उत्तर प्रदेश की राजधानी में यातायात को एक नई दिशा देने के लिए एक ऐतिहासिक ढांचागत परियोजना तैयार की जा रही है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने लखनऊ को एक बड़ा तोहफा देते हुए शहर के व्यस्त शहीद पथ पर तीन मंजिला कनेक्टिविटी विकसित करने की घोषणा की है। इस योजना के जमीन पर उतरने के बाद यह देश में अपनी तरह का पहला ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर होगा, जिसमें एक ही मार्ग पर त्रिस्तरीय यातायात व्यवस्था देखने को मिलेगी।
शहीद पथ पर थ्री टियर कनेक्टिविटी का मॉडल
इस परियोजना के तहत वर्तमान शहीद पथ के ठीक ऊपर एक नई एलिवेटेड सड़क बनाई जाएगी। इसके बाद उस एलिवेटेड मार्ग के सबसे ऊपरी हिस्से पर मेट्रो ट्रैक तैयार किया जाएगा। इस तरह भूतल की मौजूदा सड़क, उसके ऊपर एलिवेटेड हाईवे और सबसे ऊपर मेट्रो रेल का संचालन होगा। इस त्रिस्तरीय नेटवर्क का मकसद राजधानी में ट्रैफिक के भारी दबाव को पूरी तरह से व्यवस्थित करना और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को गति देना है।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का विस्तार और अन्य प्रमुख मार्गों से जुड़ाव
नितिन गडकरी ने शहीद पथ के साथ-साथ लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को लेकर भी बड़ा ऐलान किया है। वर्तमान में 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के निर्माण पर करीब 4,200 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री के अनुसार इस मार्ग का दायरा बढ़ाकर इसे लखनऊ के अंतिम छोर तक ले जाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिल सके। फिलहाल यह एक्सप्रेसवे लखनऊ से शुरू होकर उन्नाव जिले को जोड़ते हुए आगे बढ़ता है।
आगरा, गंगा और फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे का नेटवर्क
आने वाले समय में इस पूरे गलियारे को और व्यापक रूप दिया जाएगा। योजना के मुताबिक लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को आगे आगरा तक जोड़ने की रूपरेखा बनाई जा रही है। आगे चलकर इस एक्सप्रेसवे को फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा, जो सीधे गंगा एक्सप्रेसवे और लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे के साथ इंटरकनेक्ट होगा। इस बहुआयामी विस्तार का मुख्य उद्देश्य लखनऊ को चारों दिशाओं से हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे नेटवर्क के जरिए सहजता से जोड़ना है।





















