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गंगा के बढ़ते जलस्तर से भोजपुर के घांघर में गहराया चारे का संकट, भुखमरी की कगार पर पहुंचे मवेशीभारत
11 सित॰ 2026, 10:05 pm (19 दिन पहले)· 3

गंगा के बढ़ते जलस्तर से भोजपुर के घांघर में गहराया चारे का संकट, भुखमरी की कगार पर पहुंचे मवेशी

भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड में बाढ़ के पानी से सूखा भूसा सड़ने और हरी फसलें डूबने के कारण पशुपालक मवेशियों के चारे की भारी किल्लत झेल रहे हैं।

भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड अंतर्गत घांघर गांव में बाढ़ के विकराल रूप ने जनजीवन अस्तव्यस्त करने के साथ ही पशुधन के सामने जीने का संकट खड़ा कर दिया है। गंगा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर अप्रत्याशित रूप से बढ़ने के कारण रिहाइशी बस्तियों, खेतों और मवेशी रखने वाले बथानों में पानी भर गया है। इस जलप्रलय के कारण इंसानों की मुश्किलें तो बढ़ी ही हैं, लेकिन सबसे गंभीर स्थिति बेजुबान मवेशियों की हो गई है, जिनके लिए पेट भरने का कोई जरिया नहीं बचा है।

भीगकर सड़ गया भूसा, खेतों में डूबा हरा चारा

बाढ़ का पानी अचानक गांव में प्रवेश करने से ग्रामीणों को अपनी संपत्ति और पशुओं को बचाने का संभलने का मौका तक नहीं मिला। बथानों और घरों में सुरक्षित रखा गया सूखा भूसा पानी में डूबकर पूरी तरह सड़ चुका है। वहीं दूसरी ओर खेतों में उगाई गई हरी घास और पशु चारे की फसलें गहरे पानी में समा जाने से नष्ट हो चुकी हैं। इस तबाही के बाद पशुपालकों के पास मवेशियों को खिलाने के लिए कोई सुरक्षित चारा नहीं बचा है, जिससे वे अपने पशुओं को आधा पेट चारा देकर किसी प्रकार जीवित रखने को विवश हैं।

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प्रशासनिक मदद न मिलने से बढ़ा आक्रोश

आपदा से जूझ रहे पशुपालकों का कहना है कि अब तक स्थानीय प्रशासन या पशुपालन विभाग की तरफ से कोई ठोस सहायता उनके गांव तक नहीं पहुंची है। राहत शिविरों और सहायता वितरण केंद्रों पर भी मवेशियों के चारे का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। बेसहारा पशुपालक अपनी आंखों के सामने मवेशियों को भूखा तड़पते देखने को मजबूर हैं और उन्हें आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ने की आशंका सता रही है।

बीमारियों और भुखमरी की आशंका, चारे की गुहार

गांव के लोगों को चिंता है कि यदि जलजमाव लंबे समय तक बना रहा और सरकारी स्तर पर पशु आहार का वितरण तुरंत शुरू नहीं किया गया, तो मवेशी भुखमरी के शिकार हो जाएंगे। इसके अलावा बाढ़ के गंदे पानी के ठहराव से संक्रामक बीमारियों के फैलने का गंभीर खतरा भी बना हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित इलाके में अविलंब शिविर लगाकर रियायती दरों पर अथवा निःशुल्क सूखा चारा उपलब्ध कराया जाए ताकि पशुधन को बचाया जा सके।

सवाल-जवाब

भोजपुर के घांघर गांव में मवेशियों के सामने क्या संकट है?
बाढ़ का पानी भरने से सूखा भूसा सड़ गया है और खेतों का हरा चारा डूब गया है, जिससे मवेशियों के सामने भुखमरी का संकट पैदा हो गया है।
घांघर गांव किस प्रखंड और जिले में स्थित है?
घांघर गांव बिहार के भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड में स्थित है।
बाढ़ के कारण चारे का नुकसान कैसे हुआ?
गंगा और सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से बथानों में रखा सूखा भूसा भीगकर सड़ गया और खेतों में लगी हरी घास जलमग्न होकर नष्ट हो गई।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से क्या मांग की है?
ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित इलाकों में अविलंब निःशुल्क या अनुदानित दर पर सूखा पशु चारा उपलब्ध कराने की मांग की है।
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