अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने फरार भारतीय गैंगस्टर गोल्डी बराड़ पर कानूनी शिकंजा कसते हुए उसे अपनी कुख्यात टॉप 10 मोस्ट वांटेड सूची में शामिल कर दिया है। सतिंदरजीत सिंह के मूल नाम से पहचाने जाने वाले इस भगोड़े की धरपकड़ या सटीक सूचना देने वाले व्यक्ति के लिए अमेरिकी प्रशासन ने 1 मिलियन डॉलर, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 10 करोड़ रुपये बैठती है, का नकद इनाम घोषित किया है। एजेंसी ने उसे लॉरेंस बिश्नोई संगठित अपराध नेटवर्क का अहम संचालक चिन्हित करते हुए अत्यंत घातक और हथियारों से लैस करार दिया है।
लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का विदेशी नेटवर्क और संघीय आरोप
अमेरिकी जांचकर्ताओं के मुताबिक, गोल्डी बराड़ लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के उत्तरी अमेरिकी नेटवर्क की कमान संभाल रहा है। अमेरिका की एक अदालत में उस पर रैकेटियरिंग साजिश, बड़े पैमाने पर जबरन वसूली और प्रतिबंधित नशीले पदार्थों के अवैध वितरण की साजिश रचने से जुड़े गंभीर संघीय आरोप तय किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार यह आपराधिक सिंडिकेट संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और कई अन्य मुल्कों में लक्षित हत्याओं, अंधाधुंध गोलीबारी की घटनाओं, अपहरण, उगाही तथा हथियारों एवं मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी में लिप्त रहा है।
कनाडा में हत्या का आदेश और वैश्विक जांच का दायरा
अमेरिकी जांच में यह सनसनीखेज आरोप भी दर्ज किया गया है कि गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई ने मिलकर वर्ष 2023 में कनाडा के भीतर एक प्रमुख धार्मिक एवं राजनीतिक शख्सियत की हत्या कराने का सीधा फरमान जारी किया था। एफबीआई की यह व्यापक जांच सीमा पार सक्रिय उन संगठित भारतीय आपराधिक नेटवर्कों को निशाना बना रही है जो हिंसक गतिविधियों और मादक पदार्थों की सप्लाई चेन से जुड़े हैं। जांच अधिकारियों ने आशंका जताई है कि गोल्डी बराड़ कैलिफोर्निया के विभिन्न इलाकों अथवा कनाडा के अलग-अलग हिस्सों में छिपकर अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा है, जिसके चलते आम जनता को उससे सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।
इनाम की घोषणा और ऐतिहासिक वांटेड सूची में स्थान
लॉस एंजिल्स कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी पैट्रिक ग्रांडी ने इस कार्रवाई पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसी गैंगस्टर गोल्डी बराड़ की धरपकड़ को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल कर चुकी है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इस खतरनाक भगोड़े को सलाखों के पीछे पहुंचाने में मदद करने वाली सूचना के एवज में ही 1 मिलियन डॉलर तक की भारी-भरकम राशि तय की गई है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1950 में स्थापित एफबीआई की ऐतिहासिक टेन मोस्ट वांटेड सूची में गोल्डी बराड़ का नाम 543वें क्रम पर दर्ज हुआ है, जो इस बात का प्रमाण है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसे कितना बड़ा खतरा माना जा रहा है।
भारत में कानूनी कार्रवाई और सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस
भारत में भी गोल्डी बराड़ लंबे अरसे से सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिक खोज सूची में है। जनवरी 2024 में भारत सरकार ने कड़े आतंकवाद विरोधी कानून, गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत उसे औपचारिक तौर पर आतंकवादी घोषित किया था। वर्ष 2022 में पंजाब के प्रसिद्ध गायक सिद्धू मूसेवाला की दिनदहाड़े की गई नृशंस हत्या की साजिश में बराड़ की मुख्य भूमिका सामने आई थी। इसके अलावा भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने उस पर भारत के कई राज्यों में रंगदारी नेटवर्क खड़े करने, कारोबारियों को डराने-धमकाने और देश के भीतर अवैध हथियार, गोला-बारूद तथा विस्फोटक सामग्री की खेप भिजवाने की आपराधिक व्यवस्था जुटाने के आरोप दर्ज किए हैं। फिलहाल वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानून से भाग रहा है और कई देशों की पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।



















