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अरुणाचल प्रदेश में सुबह महसूस हुए भूकंप के झटके, रिक्टर पैमाने पर 3 मापी गई तीव्रताअरुणाचल प्रदेश
7 अक्तू॰ 2026, 9:07 am (50 मिनट पहले)· 1

अरुणाचल प्रदेश में सुबह महसूस हुए भूकंप के झटके, रिक्टर पैमाने पर 3 मापी गई तीव्रता

पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में सुबह के वक्त भूकंप के हल्के झटके दर्ज किए गए। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3 रही, जबकि हाल के दिनों में देश के कई अन्य हिस्सों में भी भूगर्भीय हलचल देखी गई है।

पूर्वोत्तर भारत के पहाड़ी राज्य अरुणाचल प्रदेश में सुबह के समय जमीन हिलने से लोगों में हलचल मच गई। रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 3 दर्ज की गई। हिमालयी क्षेत्र में स्थित इस राज्य में आए झटके हल्के स्तर के थे, जिससे किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

हाल के दिनों में कई क्षेत्रों में दर्ज हुई भूगर्भीय हलचल

भारत और आसपास के एशियाई इलाकों में पिछले कुछ समय से लगातार भूकंपीय गतिविधियां सामने आ रही हैं। अरुणाचल प्रदेश से पहले तिब्बत और म्यांमार जैसे सीमावर्ती और पड़ोसी क्षेत्रों में भी जमीन हिली थी। इसके अलावा देश के भीतर महाराष्ट्र, उत्तराखंड और दिल्ली-एनसीआर तक झटके महसूस किए जा चुके हैं।

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हिमालयी बेल्ट और भूकंप की संवेदनशीलता

हिमालय की पर्वत श्रृंखला भूगर्भीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील मानी जाती है। टेक्टोनिक प्लेटों के दबाव और आपसी टकराव के कारण इस पूरे इलाके में अक्सर हल्के और मध्यम तीव्रता के झटके आते रहते हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से यह क्षेत्र सिस्मिक जोन के उच्च संवेदनशील दायरे में आता है, जिसके चलते हिमालयी राज्यों में लगातार निगरानी रखी जाती है।

सतर्कता और स्थिति

अरुणाचल प्रदेश में दर्ज 3 तीव्रता के झटके से जनजीवन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां हिमालयी बेल्ट में होने वाली हलचल पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी अप्रत्याशित खतरे से समय रहते निपटा जा सके।

सवाल-जवाब

अरुणाचल प्रदेश में आए भूकंप की तीव्रता कितनी थी?
अरुणाचल प्रदेश में दर्ज किए गए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3 मापी गई।
क्या इस भूकंप से किसी जान-माल के नुकसान की सूचना है?
तीव्रता कम होने के कारण इस झटके से किसी प्रकार के बड़े नुकसान या हताहत होने की खबर नहीं है।
हाल के दिनों में भारत के और किन क्षेत्रों में भूकंप महसूस किए गए हैं?
हाल ही में महाराष्ट्र, उत्तराखंड और दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ पड़ोसी तिब्बत और म्यांमार में भी झटके दर्ज किए गए हैं।
हिमालयी क्षेत्रों में बार-बार भूकंप क्यों आते हैं?
हिमालय क्षेत्र टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव की सीमा पर स्थित होने की वजह से उच्च सिस्मिक संवेदनशीलता के अंतर्गत आता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·17 मिनट पहले

सिर्फ तीन तीव्रता वाला भूकंप था, पर जिस तरह आजकल आए दिन दिल्ली से लेकर म्यांमार तक ज़मीन हिल रही है, मामला सिर्फ सामान्य हलचल जैसा नहीं लगता। एजेंसियों को कहना चाहिए कि अंदर कुछ बड़ा पक रहा है या नहीं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·16 मिनट पहले

करण भाई, रिक्टर पैमाने पर 3 तीव्रता बहुत कम होती है, इसे बड़ा खतरा मानकर डरना सही नहीं है।

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