मिजोरम में प्रशासनिक कामकाज में ईमानदारी को बढ़ावा देने और भ्रष्टाचार को समाप्त करने के उद्देश्य से सप्ताह भर चलने वाले सतर्कता जागरूकता अभियान की शुरुआत हो चुकी है। राज्य भर के विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने सोमवार को अपने कार्यस्थलों पर सत्यनिष्ठा की शपथ ली और एक पारदर्शी शासन प्रणाली सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया। इस विशेष सप्ताह का आयोजन 26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक निर्धारित किया गया है, जिसकी औपचारिक शुरुआत सोमवार सुबह 11 बजे सामूहिक शपथ ग्रहण के साथ हुई।
सचिवालय परिसर में हुआ शपथ ग्रहण समारोह
राजधानी आइजोल स्थित मिजोरम सचिवालय में अधिकारियों और कर्मचारियों ने मुख्य भवन के प्रांगण में एकत्र होकर यह शपथ ली। इस कार्यक्रम का नेतृत्व सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव और प्रभारी मुख्य सचिव सुधीर कुमार ने किया। प्रशासन से जुड़े कर्मियों ने अपने दैनिक कार्यों में जवाबदेही बनाए रखने, सार्वजनिक सेवा में नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता देने और किसी भी प्रकार के अनुचित प्रभाव या कदाचार से दूर रहने का संकल्प व्यक्त किया।
कार्यशाला और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में वॉकथॉन की योजना
इस पूरे सप्ताह के दौरान राज्य का सतर्कता विभाग कई महत्वपूर्ण सार्वजनिक और प्रशासनिक कार्यक्रमों का संचालन करेगा। इसके तहत वनापा हॉल में एक भ्रष्टाचार विरोधी कार्यशाला आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य लोक प्रशासन में पारदर्शिता स्थापित करना और नागरिकों के बीच जागरूकता बढ़ाना है। सतर्कता विभाग के अनुसार, मिजोरम में यह दूसरा बड़ा अवसर होगा जब मुख्यमंत्री की सीधी भागीदारी में सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम संपन्न होगा। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री लालदुहोमा के नेतृत्व में वनापा हॉल से मिलेनियम सेंटर तक एक विशेष वॉकथॉन का आयोजन भी किया जाएगा ताकि आम जनता तक इस अभियान का संदेश पहुंचाया जा सके।
ग्राम सभाएं और इस वर्ष की विशेष थीम
सप्ताह भर चलने वाले इस आयोजन में जमीनी स्तर पर जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 31 अक्टूबर को जागरूकता ग्राम सभाओं की रूपरेखा बनाई गई है। इसके साथ ही इस वर्ष के निर्धारित विषय 'समृद्धि के लिए सत्यनिष्ठा' पर आधारित एक फ्लायर निर्माण प्रतियोगिता भी रखी गई है। इस अभियान का मूल उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक ईमानदारी के मूल्यों को पहुंचाना है।
सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती से जुड़ा ऐतिहासिक संदर्भ
केंद्रीय सतर्कता आयोग की पहल पर यह सतर्कता जागरूकता सप्ताह प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है। इसका आयोजन भारत के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में 31 अक्टूबर के आसपास किया जाता है। देश भर में इस वार्षिक सतर्कता अभियान की शुरुआत वर्ष 2000 में की गई थी, जिसके बाद से प्रतिवर्ष सार्वजनिक जीवन में शुचिता और ईमानदारी को मजबूत करने के लिए यह कार्यक्रम निरंतर संचालित होता आ रहा है।
























