सड़कों पर अचानक सामने आने वाले बेसहारा मवेशियों के कारण होने वाले सड़क हादसों को रोकने के लिए गुजरात के नवसारी जिले में एक नई सामाजिक पहल शुरू की गई है। गणदेवी तालुका और बिलीमोरा क्षेत्र में सड़क पर बैठे जानवरों की वजह से आए दिन राहगीरों और मवेशियों दोनों की जान पर बन आती थी। बारिश के मौसम और रात के अंधेरे में यह समस्या और भी गंभीर रूप ले लेती है। इसी खतरे को देखते हुए स्थानीय युवाओं ने मवेशियों के गले में खास तरह की चमकदार पट्टी बांधने का काम हाथ में लिया है।
गणदेवी और बिलीमोरा में हादसों की रोकथाम का प्रयास
सड़क पर लावारिस घूमने वाले जानवरों और कुत्तों से जुड़े हादसे पहले भी कई जिलों में चिंता का बड़ा विषय बन चुके हैं, जिसके चलते यह मामला उच्च न्यायालय तक भी पहुंचा था। खासकर गणदेवी और बिलीमोरा के रास्तों पर बारिश के दिनों में मवेशी सड़कों के ऊंचे हिस्सों या ढेरों पर बैठ जाते हैं। दृश्यता कम होने की वजह से तेज रफ्तार वाहन इनसे टकरा जाते हैं, जिसमें न केवल मवेशी गंभीर रूप से घायल होते हैं बल्कि वाहन सवार इंसानों की भी जान चली जाती है। इंसानी और पशु जीवन दोनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस मानवीय अभियान की रूपरेखा तैयार की गई।
रेडियम बेल्ट से बढ़ेगी रात की दृश्यता
इस सुरक्षा योजना के तहत मवेशियों के गले में रेडियम से तैयार विशेष रिफ्लेक्टिव बेल्ट बांधी जा रही है। रात के समय या भारी बारिश के दौरान जब वाहनों की हेडलाइट्स इन बेल्ट पर पड़ती हैं, तो वे दूर से ही चमक उठती हैं। इससे चालकों को पहले ही पता चल जाता है कि आगे सड़क पर जानवर मौजूद हैं। समय रहते ब्रेक लगाने या गति नियंत्रित करने से भीषण टक्कर टल जाती है। रात के समय सड़कों पर जानवरों के चपेट में आने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है, इसलिए यह परावर्तक तकनीक दोनों पक्षों के लिए सुरक्षा कवच साबित हो रही है।
500 मवेशियों को बांधी गई बेल्ट, 2000 का लक्ष्य
इस पूरे अभियान में साईं लाल कुमावत, बजरंग दल के कार्यकर्ता और 50 से अधिक गौ प्रेमी युवा सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। रात के अंधेरे और व्यस्त सड़कों पर अपनी सुरक्षा को दांव पर लगाते हुए इन स्वयंसेवकों ने अब तक 500 आवारा मवेशियों के गले में यह रेडीमेड बेल्ट सुरक्षित तरीके से पहना दी है। इस समूह ने आगे बढ़ते हुए कुल 2000 गायों और मवेशियों को इस सुरक्षा दायरे में लाने का संकल्प लिया है, ताकि पूरे इलाके में सड़क हादसों के ग्राफ को पूरी तरह से नीचे लाया जा सके।


















