दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल द्वारा आयोजित ई-20 पेट्रोल के खिलाफ नेशनल टाउनहॉल ने इंटरनेट और डिजिटल दुनिया में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इस विशेष संवाद कार्यक्रम के दौरान आम आदमी पार्टी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर एक समय 7,00,262 से अधिक लोग एक साथ लाइव जुड़े। सोशल मीडिया पर इस भारी डिजिटल उपस्थिति की व्यापक चर्चा हो रही है, जहां नागरिकों ने देश में बायो-ईंधन नीतियों और वाहनों पर इसके प्रभाव को लेकर अपनी आवाज उठाई।
डिजिटल दर्शकों की संख्या और लाइव प्रसारण की तुलना
इस टाउनहॉल के दौरान एक दिलचस्प स्थिति तब देखने को मिली जब ठीक उसी समय देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी एक आधिकारिक लाइव कार्यक्रम प्रसारित हो रहा था। पीएम मोदी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर उस समय 3,324 लाइव दर्शक मौजूद थे। दोनों कार्यक्रमों के लाइव व्यूअरशिप आंकड़ों का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इंटरनेट उपयोगकर्ता इन आंकड़ों को साझा करते हुए लिख रहे हैं कि आम जनता अब सामान्य भाषणों या मन की बात के बजाय अपने रोजमर्रा के मुद्दों और मतलब की बात सुनने में अधिक रुचि दिखा रही है।
ई-20 पेट्रोल को लेकर आम जनता और वाहन चालकों की परेशानियां
आम आदमी पार्टी ने इस रिकॉर्ड व्यूअरशिप को केवल डिजिटल आंकड़े मानने से इनकार किया है। पार्टी के अनुसार, 7 लाख से अधिक लोगों का लाइव जुड़ना ई-20 पेट्रोल नीति के प्रति देशभर के वाहन मालिकों और आम जनता के बढ़ते असंतोष को दर्शाता है। इस नेशनल टाउनहॉल में आम नागरिकों, मोटर मैकेनिकों और डिलीवरी राइडर्स को अपनी समस्याएं साझा करने का अवसर मिला। चर्चा के दौरान लोगों ने बताया कि ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों का माइलेज काफी घट गया है और इंजन में गंभीर खराबी आ रही है। विशेष रूप से पुरानी गाड़ियों के मालिकों ने इंजन क्षति और गाड़ियों के रखरखाव तथा सर्विसिंग के बढ़ते खर्च पर गहरी चिंता व्यक्त की।
केंद्र सरकार के समक्ष अरविंद केजरीवाल की तीन मुख्य मांगें
ई-20 पेट्रोल से जुड़ी जनसमस्याओं को रेखांकित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने केंद्र की मोदी सरकार के सामने तीन स्पष्ट मांगें रखीं। पहली मांग के तहत उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक पेट्रोल पंप पर वाहन चालकों को शुद्ध पेट्रोल और ई-20 पेट्रोल में से चुनने का स्पष्ट विकल्प मिलना चाहिए। दूसरी मांग में उन्होंने जोर दिया कि ई-20 पेट्रोल की कीमत शुद्ध पेट्रोल की तुलना में काफी कम तय की जानी चाहिए। तीसरी मांग के रूप में केजरीवाल ने सरकार से पेट्रोल की कीमत को 84 रुपये प्रति लीटर से नीचे लाने का आग्रह किया। इसके अतिरिक्त, केजरीवाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिना किसी सार्वजनिक वैज्ञानिक रिपोर्ट के देशवासियों पर ई-20 ईंधन थोपा जा रहा है और उपभोक्ताओं की परेशानियों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
डिजिटल रैली का नया ट्रेंड और नीतिगत सवाल
टाउनहॉल के बाद सोशल मीडिया पर नीतिगत सवाल उठाए जा रहे हैं। कई यूजर्स यह प्रश्न पूछ रहे हैं कि यदि ई-20 पेट्रोल पर्यावरण और गाड़ियों के लिए इतना ही लाभदायक है, तो उपभोक्ताओं से शुद्ध पेट्रोल का विकल्प क्यों छीना जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने इस आयोजन को दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल रैली करार दिया है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि अरविंद केजरीवाल द्वारा जनता के सीधे और रोजमर्रा के आर्थिक मुद्दों को उठाने से देश के राजनीतिक परिदृश्य में एक नया डिजिटल ट्रेंड स्थापित हुआ है।



















