दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एंटी गैंगस्टर स्क्वॉड (AGS) को एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। पुलिस टीम ने राजस्थान के भरतपुर में वर्ष 2017 में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपियों में शामिल 50 वर्षीय चुम्मा उर्फ नवल किशोर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले नौ वर्षों से लगातार पुलिस की पकड़ से दूर चल रहा था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी दिल्ली के मोहन गार्डन इलाके में छिपकर रह रहा था और वह PS मोहन गार्डन की सूची में एक सूचीबद्ध बैड कैरेक्टर के रूप में दर्ज है।
राजस्थान के भरतपुर में 2017 की खूनी वारदात का पूरा ब्यौरा
यह मामला राजस्थान के भरतपुर जिले स्थित थाना उचैन का है। घटना 14 जुलाई 2017 की है, जब कृषि भूमि के मालिकाना हक को लेकर दो गुटों के बीच गंभीर विवाद उत्पन्न हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस जांच के अनुसार, विवादित खेत पर कब्जा जमाने के इरादे से लगभग 30 से 40 हथियारबंद लोग मौके पर पहुंचे थे। इन लोगों ने विवादित जमीन पर लगी ज्वार की फसल को जबरन ट्रैक्टर चलाकर जोतना शुरू कर दिया था।
जब दूसरे पक्ष यानी शिकायतकर्ता पक्ष के लोग इस अवैध गतिविधि का विरोध करने पहुंचे, तो हथियारबंद हमलावरों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने शिकायतकर्ता पक्ष पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं और घातक हथियारों से मारपीट की। इस भीषण गोलीबारी और हिंसा में दो लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।
पुलिस कार्रवाई, अदालती वारंट और आरोपी की गिरफ्तारी
घटना के तुरंत बाद थाना उचैन में एफआईआर संख्या 160/2017 दर्ज की गई थी। इस मामले में पुलिस ने हत्या, हत्या के प्रयास, दंगा भड़काने, घातक हथियारों के साथ गैरकानूनी सभा बनाने और शारीरिक चोट पहुंचाने से संबंधित विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। मामले की विस्तृत जांच के दौरान पुलिस ने अब तक लगभग 35 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट और सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर दी है।
वारदात के बाद से ही चुम्मा उर्फ नवल किशोर गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने ठिकाने बदल रहा था। अदालत द्वारा उसके खिलाफ परमानेंट नॉन बेलेबल वारंट (स्थाई गैर-जमानती वारंट) जारी किए गए थे। क्राइम ब्रांच की एंटी गैंगस्टर स्क्वॉड ने तकनीकी विश्लेषण, मोबाइल सर्विलांस और मुखबिरों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर उसकी लगातार निगरानी की। आखिरकार, सटीक लोकेशन ट्रैकिंग के बाद पुलिस टीम ने मोहन गार्डन इलाके में छापेमारी कर आरोपी को दबोच लिया और कोर्ट के वारंट को एग्जीक्यूट किया।
दिल्ली और राजस्थान में दर्ज 12 आपराधिक मामले और पुलिस अभियान
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, चुम्मा उर्फ नवल किशोर का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है। उसके खिलाफ दिल्ली और राजस्थान के विभिन्न थानों में पहले से 12 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में हत्या के प्रयास, मारपीट, आबकारी कानून के उल्लंघन और आर्म्स एक्ट से जुड़ी धाराएं शामिल हैं।
दिल्ली पुलिस की ओर से राष्ट्रीय राजधानी में संगठित अपराध और भगोड़े अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई से न केवल वर्षों पुराना मामला सुलझाने में मदद मिली है, बल्कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




















