ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और पड़ोसी शहरों से आवागमन को निर्बाध बनाने की दिशा में एक बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना को हरी झंडी मिल गई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की हालिया बोर्ड बैठक में उत्तर प्रदेश के पहले डबल डेकर एलिवेटेड रोड के निर्माण प्रस्ताव को औपचारिक स्वीकृति दी गई है। यह महत्त्वाकांक्षी कॉरिडोर एकमूर्ति चौक से शुरू होकर शाहबेरी तक जाएगा और आगे चलकर सीधे मेरठ एक्सप्रेसवे यानी NH-9 से जुड़ जाएगा। इस पूरे तंत्र के तैयार होने से ग्रेटर नोएडा से दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के बीच यात्रा का समय काफी घट जाएगा।
परियोजना का प्रारूप और ढांचागत विवरण
प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रवि कुमार एनजी के अनुसार, यह पूरे राज्य में अपनी तरह की पहली डबल डेकर एलिवेटेड सड़क होगी। इस परियोजना को सुचारू रूप से लागू करने के लिए नोएडा प्राधिकरण और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण से भी आवश्यक अनापत्ति तथा सहमति ली जाएगी। पूरी परियोजना की लंबाई लगभग 5.75 किलोमीटर रखी गई है। इसमें एकमूर्ति चौक से शाहबेरी तक का हिस्सा तीन लेन वाले डबल डेकर एलिवेटेड रोड के रूप में तैयार किया जाएगा। इसके बाद शाहबेरी नाले से आगे NH-9 की दिशा में छह लेन की सिंगल एलिवेटेड सड़क का निर्माण प्रस्तावित है।
निर्माण लागत और वित्तीय बजट का वितरण
इस पूरे एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण पर अनुमानित 1280 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। वित्तीय बोझ को संतुलित रखने के लिए इस लागत का वहन चार अलग-अलग एजेंसियां मिलकर करेंगी। योजना के अनुसार, यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण, नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) इसमें बराबर-बराबर वित्तीय योगदान देंगे। कॉरिडोर के केवल डबल डेकर वाले हिस्से पर लगभग 756.01 करोड़ रुपये का बजट खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। इस निर्माण से ग्रेटर नोएडा की 130 मीटर चौड़ी प्रमुख सड़क सीधे मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़ सकेगी, जिससे दैनिक यात्रियों को सिग्नल फ्री रास्ता मिल सकेगा।
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जुड़ने का दूसरा नया मार्ग
बोर्ड बैठक में शहर की कनेक्टिविटी को विस्तार देने वाली एक और बड़ी सड़क योजना पर मुहर लगाई गई है। ग्रेटर नोएडा की 105 मीटर चौड़ी सड़क को सीधे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है। यह नया संपर्क मार्ग जुनपत गांव के पास से शुरू होकर एक्सप्रेसवे तक जाएगा, जिसकी कुल लंबाई लगभग 12 किलोमीटर होगी। इस मार्ग के बीच में मुख्य रेलवे लाइन, ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की लिंक लाइन और जीटी रोड का क्षेत्र पड़ेगा। इन बाधाओं को पार करने के लिए मार्ग पर तीन विशाल ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। इसे 10 लेन की मुख्य सड़क और 4 लेन की सर्विस रोड के रूप में विकसित किया जाएगा।
क्षेत्रीय विकास और आर्थिक गतिविधियों पर प्रभाव
इन दोनों विशाल सड़क परियोजनाओं के पूर्ण होने से न केवल ग्रेटर नोएडा का संपर्क दिल्ली और मेरठ जैसे शहरों से मजबूत होगा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक व आवासीय विकास को भी गति मिलेगी। दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न हिस्सों में आसानी से पहुंच होने के कारण नए निवेश क्षेत्रों और वाणिज्यिक केंद्रों की स्थापना में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।





















