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उत्तर प्रदेश की राजधानी में बनेगा देश का पहला थ्री टियर ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर, शहीद पथ पर एलिवेटेड रोड के ऊपर दौड़ेगी मेट्रोउत्तर प्रदेश
20 सित॰ 2026, 11:36 am (38 मिनट पहले)· 0

उत्तर प्रदेश की राजधानी में बनेगा देश का पहला थ्री टियर ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर, शहीद पथ पर एलिवेटेड रोड के ऊपर दौड़ेगी मेट्रो

केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने लखनऊ के शहीद पथ पर तीन मंजिला कनेक्टिविटी और लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के बड़े विस्तार की घोषणा की है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी में यातायात को एक नई दिशा देने के लिए एक ऐतिहासिक ढांचागत परियोजना तैयार की जा रही है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने लखनऊ को एक बड़ा तोहफा देते हुए शहर के व्यस्त शहीद पथ पर तीन मंजिला कनेक्टिविटी विकसित करने की घोषणा की है। इस योजना के जमीन पर उतरने के बाद यह देश में अपनी तरह का पहला ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर होगा, जिसमें एक ही मार्ग पर त्रिस्तरीय यातायात व्यवस्था देखने को मिलेगी।

शहीद पथ पर थ्री टियर कनेक्टिविटी का मॉडल

इस परियोजना के तहत वर्तमान शहीद पथ के ठीक ऊपर एक नई एलिवेटेड सड़क बनाई जाएगी। इसके बाद उस एलिवेटेड मार्ग के सबसे ऊपरी हिस्से पर मेट्रो ट्रैक तैयार किया जाएगा। इस तरह भूतल की मौजूदा सड़क, उसके ऊपर एलिवेटेड हाईवे और सबसे ऊपर मेट्रो रेल का संचालन होगा। इस त्रिस्तरीय नेटवर्क का मकसद राजधानी में ट्रैफिक के भारी दबाव को पूरी तरह से व्यवस्थित करना और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को गति देना है।

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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का विस्तार और अन्य प्रमुख मार्गों से जुड़ाव

नितिन गडकरी ने शहीद पथ के साथ-साथ लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को लेकर भी बड़ा ऐलान किया है। वर्तमान में 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के निर्माण पर करीब 4,200 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री के अनुसार इस मार्ग का दायरा बढ़ाकर इसे लखनऊ के अंतिम छोर तक ले जाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिल सके। फिलहाल यह एक्सप्रेसवे लखनऊ से शुरू होकर उन्नाव जिले को जोड़ते हुए आगे बढ़ता है।

आगरा, गंगा और फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे का नेटवर्क

आने वाले समय में इस पूरे गलियारे को और व्यापक रूप दिया जाएगा। योजना के मुताबिक लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को आगे आगरा तक जोड़ने की रूपरेखा बनाई जा रही है। आगे चलकर इस एक्सप्रेसवे को फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा, जो सीधे गंगा एक्सप्रेसवे और लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे के साथ इंटरकनेक्ट होगा। इस बहुआयामी विस्तार का मुख्य उद्देश्य लखनऊ को चारों दिशाओं से हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे नेटवर्क के जरिए सहजता से जोड़ना है।

सवाल-जवाब

शहीद पथ पर किस तरह की सड़क बनाने की घोषणा की गई है?
शहीद पथ पर देश की पहली तीन मंजिला सड़क बनाई जाएगी, जिसमें सड़क के ऊपर एलिवेटेड हाईवे और उसके ऊपर मेट्रो रेल चलेगी।
यह घोषणा किसके द्वारा की गई है?
यह ऐलान केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा किया गया है।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की वर्तमान लंबाई और लागत कितनी है?
वर्तमान में यह एक्सप्रेसवे 63 किलोमीटर लंबा है और इसे तैयार करने में लगभग 4,200 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का विस्तार कहां तक किया जाएगा?
इस एक्सप्रेसवे का विस्तार लखनऊ के आखिरी सिरे तक किया जाएगा ताकि अधिक यात्रियों को इसका लाभ मिल सके।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को आगे किन अन्य मार्गों से जोड़ा जाएगा?
इसे आगे आगरा तक जोड़ने की योजना है, जिसके तहत यह फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·8 मिनट पहले

लखनऊ के शहीद पथ पर प्रस्तावित यह त्रिस्तरीय कॉरिडोर शहरी परिवहन नियोजन में एक दूरगामी मोड़ साबित हो सकता है। बढ़ती आबादी और वाहनों के दबाव को देखते हुए जमीन के सीमित उपयोग के बीच वर्टिकल इंफ्रास्ट्रक्चर ही एकमात्र टिकाऊ विकल्प है। इसके साथ ही लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का गंगा और आगरा एक्सप्रेसवे से इंटरकनेक्शन उत्तर प्रदेश के मध्य भाग को एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी हब में बदल देगा। ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिहाज से इस महत्वाकांक्षी योजना की वास्तविक सफलता समयबद्ध निर्माण, बजट नियंत्रण और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर निर्भर करेगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·8 मिनट पहले

रोहन की बात को आगे बढ़ाते हुए, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के नज़रिए से देखें तो ऐसे जटिल त्रिस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर में सार्वजनिक सुरक्षा, आपातकालीन सहायता और ट्रैफिक प्रवर्तन सबसे बड़ी चुनौती होगी। इस बहुमंजिला व्यवस्था और विस्तारित एक्सप्रेसवे नेटवर्क पर हाई-स्पीड ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए एक मजबूत एकीकृत सर्विलांस सिस्टम, त्वरित दुर्घटना प्रतिक्रिया तंत्र और निरंतर पेट्रोलिंग की व्यवस्था जरूरी होगी। जमीनी स्तर पर अपराध नियंत्रण और सड़क सुरक्षा के कड़े कानूनी नियमों को शुरू से ही इस योजना का ढांचागत हिस्सा बनाना होगा ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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