शनिवार 10 अक्टूबर को भारत के दो अलग-अलग राज्यों में जमीन के भीतर हलचल दर्ज की गई। देर रात जहां पश्चिमी राज्य गुजरात के भरूच इलाके में कंपन हुआ, वहीं शनिवार सुबह पूर्वोत्तर के मेघालय में धरती हिली। दोनों ही भारतीय क्षेत्रों में भूकंप की तीव्रता हल्की रही, जिससे किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं आई। इसी दौरान मध्य अमेरिकी राष्ट्र पनामा से भी एक बहुत बड़े भूकंप का मामला सामने आया, जहां भारी झटकों के चलते बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
मेघालय के ईस्टर्न वेस्ट खासी हिल्स में सुबह का कंपन
पूर्वोत्तर राज्य मेघालय के ईस्टर्न वेस्ट खासी हिल्स जिले में शनिवार सुबह लोग उस वक्त चौंक गए जब जमीन अचानक डोलने लगी। यह घटना सुबह ठीक 6 बजकर 33 मिनट और 33 सेकंड पर दर्ज हुई। जब यह हलचल हुई, उस समय ज्यादातर लोग अपने बिस्तरों पर थे या सुबह की शुरुआत कर रहे थे। अचानक लगे धक्कों से घबराकर कई बाशिंदे तुरंत अपने घरों से खुले स्थानों की तरफ दौड़े।
आंकड़ों के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 2.7 दर्ज की गई। इसका केंद्र जमीन की सतह से केवल 5 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। कम गहराई होने के बावजूद तीव्रता सीमित होने के कारण किसी प्रकार की अनहोनी या ढांचे के ढहने की खबर नहीं मिली, जो स्थानीय निवासियों के लिए एक बड़ी राहत साबित हुई।
गुजरात के भरूच में आधी रात डोली धरती
मेघालय में सुबह हुए कंपन से कुछ घंटे पहले गुजरात में भी जमीन हिली थी। शनिवार 10 अक्टूबर को देर रात 2 बजकर 7 मिनट और 56 सेकंड पर भरूच इलाके में झटके महसूस किए गए। गहरी नींद में सो रहे स्थानीय नागरिकों को जैसे ही कंपन का अहसास हुआ, घरों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
रिक्टर स्केल पर इस झटके का परिमाण 3.1 आंका गया। जमीन के नीचे इसका उद्गम स्थल लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। यह केंद्र भरूच क्षेत्र में था, जो सूरत शहर से करीब 54 किलोमीटर उत्तर-पूर्व दिशा में पड़ता है। तीव्रता बहुत अधिक नहीं होने की वजह से गुजरात में भी किसी प्रकार के ढांचागत नुकसान या हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई।
पनामा में 7.7 तीव्रता के प्रचंड झटके से मची तबाही
भारत में दर्ज हुए इन हल्के झटकों के विपरीत, मध्य अमेरिकी मुल्क पनामा में 9 अक्टूबर को एक बेहद विनाशकारी जलजला आया। वहां रिक्टर पैमाने पर 7.7 की विकराल तीव्रता वाला भूकंप दर्ज किया गया। इस मुख्य झटके के बाद स्थिति यहीं नहीं थमी, बल्कि 6.6 तीव्रता का एक और तगड़ा झटका तथा कई अन्य आफ्टरशॉक्स भी महसूस किए गए।
इतने शक्तिशाली झटकों के कारण बड़े पैमाने पर अफरा-तफरी फैल गई और लोगों को जान बचाने के लिए फौरन इमारतों को खाली करना पड़ा। कई मकानों और व्यावसायिक इमारतों में दरारें पड़ गईं तथा सड़कों को नुकसान पहुंचा। बिजली की लाइनें टूटने से विभिन्न हिस्सों में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। शुरुआती आंकड़ों में किसी के मारे जाने की पुष्टि नहीं हुई थी, लेकिन कुछ नागरिकों के जख्मी होने की जानकारी मिली। भूकंप के फौरन बाद तटीय इलाकों के लिए सुनामी की चेतावनी भी घोषित की गई थी, जिसे बाद में समीक्षा के उपरांत वापस ले लिया गया।



















