दिल्ली की सड़कों पर रोज़ाना लगने वाला जाम अब यात्रियों के लिए सबसे बड़ी सिरदर्दी बन चुका है, जहां थोड़ी दूरी तय करने में भी घंटों निकल जाते हैं। इस परेशानी को कम करने के इरादे से दिल्ली सरकार उत्तर और उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दो नए एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार करने की योजना पर काम कर रही है, जिनसे शहर के कई बड़े जाम वाले इलाकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
कहां-कहां से गुजरेंगे दोनों कॉरिडोर
पहला कॉरिडोर ब्रिटानिया चौक से आउटर रिंग रोड तक बनाया जाएगा, जबकि दूसरा कॉरिडोर अंकुर एन्क्लेव से गोकुलपुरी मेट्रो स्टेशन तक फैला होगा। दोनों कॉरिडोर बाईपास आर्टेरियल रूट के तौर पर काम करेंगे, यानी सीधे व्यस्त सड़कों पर दबाव डाले बिना वाहनों को वैकल्पिक रास्ता देंगे। इनसे आउटर रिंग रोड, पीरागढ़ी, रोहतक रोड और वजीराबाद रोड जैसी उन प्रमुख सड़कों पर जाम घटने की उम्मीद है, जो लंबे समय से दिल्ली के सबसे बड़े ट्रैफिक जंक्शन बने हुए हैं और जहां रोज़ाना हजारों वाहन फंसते हैं। उत्तर दिल्ली वाला कॉरिडोर शकूर बस्ती रेलवे स्टेशन और गुरु हरकिशन रोड से होकर निकलेगा, वहीं दूसरा कॉरिडोर करावल नगर नाले के ठीक ऊपर बनाया जाएगा, ताकि नाले की मौजूदा जगह का ही इस्तेमाल हो सके और नई जमीन अधिग्रहण की जरूरत कम पड़े।
डीपीआर के लिए मंगाई गई बोलियां, पांच महीने का लक्ष्य
लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी ने हाल ही में इन दोनों कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार करने के लिए बोलियां आमंत्रित की हैं। हर कॉरिडोर की लंबाई करीब पांच किलोमीटर रखी गई है। विभाग के मुताबिक इस काम पर करीब 3.21 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे पूरा करने में लगभग पांच महीने का समय लग सकता है। डीपीआर तैयार होने के बाद ही निर्माण से जुड़ी असल लागत, समयसीमा और डिजाइन साफ हो पाएगी।
रोहतक रोड की भीड़ से मिलेगी राहत
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना है कि गुरु हरकिशन मार्ग पर प्रस्तावित फ्लाईओवर इस रूट पर वाहनों का बोझ घटाएगा और एक समानांतर रास्ता तैयार करेगा। एक अधिकारी ने बताया कि पीक आवर्स में रोहतक रोड पर जाम इतना बढ़ जाता है कि पीरागढ़ी चौक से आगे मुंडका औद्योगिक क्षेत्र और बहादुरगढ़ की ओर निकलना मुश्किल हो जाता है। यह सड़क एक तरफ ब्रिटानिया चौक के नजदीक आउटर रिंग रोड से जुड़ी है, तो दूसरी तरफ मंगोलपुरी फ्लाईओवर से इसका संपर्क है, यानी यह पूरे इलाके के लिए एक अहम कड़ी है और इसी वजह से यहां जाम का असर दूर तक महसूस होता है।
करावल नगर के लोगों को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
दूसरा कॉरिडोर करावल नगर नाले के ऊपर बनने से करावल नगर, शिव विहार, जोहरीपुर और दयालपुर जैसे इलाकों के लोगों को सीधा फायदा होगा। करावल नगर के निवासी हरीश बिष्ट के मुताबिक इस इलाके में भजनपुरा से दयालपुर और खजूरी से पुश्ता रोड होते हुए पावी सिनेमा करावल नगर तक जाने वाले दो मुख्य रास्तों पर सबसे ज्यादा जाम लगता है। उनका कहना है कि दिल्ली में ट्रैफिक नियमों का सबसे ज्यादा उल्लंघन भी इन्हीं दोनों रूट्स पर होता है। उनके मुताबिक जब तक कॉरिडोर तैयार नहीं होता, तब तक जाम पर काबू पाने के लिए इन इलाकों में पुलिस बल की मौजूदगी बढ़ाने की जरूरत है, ताकि रोज़मर्रा के आने-जाने वालों को कुछ राहत मिल सके।



















