झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रिया ने अपनी कला के दम पर एक सफल کاروبारी सफर तय किया है। वह अल्युमिनियम फॉयल की मदद से बेहद आकर्षक और बड़ी पेंटिंग तैयार करती हैं, जिनकी कीमत बाजार में पच्चीस हजार से तीस हजार रुपये तक होती है। इन खूबसूरत कृतियों के अलावा वह आर्टिफिशियल डायमंड जड़े हुए फ्रूट बॉक्स और अन्य सजावटी सामान भी खुद ही डिजाइन करती हैं। उनका पूरा कलेक्शन काफी अलग और मनमोहक होता है, जिसे वह पूरी तरह से अपने घर पर ही बनाती हैं। रिया का यह सफर इस बात का उदाहरण है कि लगन और सही मार्गदर्शन मिलने पर शौक को भी कमाई का बेहतरीन जरिया बनाया जा सकता है।
पारंपरिक हुनर और सोशल मीडिया का मेल
अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए रिया बताती हैं कि उन्होंने बचपन में अपनी दादी और नानी को इस तरह की कलाकृतियां बनाते हुए देखा था। घर के बड़ों को देखकर उन्होंने भी इस कला को धीरे-धीरे आत्मसात कर लिया और अभ्यास करते-करते यह उनकी आदत बन गई। इसके लिए उन्होंने किसी भी प्रकार की औपचारिक ट्रेनिंग या कला वर्ग की मदद नहीं ली, बल्कि अपनी रुचि के बल पर इसे निखारा। जब उनके बच्चे बड़े हो गए और उनके पास दिन में कुछ खाली समय बचने लगा, तब उन्होंने इस हुनर को फिर से जिंदा करने का फैसला किया। उनका मानना है कि खाली समय का सदुपयोग करते हुए अपने जुनून को पूरा किया जाना चाहिए, जिससे जीवन में एक नया सकारात्मक बदलाव आता है।
खास ऑर्डर पर तैयार होते हैं नायाब उत्पाद
रिया के द्वारा बनाई जाने वाली पेंटिंग की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे गोल्ड फॉयल से तैयार की जाती हैं और इनमें सोने का काम भी देखने को मिलता है, जो देखने में बेहद भव्य लगती हैं। एक सिंगल पेंटिंग को पूरी तरह तैयार करने में कम से कम पांच दिन का समय लग जाता है। उनके पास ग्राहकों की लंबी सूची है जो अपनी पसंद के अनुसार विशेष ऑर्डर देते हैं, और रिया उनकी डिमांड के मुताबिक ही डिजाइन तैयार करके देती हैं। उनकी कलाकारी केवल पेंटिंग्स तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके इंस्टाग्राम पेज जिसका नाम पोशाक बाई रिया है, उस पर लड्डू गोपाल के लिए बेहद सुंदर पोशाक और बैठने के विशेष आसन भी आसानी से मिल जाते हैं। इस काम में उनकी मदद के लिए आज छह से सात कारीगर भी जुड़े हुए हैं जो उनके साथ मिलकर सारा काम संभालते हैं।
सोशल मीडिया से मिला बड़ा कारोबार
आज के समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का सही उपयोग कैसे किया जाए, इसका बेहतरीन उदाहरण रिया का कारोबार पेश करता है। वह अपने घर पर ही छोटे-छोटे वीडियो रिकॉर्ड करती हैं और उन्हें इंस्टाग्राम पर नियमित रूप से साझा करती हैं। उनके इस पेज पर हजारों की संख्या में फॉलोअर्स जुड़े हुए हैं और उन्हें देश के अलग-अलग कोनों से आर्डर मिलते हैं। वर्तमान स्थिति यह है कि उन्हें इंस्टाग्राम के जरिए हर दिन दस से अधिक आर्डर मिल जाते हैं। ग्राहकों के जुड़ने का सिलसिला लगातार जारी है और यह सोशल मीडिया मार्केटिंग का एक बेहद असरदार तरीका साबित हुआ है। रिया का मानना है कि यदि सही तरीके से सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जाए, तो कोई भी व्यक्ति अपने छोटे से बिजनेस को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है।
आत्मनिर्भरता और परिवार का साथ
एक आत्मनिर्भर महिला के रूप में अपनी पहचान बना चुकी रिया का कहना है कि अब उन्हें अपनी इस स्थिति पर बहुत गर्व और संतोष महसूस होता है। इस पूरे सफर में उनके बच्चों ने उनका पूरा सहयोग किया है, जिसके कारण वह अपने काम को बिना किसी परेशानी के आगे बढ़ा पा रही हैं। घर की चारदीवारी से शुरू हुआ यह छोटा सा प्रयास आज एक व्यवस्थित काम का रूप ले चुका है, जिसमें कई लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। रिया की यह कहानी उन सभी महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है जो परिवार की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ अपने किसी पुराने शौक को दोबारा शुरू करना चाहती हैं।



















