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गोलपाड़ा में अकेले जंगली हाथी के हमले में असम पुलिस जवान अमजद अली की मौतअसम
6 सित॰ 2026, 4:48 pm (25 दिन पहले)· 2

गोलपाड़ा में अकेले जंगली हाथी के हमले में असम पुलिस जवान अमजद अली की मौत

असम के गोलपाड़ा जिले में डकुरभिटा स्थित 17वीं पुलिस बटालियन कैंप में रविवार तड़के जंगली हाथी के हमले में कांस्टेबल अमजद अली की मौत हो गई, जिससे इलाके में इंसान-हाथी टकराव की समस्या फिर सुर्खियों में आ गई।

असम के गोलपाड़ा जिले में रविवार तड़के एक जंगली हाथी के हमले में पुलिस बटालियन कैंप के भीतर तैनात कांस्टेबल अमजद अली की मौत हो गई।

कैंप के रास्ते में अचानक सामना

यह हादसा गोलपाड़ा के डकुरभिटा इलाके में स्थित 17वीं असम पुलिस बटालियन के कैंप में हुआ। बताया जा रहा है कि अमजद अली अपनी ड्यूटी वाली जगह की तरफ लौट रहे थे, तभी उनका सामना एक अकेले घूम रहे जंगली हाथी से हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक हाथी ने पहले उन्हें सूंड से पकड़ा और फिर जमीन पर पटककर कुचल दिया।

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अस्पताल पहुंचने से पहले ही टूट गई सांसें

हमले में अमजद अली बुरी तरह घायल हो गए और मौके पर ही बेहोश हो गए। साथी जवान उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

गोलपाड़ा में इंसान और हाथी के बीच पुराना टकराव

इस घटना ने गोलपाड़ा में इंसानों और जंगली हाथियों के बीच लंबे समय से चले आ रहे टकराव को फिर से चर्चा में ला दिया है। इस जिले में पहले भी हाथियों के आबादी और सरकारी कैंपों के आसपास पहुंचने से लोग घायल हुए हैं और कई बार जान भी जा चुकी है। जंगल से सटे इलाकों में तैनात पुलिसकर्मियों और आम लोगों के लिए अकेले घूमते हाथियों से टकराव होना अब एक बार-बार होने वाला खतरा बनता जा रहा है।

अब भी नहीं मिला हर सवाल का जवाब

प्रशासन की तरफ से अभी यह साफ नहीं किया गया है कि हाथी बटालियन कैंप के अंदर कैसे घुसा या उस रात जानवर इतना आक्रामक क्यों हो गया। वन विभाग की तरफ से भी अब तक यह नहीं बताया गया है कि आगे इस कैंप या गोलपाड़ा के दूसरे इलाकों में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।

सवाल-जवाब

हाथी के हमले में किसकी मौत हुई?
असम पुलिस के कांस्टेबल अमजद अली की मौत हुई।
यह हमला कहां हुआ?
यह हमला असम के गोलपाड़ा जिले के डकुरभिटा में स्थित 17वीं असम पुलिस बटालियन के कैंप में हुआ।
यह घटना कब हुई?
यह घटना रविवार को तड़के हुई।
हाथी ने उन पर हमला कैसे किया?
हाथी ने पहले उन्हें सूंड से पकड़ा और फिर उन्हें कुचल दिया।
क्या अमजद अली को बचाया जा सका?
नहीं, अस्पताल ले जाने के बावजूद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
क्या हाथी के आक्रामक होने की वजह पता चली है?
नहीं, प्रशासन ने अभी तक हमले की पूरी परिस्थितियों की जानकारी नहीं दी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·24 दिन पहले

यह घटना केवल एक दुखद दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला है। एक सशस्त्र पुलिस बटालियन कैंप के भीतर जंगली हाथी का बिना रोक-टोक घुस जाना और जवान की जान चले जाना सुरक्षा प्रोटोकॉल पर बड़े सवाल खड़े करता है। वन विभाग और पुलिस प्रशासन के बीच समन्वय की कमी साफ दिखती है। यदि जंगल से सटे ऐसे संवेदनशील कैंपों के लिए कोई ठोस एसओपी या बैरियर नीति नहीं बनाई गई, तो भविष्य में ऐसी आपदाओं को रोक पाना मुश्किल होगा और यह इंसान-वन्यजीव संघर्ष व्यवस्था की नाकामी बनता जाएगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·24 दिन पहले

यह घटना असम में बढ़ते मानव-हाथी संघर्ष और नीतिगत विफलता का स्पष्ट प्रमाण है। जब संरक्षित क्षेत्रों के पास तैनात सुरक्षा बल ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है। सरकार को तत्काल वन विभाग और सुरक्षा बलों के बीच एक संयुक्त कार्यबल का गठन करना चाहिए, ताकि संवेदनशील कैंपों के आसपास निगरानी बढ़ाई जा सके और ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके।

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