मिजोरम के उच्च शिक्षा ढांचे को गति देते हुए मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने शुक्रवार को गवर्नमेंट चम्फाई कॉलेज में 5 करोड़ रुपये की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का औपचारिक लोकार्पण किया। यह पूरा निर्माण और उन्नयन कार्य केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान यानी पीएम-उषा योजना के पहले चरण के अंतर्गत पूरा किया गया है। इन नई सुविधाओं का मुख्य उद्देश्य संस्थान की अकादमिक गुणवत्ता और बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाना है।
परियोजनाओं का वित्तीय विभाजन और तैयार सुविधाएं
इस 5 करोड़ रुपये के समग्र बजट को संस्थान की विभिन्न जरूरतों के आधार पर विभाजित किया गया था। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा 3.70 करोड़ रुपये का रहा, जिससे एक बहुमंजिला क्लासरूम भवन का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त छात्रों के खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए 40 लाख रुपये की लागत से बहुउद्देशीय हॉल का जीर्णोद्धार किया गया, जबकि एथलेटिक्स अभ्यास के लिए 40 लाख रुपये की लागत से सेमी-रनिंग ट्रैक तैयार किया गया है।
शेष 50 लाख रुपये की निधि को तकनीकी और व्यावसायिक विकास पर केंद्रित किया गया। इस राशि का उपयोग संस्थान में सोलर प्लांट की स्थापना, प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण, आईटी और सौर उपकरणों की खरीद, कार्यशालाओं के आयोजन तथा छात्रों के व्यक्तित्व व व्यावसायिक कौशल विकास कार्यक्रमों के संचालन में किया गया है। उल्लेखनीय है कि पीएम-उषा के पहले चरण के लिए पूरे मिजोरम से चुने गए केवल दो कॉलेजों में गवर्नमेंट चम्फाई कॉलेज शामिल है। इस परियोजना का जमीनी काम 12 फरवरी 2025 को शुरू हुआ था और तय समयसीमा का पालन करते हुए जुलाई 2026 में इसे पूरा कर लिया गया। इन नई सुविधाओं का लोकार्पण कॉलेज वीक 2026 के समापन समारोह के दौरान किया गया।
पुराने दिनों की यादें और भविष्य का विश्वविद्यालय दृष्टिकोण
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने कॉलेज से जुड़े अपने पुराने छात्र जीवन को भावुकता के साथ याद किया। उन्होंने बताया कि वह इसी कॉलेज के सबसे पहले बैच के छात्र रहे हैं और उस दौर में शाम की कक्षाओं में पारंपरिक तेल के दीये की रोशनी में पढ़ाई किया करते थे। संस्थान के विकास पर गर्व व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि आज यह मिजोरम का एक प्रमुख बहुविषयक सरकारी संस्थान बन चुका है, जहां कई संकायों की पढ़ाई कराई जा रही है।
विशाल परिसर की उपलब्धता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि जब मिजोरम स्टेट यूनिवर्सिटी पूरी तरह अस्तित्व में आ जाएगी, तब इस कॉलेज को एक विश्वविद्यालय परिसर के रूप में विकसित किए जाने की पूरी संभावना मौजूद है। संस्थान के भावी विस्तार को लेकर उन्होंने यह भी घोषणा की कि कॉलेज हॉस्टल के विस्तार के लिए 50 लाख रुपये की मंजूरी हाल ही में दी जा चुकी है। इसके साथ ही उन्होंने कॉलेज की सुरक्षा के लिए रिटेनिंग वॉल और छात्रों के लिए परेड ग्राउंड के निर्माण में भी सरकारी मदद का आश्वासन दिया।
फैकल्टी की तैनाती और चम्फाई जिले का विकास परिदृश्य
अकादमिक क्षमता को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों का ब्योरा देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रूसा के तहत चार सहायक प्रोफेसर नियुक्त किए गए हैं और बीसीए पाठ्यक्रम के लिए चार अन्य प्राध्यापकों की तैनाती की गई है। इसके अलावा तीन संविदा शिक्षकों को जोड़ा गया है, जबकि उपयुक्त व्यवस्था के तहत कार्यरत फैकल्टी सदस्यों की सेवाओं को नियमित करने के आदेश भी अंतिम रूप दिए जा चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सभी कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति यानी एनईपी 2020 के उद्देश्यों को पूरा करने और उच्च शिक्षा की स्थिति सुधारने की दिशा में उठाए गए हैं।
क्षेत्रीय विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने चम्फाई जिले में चल रही अन्य बड़ी परियोजनाओं पर भी बात की। इनमें त्लांगरावत में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल, जिला जेल का ढांचागत विकास, सड़कों का चौड़ीकरण व सुधार कार्य और न्यू चम्फाई स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण शामिल हैं। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, गवर्नमेंट चम्फाई कॉलेज में 589 छात्र नामांकित हैं। संस्थान की अकादमिक और प्रशासनिक व्यवस्था 32 नियमित शिक्षकों, पांच संविदा शिक्षकों, 19 आकस्मिक कर्मचारियों, एक अंशकालिक कर्मी और 15 गैर-शिक्षण कर्मचारियों द्वारा संभाली जा रही है।
























