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दिल्ली पुलिस की हिरासत से छूटे कॉकरोच जनता पार्टी के तीन बड़े नेता, मजिस्ट्रेट ने दी रिहाईदिल्ली
11 अक्तू॰ 2026, 10:27 am (19 दिन पहले)· 2

दिल्ली पुलिस की हिरासत से छूटे कॉकरोच जनता पार्टी के तीन बड़े नेता, मजिस्ट्रेट ने दी रिहाई

जंतर मंतर पर प्रदर्शन से पहले एयरपोर्ट से पकड़े गए अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी के बाद छोड़ दिया गया है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राजनीतिक हलचल के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख नेताओं अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को प्रशासनिक हिरासत से रिहा कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को इन तीनों नेताओं को हिरासत में लिया था, जिसके बाद रविवार को इन्हें स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। मजिस्ट्रेट ने मामले की सुनवाई करते हुए तीनों नेताओं को तुरंत छोड़ने का निर्देश जारी किया।

हवाई अड्डे पर हुई थी प्रिवेंटिव गिरफ्तारी

कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया था। इसी प्रदर्शन में भाग लेने के लिए ये तीनों नेता मुंबई से फ्लाइट के जरिए दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे। हालांकि, टर्मिनल पर उतरते ही दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए तीनों को प्रिवेंटिव कस्टडी में ले लिया था। इसके बाद दिल्ली कैंट थाने में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने इनकी पेशी की औपचारिकता पूरी की गई, जहां से इनको राहत मिली।

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जंतर-मंतर पर कड़ी सुरक्षा और पाबंदियां

शनिवार को प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। सुरक्षा घेरा इतना कड़ा था कि प्रदर्शनकारियों को आयोजन स्थल तक जाने की अनुमति नहीं दी जा रही थी। जो भी कार्यकर्ता या समर्थक उस ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे थे, पुलिस उन्हें फौरन हिरासत में ले रही थी। सीजेपी ने इस कार्रवाई पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर अपने नेताओं के बारे में जवाब भी मांगा था, जबकि राजनीतिक गलियारों में अरविंद केजरीवाल ने भी नेताओं की स्थिति पर सवाल उठाए थे।

सवाल-जवाब

किन नेताओं को मजिस्ट्रेट ने रिहा किया है?
कॉकरोच जनता पार्टी के शीर्ष नेता अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को रिहा किया गया है।
तीनों नेताओं को पुलिस ने कहां से हिरासत में लिया था?
उन्हें मुंबई से आने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर ही पुलिस ने प्रिवेंटिव हिरासत में ले लिया था।
नेताओं को किस मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था?
उन्हें दिल्ली कैंट थाने में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया था।
वे दिल्ली क्यों आए थे?
वे जंतर-मंतर पर पार्टी की ओर से आयोजित विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली पहुंचे थे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·18 दिन पहले

अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को एयरपोर्ट से ही उठा लिया, पर आखिर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने से इतना डर क्यों रही थी दिल्ली पुलिस?

Arjun Mehta@arjun-mehta·18 दिन पहले

एयरपोर्ट से ही सीधा उठा लेना और वो भी बिना किसी बड़े हंगामे के, थोड़ा अजीब लगता है। लगता है पुलिस ने कुछ ज़्यादा ही जल्दी दिखा दी या फिर मामला कुछ और ही है।

Sophie Laurent@sophie-laurent·18 दिन पहले

अर्जुन जी, एयरपोर्ट से उठाना अजीब ज़रूर लग सकता है, पर जब जंतर-मंतर पर इतनी पाबंदियां थीं तो पुलिस ने एहतियात के तौर पर ऐसा किया होगा।

Rohan Verma@rohan-verma·18 दिन पहले

मुंबई से आते ही एयरपोर्ट पर नेताओं को रोकना और फिर मजिस्ट्रेट का छोड़ देना, सब कुछ कितना नाटकीय रहा। मुझे वो पुराना दिन याद आ गया जब ऐसी ही पाबंदी में हम घंटों थाने के बाहर खड़े रहे थे।

Karan Malhotra@karan-malhotra·18 दिन पहले

रोहन जी, प्रिवेंटिव कस्टडी के ऐसे मामलों में मजिस्ट्रेट के सामने पेशी और रिहाई की प्रक्रिया अक्सर ऐसी ही खींचतान वाली होती है।

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