पूर्वोत्तर भारत के पहाड़ी राज्य अरुणाचल प्रदेश में सुबह के समय जमीन हिलने से लोगों में हलचल मच गई। रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 3 दर्ज की गई। हिमालयी क्षेत्र में स्थित इस राज्य में आए झटके हल्के स्तर के थे, जिससे किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
हाल के दिनों में कई क्षेत्रों में दर्ज हुई भूगर्भीय हलचल
भारत और आसपास के एशियाई इलाकों में पिछले कुछ समय से लगातार भूकंपीय गतिविधियां सामने आ रही हैं। अरुणाचल प्रदेश से पहले तिब्बत और म्यांमार जैसे सीमावर्ती और पड़ोसी क्षेत्रों में भी जमीन हिली थी। इसके अलावा देश के भीतर महाराष्ट्र, उत्तराखंड और दिल्ली-एनसीआर तक झटके महसूस किए जा चुके हैं।
हिमालयी बेल्ट और भूकंप की संवेदनशीलता
हिमालय की पर्वत श्रृंखला भूगर्भीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील मानी जाती है। टेक्टोनिक प्लेटों के दबाव और आपसी टकराव के कारण इस पूरे इलाके में अक्सर हल्के और मध्यम तीव्रता के झटके आते रहते हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से यह क्षेत्र सिस्मिक जोन के उच्च संवेदनशील दायरे में आता है, जिसके चलते हिमालयी राज्यों में लगातार निगरानी रखी जाती है।
सतर्कता और स्थिति
अरुणाचल प्रदेश में दर्ज 3 तीव्रता के झटके से जनजीवन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां हिमालयी बेल्ट में होने वाली हलचल पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी अप्रत्याशित खतरे से समय रहते निपटा जा सके।





















