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घर के मंदिर में भूलकर भी न रखें फटी धार्मिक किताबें और बासी फूल, अंबाला के ज्योतिषाचार्य ने बताई जरूरी बातेंहरियाणा
18 अक्तू॰ 2026, 1:57 pm (19 दिन पहले)· 3

घर के मंदिर में भूलकर भी न रखें फटी धार्मिक किताबें और बासी फूल, अंबाला के ज्योतिषाचार्य ने बताई जरूरी बातें

अंबाला में घर के मंदिर से जुड़े वास्तु नियमों को लेकर खास जानकारी सामने आई है। ज्योतिषाचार्य पंडित आरके शर्मा के मुताबिक मंदिर में बासी फूल, फटी किताबें या गंदा कपड़ा रखना अशुभ माना जाता है और इससे नकारात्मकता आ सकती है।

हिंदू परंपराओं में घर के मंदिर को केवल पूजा-पाठ का स्थान नहीं बल्कि सकारात्मक ऊर्जा, आस्था और आत्मिक शांति का मुख्य केंद्र माना जाता है। सुबह-शाम होने वाली प्रार्थनाओं और दीप प्रज्वलन से हर घर का कोना पवित्र होता है। यही वजह है कि सनातन संस्कृति और वास्तु शास्त्र में पूजा घर की दिशा, साफ-सफाई और वहां इस्तेमाल होने वाली हर एक वस्तु को लेकर विशेष नियम बताए गए हैं। हालांकि, व्यस्त जीवनशैली के कारण कई बार लोग दैनिक पूजा तो करते हैं लेकिन मंदिर की स्वच्छता और रख-रखाव पर उतना ध्यान नहीं दे पाते हैं। मंदिर में कई दिनों तक पुराने फूल रखे रहते हैं, आसन का कपड़ा गंदा हो जाता है और धार्मिक ग्रंथ भी अव्यवस्थित ढंग से पड़े रहते हैं।

बासी फूलों को मंदिर से तुरंत हटाना है जरूरी

अंबाला के ज्योतिषाचार्य पंडित आरके शर्मा के अनुसार देवी-देवताओं को फूल अर्पित करना हमारी प्राचीन परंपरा का अहम हिस्सा है, लेकिन पूजा समाप्त होने के बाद उन मुरझाए फूलों को मंदिर से हटाना उतना ही आवश्यक है। कई घरों में लापरवाही के कारण ये बासी फूल कई दिनों तक मूर्तियों के सामने रखे रहते हैं, जो वास्तु के नियमों के अनुसार बिल्कुल ठीक नहीं है। पूजा स्थल पर कभी भी सूखे या बासी फूल नहीं छोड़ने चाहिए। हर दिन की नियमित पूजा शुरू करने से पहले पुराने फूलों को पूरे आदर के साथ हटा देना चाहिए और संभव हो सके तो ताजे फूलों का भोग लगाना चाहिए। इससे पूजा घर हमेशा साफ-सुथरा और ऊर्जावान बना रहता है।

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चौकी के गंदे या जले हुए कपड़े को समय पर बदलें

घर के मंदिर में भगवान की मूर्ति रखने के लिए चौकी या आसन बिछाने की पुरानी परंपरा है। कई बार लगातार दीपक जलाने से वह कपड़ा हल्का जल जाता है या लंबे समय तक उपयोग में आने के कारण मैला हो जाता है। इसके बावजूद लोग उसे बदलना अक्सर भूल जाते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार पूजा स्थल की पवित्रता और स्वच्छता सर्वोपरि है। इसलिए यदि चौकी का कपड़ा गंदा हो जाए या कहीं से जल जाए तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए। नियमित रूप से पूरे मंदिर और चौकी की सफाई का विशेष ध्यान रखें। इसके अलावा दीपक जलाते वक्त इस बात का खास ख्याल रखें कि वस्त्र आग की चपेट में न आए।

फटी हुई धार्मिक किताबों और ग्रंथों का रखें सम्मान

हर घर के मंदिर में हनुमान चालीसा, दुर्गा सप्तशती, आरती संग्रह और अन्य कई धार्मिक ग्रंथ पूरी श्रद्धा के साथ रखे जाते हैं। समय बीतने के साथ कई बार ये किताबें पुरानी होकर फट जाती हैं, लेकिन लोग उन्हें वैसे ही मंदिर के भीतर छोड़े रखते हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित आरके शर्मा का कहना है कि धार्मिक पुस्तकों को हमेशा अत्यंत सम्मान और साफ-सफाई के साथ संभालकर रखना चाहिए। यदि कोई पुस्तक फट गई है तो उसकी तुरंत मरम्मत कराएं या उसे किसी सुरक्षित एवं पवित्र स्थान पर रखें। किसी भी धार्मिक सामग्री को इधर-उधर बिखेरकर रखने की गलती बिल्कुल नहीं करनी चाहिए।

खंडित मूर्तियों के विसर्जन और मंदिर की व्यवस्था के नियम

पंडित आरके शर्मा के मुताबिक पूजा के दौरान खंडित मूर्तियों को स्थापित करने से बचना चाहिए। यदि भगवान की कोई मूर्ति गलती से टूट जाए या खंडित हो जाए, तो उसे साधारण कचरे में फेंकने की भूल कभी न करें। ऐसी मूर्तियों को अपनी धार्मिक परंपरा और विधि-विधान के अनुसार सम्मानपूर्वक किसी पवित्र नदी या स्थान पर विसर्जित कर देना चाहिए। यदि इस बारे में कोई दुविधा हो तो किसी योग्य पुरोहित से मार्गदर्शन ले सकते हैं। कुल मिलाकर घर के मंदिर को हमेशा स्वच्छ, शांत और सुव्यवस्थित रखना सबसे जरूरी है। सभी पूजा सामग्री को उचित स्थान पर रखें और दीप या अगरबत्ती जलाते समय पूरी सावधानी बरतें।

सवाल-जवाब

घर के मंदिर में बासी फूल क्यों नहीं रखने चाहिए?
वास्तु शास्त्र के अनुसार बासी और सूखे फूल मंदिर में नकारात्मकता लाते हैं, इसलिए उन्हें रोजाना हटा देना चाहिए।
फटी हुई धार्मिक किताबों के साथ क्या करना चाहिए?
फटी हुई धार्मिक पुस्तकों की मरम्मत करानी चाहिए या उन्हें उचित और सुरक्षित तरीके से संभालकर रखना चाहिए।
खंडित मूर्ति मिलने पर क्या कदम उठाना चाहिए?
खंडित मूर्ति को कचरे में न फेंककर अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार सम्मानपूर्वक विसर्जित कर देना चाहिए।
यह जानकारी किसने दी है?
यह जानकारी अंबाला के ज्योतिषाचार्य पंडित आरके शर्मा द्वारा दी गई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Pooja Bhatt@pooja-bhatt·18 दिन पहले

मंदिर की सफाई रखना और फटी किताबों का सम्मान करना सच में बहुत जरूरी है, हम अक्सर इन छोटी बातों पर ध्यान नहीं देते।

Arjun Mehta@arjun-mehta·18 दिन पहले

घर की सफाई पर ध्यान देना अच्छी बात है, पर लोग रोजमर्रा की भागदौड़ में ऐसी छोटी-छोटी बातें भूल ही जाते हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·18 दिन पहले

अर्जुन, बिल्कुल सही कहा आपने। कल ही जब मैंने घर के मंदिर के फूल बदले, तो मेरी दादी की वो बात याद आ गई जो वे अक्सर सफाई के वक्त कहती थीं।

Rohan Verma@rohan-verma·18 दिन पहले

मंदिर में बासी फूल पड़े रहने की बात बिल्कुल सही है, कई लोग रोज़ इन्हें हटाना भूल जाते हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·18 दिन पहले

रोहन जी, सच कह रहे हैं आप। कल ही मैंने अपने घर के मंदिर से सूखे फूल हटाए थे, अक्सर लोग इस छोटी सी बात पर ध्यान नहीं देते।

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