राजधानी के कितने जिला न्यायालयों में लगेगी?
यह लोक अदालत दिल्ली के सात जिला अदालत परिसरों में आयोजित की जाएगी।
क्या लोक अदालत में सभी चालान पूरी तरह माफ हो जाएंगे?
हर चालान पूरी तरह माफ हो जाएगा ऐसा दावा करना सही नहीं है, हालांकि मामलों के मुताबिक राहत मिल सकती है।
दिसंबर 2026 में अगली लोक अदालत कब लगेगी?
अगली राष्ट्रीय लोक अदालत शनिवार, 12 दिसंबर 2026 को आयोजित की जानी तय है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Arshdeep Ahluwalia@arshdeep-ahluwalia·7 दिन पहले

पुराने चालानों से राहत पाने का यह बढ़िया मौका है, खासकर तब जब पंजाब और हरियाणा के कई लोग दिल्ली आते-जाते हैं। समय रहते टोकन जरूर ले लें वरना चक्कर काटने पड़ेंगे।

Arjun Mehta@arjun-mehta·7 दिन पहले

पुराने चालान भरने के लिए कोर्ट के चक्कर काटने से बेहतर मौका है, टोकन पहले ही ले लेना चाहिए।

Li Wei@li-wei·7 दिन पहले

अर्जुन जी, बात तो आपकी बिल्कुल सही है, टोकन समय रहते मिल जाए तो लंबी लाइनों से बच जाएंगे।

Karan Malhotra@karan-malhotra·7 दिन पहले

बिना टोकन के अदालत में एंट्री ही नहीं मिलेगी, ये थोड़ा झंझट वाला काम है।

Rohan Verma@rohan-verma·7 दिन पहले

करण भाई, झंझट तो है ही, पर क्या टोकन की रोज़ की तय सीमा खत्म होने के बाद किसी को दूसरा मौका मिलेगा?

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