राजस्थान के खैरथल-तिजारा में साइबर ठगी की जांच के दौरान बड़ा हादसा, पुलिस की मौजूदगी में युवक ने लगाया फंदाउत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव 2026: भाजपा ने बनाई बढ़त, सपा ने दी कड़ी टक्कर; सीएम योगी आदित्यनाथ ने दी बधाईपारे की सतह पर सोना बनाने का दावा, राजस्थान के वैज्ञानिक लाल बहादुर के प्रयोग की शुरू हुई वैज्ञानिक जांचफरीदाबाद में फर्जी जॉब ऑफर के ज़रिए 89750 रुपये की साइबर ठगी, गाजियाबाद के 3 आरोपी गिरफ्तारराजस्थान के डीग में पंचायत चुनाव के दौरान भड़की हिंसा, सरपंच प्रत्याशियों के गुटों में पथराव से कई घायलयूडीपी से पाला बदलकर एनपीपी में शामिल हुए दो विधायक, मेघालय में बदला राजनीतिक गणित500 करोड़ के ऑडियो क्लिप मामले पर बोले मनोज जरांगे, जांच न होने पर 29 तारीख को दी सीधे टकराव की चेतावनीइलाहाबाद हाई कोर्ट दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम पर आदेश सुरक्षित करने के बाद निर्णय देगा29 अक्टूबर को चंद्रमा का मिथुन राशि में प्रवेश, इन 7 राशियों के खुलेंगे उन्नति के द्वारमैनपुरी विधानसभा सीट का तीन दशक का इतिहास और 2027 के भावी सियासी समीकरण
गुजरात के नवसारी में बेसहारा गोवंश को रेडियम बेल्ट पहनाकर हादसों से बचाने की अनूठी मुहिमभारत
24 सित॰ 2026, 5:21 pm (34 दिन पहले)· 0

गुजरात के नवसारी में बेसहारा गोवंश को रेडियम बेल्ट पहनाकर हादसों से बचाने की अनूठी मुहिम

नवसारी के गणदेवी तालुका में रात और बारिश के समय होने वाले हादसों को रोकने के लिए युवाओं ने 500 आवारा मवेशियों को रेडियम रिफ्लेक्टिव बेल्ट पहनाई है, जबकि 2000 गायों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।

सड़कों पर अचानक सामने आने वाले बेसहारा मवेशियों के कारण होने वाले सड़क हादसों को रोकने के लिए गुजरात के नवसारी जिले में एक नई सामाजिक पहल शुरू की गई है। गणदेवी तालुका और बिलीमोरा क्षेत्र में सड़क पर बैठे जानवरों की वजह से आए दिन राहगीरों और मवेशियों दोनों की जान पर बन आती थी। बारिश के मौसम और रात के अंधेरे में यह समस्या और भी गंभीर रूप ले लेती है। इसी खतरे को देखते हुए स्थानीय युवाओं ने मवेशियों के गले में खास तरह की चमकदार पट्टी बांधने का काम हाथ में लिया है।

गणदेवी और बिलीमोरा में हादसों की रोकथाम का प्रयास

सड़क पर लावारिस घूमने वाले जानवरों और कुत्तों से जुड़े हादसे पहले भी कई जिलों में चिंता का बड़ा विषय बन चुके हैं, जिसके चलते यह मामला उच्च न्यायालय तक भी पहुंचा था। खासकर गणदेवी और बिलीमोरा के रास्तों पर बारिश के दिनों में मवेशी सड़कों के ऊंचे हिस्सों या ढेरों पर बैठ जाते हैं। दृश्यता कम होने की वजह से तेज रफ्तार वाहन इनसे टकरा जाते हैं, जिसमें न केवल मवेशी गंभीर रूप से घायल होते हैं बल्कि वाहन सवार इंसानों की भी जान चली जाती है। इंसानी और पशु जीवन दोनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस मानवीय अभियान की रूपरेखा तैयार की गई।

ये भी पढ़ें

रेडियम बेल्ट से बढ़ेगी रात की दृश्यता

इस सुरक्षा योजना के तहत मवेशियों के गले में रेडियम से तैयार विशेष रिफ्लेक्टिव बेल्ट बांधी जा रही है। रात के समय या भारी बारिश के दौरान जब वाहनों की हेडलाइट्स इन बेल्ट पर पड़ती हैं, तो वे दूर से ही चमक उठती हैं। इससे चालकों को पहले ही पता चल जाता है कि आगे सड़क पर जानवर मौजूद हैं। समय रहते ब्रेक लगाने या गति नियंत्रित करने से भीषण टक्कर टल जाती है। रात के समय सड़कों पर जानवरों के चपेट में आने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है, इसलिए यह परावर्तक तकनीक दोनों पक्षों के लिए सुरक्षा कवच साबित हो रही है।

500 मवेशियों को बांधी गई बेल्ट, 2000 का लक्ष्य

इस पूरे अभियान में साईं लाल कुमावत, बजरंग दल के कार्यकर्ता और 50 से अधिक गौ प्रेमी युवा सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। रात के अंधेरे और व्यस्त सड़कों पर अपनी सुरक्षा को दांव पर लगाते हुए इन स्वयंसेवकों ने अब तक 500 आवारा मवेशियों के गले में यह रेडीमेड बेल्ट सुरक्षित तरीके से पहना दी है। इस समूह ने आगे बढ़ते हुए कुल 2000 गायों और मवेशियों को इस सुरक्षा दायरे में लाने का संकल्प लिया है, ताकि पूरे इलाके में सड़क हादसों के ग्राफ को पूरी तरह से नीचे लाया जा सके।

सवाल-जवाब

नवसारी में आवारा मवेशियों के लिए क्या अभियान शुरू किया गया है?
गणदेवी और बिलीमोरा क्षेत्र में सड़क हादसों को रोकने के लिए लावारिस मवेशियों के गले में रेडियम रिफ्लेक्टिव बेल्ट बांधी जा रही है।
रेडियम बेल्ट लगाने से सड़क हादसे कैसे रुकेंगे?
रात के समय वाहनों की लाइट पड़ते ही यह बेल्ट चमक उठती है, जिससे चालकों को दूर से ही मवेशी दिखाई दे जाते हैं और टक्कर टल जाती है।
अब तक कितने मवेशियों को यह बेल्ट बांधी जा चुकी है?
साईं लाल कुमावत, बजरंग दल और स्थानीय युवाओं के सहयोग से अब तक 500 मवेशियों को बेल्ट बांधी जा चुकी है।
इस अभियान का कुल लक्ष्य कितना रखा गया है?
युवाओं ने कुल 2000 गायों और मवेशियों को यह रिफ्लेक्टिव बेल्ट पहनाने का संकल्प लिया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Riya Menon@riya-menon·34 दिन पहले

गुजरातरूसा के रास्ते पर गाड़ी चलाते वक्त एक बार अचानक गाय सामने आ गई थी, गनीमत थी कि ब्रेक समय पर लग गए। ये रेडियम बेल्ट वाकई जान बचाएंगे।

Ravikash Gupta@ravikash·34 दिन पहले

नवसारी के इन युवाओं ने बहुत ही व्यावहारिक और असरदार काम किया है। हाईवे और शहर की सड़कों पर आवारा पशुओं की वजह से होने वाले हादसों से हर साल कितने ही घर उजड़ जाते हैं। कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स से जो काम कई बार कागजों पर रह जाते हैं, वो इन लड़कों ने जमीन पर कर दिखाया। दो हजार मवेशियों का लक्ष्य पूरा हुआ तो सच में कई जानें बचेंगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·34 दिन पहले

रविकेश, बात तो सौ टका सही कही आपने। पर क्या ये रेडियम बेल्ट बारिश और धूल से गंदी होकर कुछ दिनों बाद चमकना बंद नहीं कर देंगी?

Rohan Verma@rohan-verma·34 दिन पहले

नवसारी के इन युवाओं की पहल बहुत बढ़िया है, इससे रात में होने वाले हादसों से इंसानों और मवेशियों दोनों की जान बचेगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·34 दिन पहले

रोहन भाई, हाई कोर्ट तक में यह मुद्दा उठ चुका है, इसलिए इन युवाओं की यह पहल हादसों को रोकने में वाकई बहुत मददगार साबित होगी।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp