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दुर्गापुर के गोपाल मठ में मिठाई दुकानों की जांच में मिले कॉकरोच और सड़ा खाना, जुर्मानापश्चिम बंगाल
7 सित॰ 2026, 3:54 pm (5 दिन पहले)· 3

दुर्गापुर के गोपाल मठ में मिठाई दुकानों की जांच में मिले कॉकरोच और सड़ा खाना, जुर्माना

पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित गोपाल मठ में मिठाई दुकानों और होटलों के गोदामों की जांच में कॉकरोच, सड़ा खाना और अवैध घरेलू गैस सिलेंडर मिलने से हड़कंप मच गया, प्रशासन ने कई दुकानदारों पर जुर्माना लगाया।

पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित गोपाल मठ इलाके में मिठाई की दुकानों, होटलों और रेस्टोरेंट के गोदामों की जांच में हैरान कर देने वाली गंदगी सामने आई है। फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की टीम ने इस इलाके में बड़े पैमाने पर छापेमारी की, जिसमें गोदामों में अरसोला रेंगते मिले, दुकानों में ग्राहकों के लिए सड़ा हुआ खाना और बासी मोमोज रखे मिले, और कई जगहों पर घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध इस्तेमाल पकड़ में आया।

शिकायतों के बाद हुई संयुक्त कार्रवाई

स्थानीय लोग लंबे समय से खाने की क्वालिटी, मिलावट और सफाई को लेकर शिकायतें कर रहे थे। इन्हीं शिकायतों के आधार पर फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट, दुर्गापुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने मिलकर गोपाल मठ इलाके में अचानक छापा मारने का फैसला किया। तीनों विभागों की संयुक्त टीम को अपने इलाके में देखकर दुकानदारों में हड़कंप मच गया और कई दुकानदार जांच के दौरान बगलें झांकते नजर आए।

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गोदामों और दुकानों में मिलीं ये बड़ी गड़बड़ियां

जांच में सामने आया कि कई बड़ी मिठाई दुकानों के गोदामों में हाइजीन का कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा था। खाद्य पदार्थों के आसपास अरसोला और कीड़े खुलेआम रेंगते मिले। इसके अलावा कई होटल और रेस्टोरेंट में हफ्तों पुराना सड़ा हुआ खाना और बासी मोमोज बरामद हुए, जिन्हें आगे ग्राहकों को परोसे जाने की तैयारी थी। एक और गंभीर लापरवाही सामने आई, कई दुकानों में व्यापारिक इस्तेमाल के लिए तय कमर्शियल सिलेंडर की जगह अवैध रूप से घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो किसी भी वक्त बड़े हादसे की वजह बन सकता था।

दुकानदारों पर जुर्माना, प्रशासन ने दी अंतिम चेतावनी

नियमों और सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी करने पर प्रशासन ने कई दुकान मालिकों पर मौके पर ही जुर्माना लगाया। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने दुकान मालिकों और कर्मचारियों को खाने के रख-रखाव से लेकर उसकी बिक्री तक हर नियम का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने साफ कहा कि आम जनता की सेहत से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने यह भी संकेत दिया कि दुर्गापुर के बाकी इलाकों में भी आने वाले दिनों में ऐसी छापेमारी लगातार जारी रहेगी, ताकि शहर में बिकने वाला खाना सुरक्षित और साफ-सुथरा हो।

सवाल-जवाब

यह छापेमारी कहां हुई?
पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित गोपाल मठ इलाके में।
छापेमारी में क्या-क्या मिला?
मिठाई गोदामों में अरसोला, दुकानों में सड़ा हुआ खाना और बासी मोमोज, और कई जगह अवैध घरेलू गैस सिलेंडर मिले।
यह कार्रवाई किसने की?
फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट, दुर्गापुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने।
दुकानदारों पर क्या कार्रवाई हुई?
कई दुकान मालिकों पर मौके पर ही जुर्माना लगाया गया और उन्हें नियमों का पालन करने की अंतिम चेतावनी दी गई।
छापेमारी क्यों की गई?
स्थानीय लोगों की खाने की क्वालिटी, मिलावट और गंदगी को लेकर लगातार मिल रहीं शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
क्या आगे भी ऐसी कार्रवाई होगी?
हां, प्रशासन ने कहा है कि दुर्गापुर के अन्य इलाकों में भी आने वाले दिनों में ऐसी छापेमारी लगातार जारी रहेगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·5 दिन पहले

दुर्गापुर की यह घटना प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर प्रमाण है। खाद्य सुरक्षा और घरेलू सिलेंडरों के अवैध उपयोग जैसे मामले बताते हैं कि नियमित निरीक्षण की कमी जनस्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन रही है। इस तरह के अभियानों को सिर्फ एक इलाके तक सीमित न रखकर पूरे राज्य में निरंतर चलाना होगा ताकि उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ रोका जा सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·5 दिन पहले

रोहन वर्मा की बात को आगे बढ़ाते हुए यह समझना होगा कि सिर्फ मौके पर जुर्माना लगाना पर्याप्त नहीं है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत इस तरह की गंभीर लापरवाहियों में बार-बार नियम तोड़ने वालों के लाइसेंस रद्द करने और आपराधिक मुक़दमे दर्ज करने की सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध इस्तेमाल विस्फोटक हादसों को न्योता देता है, जिस पर पुलिस और प्रशासन को विस्फोटक अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि जनता की जान और सेहत से खिलवाड़ करने वालों में खौफ पैदा हो।

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