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गुजरात के सुल्तानाबाद में फार्महाउस शराब पार्टी पर छापा, 8 महिलाओं सहित 22 लोग हिरासत मेंगुजरात
15 अग॰ 2026, 9:12 pm (28 दिन पहले)· 2

गुजरात के सुल्तानाबाद में फार्महाउस शराब पार्टी पर छापा, 8 महिलाओं सहित 22 लोग हिरासत में

सूरत पुलिस ने सुल्तानाबाद के बापूजी नी वाडी फार्महाउस में चल रही एक जन्मदिन शराब पार्टी पर कार्रवाई करते हुए 22 लोगों को गिरफ्तार किया है और गाड़ियां तथा शराब जब्त की है।

गुजरात के सूरत शहर स्थित सुल्तानाबाद क्षेत्र में शनिवार को एक फार्महाउस के भीतर आयोजित शराब पार्टी पर पुलिस टीम ने अचानक छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान एक महिला का जन्मदिन मनाया जा रहा था। पुलिस अधिकारियों ने मौके से 8 महिलाओं और 14 पुरुषों समेत कुल 22 व्यक्तियों को हिरासत में लेकर बाद में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए सभी आरोपी 25 से 30 वर्ष की आयु वर्ग के हैं और वे सूरत के विभिन्न इलाकों के निवासी बताए गए हैं।

फार्महाउस से शराब और वाहनों की जब्ती

पुलिस की इस छापेमारी के दौरान बापूजी नी वाडी नामक फार्महाउस से आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद की गईं। प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, घटनास्थल से शराब की पांच खुली बोतलें, आधी भरी हुई शराब की गिलासें और बीयर के कई टिन मिले हैं। इसके साथ ही परिसर में खड़ी 9 लग्जरी कारें और आरोपियों के कई मोबाइल फोन भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए हैं। सहायक पुलिस आयुक्त ACP श्वेता डेनियल्स ने इस मामले पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई की गई थी।

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गुजरात में कड़ा कानून और निषेध अधिनियम के तहत मामला

उल्लेखनीय है कि गुजरात एक शुष्क राज्य यानी ड्राई स्टेट के रूप में जाना जाता है, जहां शराब के निर्माण, बिक्री, परिवहन, भंडारण और सेवन पर कानूनी रूप से पूरी तरह से प्रतिबंध लागू है। इस घटना के संदर्भ में सूरत पुलिस ने गुजरात निषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की है और मामले की विस्तृत जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

अवैध शराब नष्ट करने की पिछली कार्रवाइयां

राज्य में अवैध शराब के खिलाफ सख्त रुख का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले ही सप्ताह जामनगर जिले में प्रशासन ने 25.96 लाख रुपये मूल्य की जब्त अवैध शराब पर रोड रोलर चलाकर उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया था। जामनगर में नष्ट की गई यह शराब पिछले डेढ़ से दो वर्षों के दौरान चलाए गए विभिन्न अभियानों में पकड़ी गई थी। गुजरात में पहले भी विभिन्न मौकों पर जब्त की गई करोड़ों रुपये मूल्य की शराब की बोतलों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें नष्ट करने की कार्रवाइयां की जाती रही हैं।

सवाल-जवाब

सूरत में किस जगह पर शराब पार्टी चल रही थी?
यह शराब पार्टी सूरत के सुल्तानाबाद इलाके में स्थित बापूजी नी वाडी नामक फार्महाउस में चल रही थी।
छापेमारी में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?
पुलिस ने मौके से 8 महिलाओं और 14 पुरुषों समेत कुल 22 लोगों को गिरफ्तार किया।
फार्महाउस से पुलिस ने क्या-क्या सामान बरामद किया?
पुलिस ने शराब की 5 खुली बोतलें, बीयर के टिन, आधी भरी हुई गिलासें, 9 कारें और मोबाइल फोन जब्त किए।
यह पार्टी किस सिलसिले में आयोजित की गई थी?
यह आयोजन वहां मौजूद महिलाओं में से एक का जन्मदिन मनाने के लिए किया गया था।
आरोपियों के खिलाफ किस कानून के तहत मामला दर्ज हुआ है?
सभी आरोपियों के खिलाफ गुजरात निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Meera Joshi@meera-joshi·27 दिन पहले

सूरत के इस फार्महाउस प्रकरण से यह स्पष्ट होता है कि युवाओं में तनाव प्रबंधन के लिए किस तरह गैर-कानूनी और जोखिम भरे शॉर्टकट अपनाए जा रहे हैं। पच्चीस से तीस वर्ष की आयु के इन युवाओं का कानून के दायरे से बाहर जाकर जश्न मनाना यह दर्शाता है कि मानसिक विश्राम के लिए स्वस्थ और सकारात्मक विकल्पों की भारी कमी खल रही है। यदि इस आयु वर्ग की ऊर्जा को सकारात्मक और रचनात्मक गतिविधियों में नहीं मोड़ा गया, तो कानूनी और सामाजिक परिणाम दोनों ही उनके भविष्य पर भारी पड़ेंगे।

Arjun Mehta@arjun-mehta·27 दिन पहले

गुजरात में शराबबंदी कानून के बावजूद इस तरह की फार्महाउस पार्टियों का बार-बार सामने आना प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर एक गंभीर बहस को जन्म देता है। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई और हाल ही में जामनगर में भारी मात्रा में शराब नष्ट किए जाने जैसे कदम राज्य सरकार के सख्त रुख को दर्शाते हैं, लेकिन यह घटना यह भी रेखांकित करती है कि युवाओं के बीच नियमों की अनदेखी रोकने के लिए केवल कानूनी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि आपूर्ति के स्रोतों पर भी गहरी चोट करनी होगी।

Ravikash Gupta@ravikash·27 दिन पहले

अर्जुन के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, सूरत के इस फार्महाउस प्रकरण से यह स्पष्ट है कि राज्य में कड़े निषेध अधिनियम के बावजूद समानांतर नेटवर्क सक्रिय हैं। जब युवा वर्ग इस तरह की अवैध गतिविधियों में लिप्त मिलता है, तो यह केवल कानून प्रवर्तन की चुनौती नहीं बल्कि आपूर्ति श्रृंखला की जड़ों तक पहुँचने की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है। प्रशासन द्वारा जामनगर जैसी कार्रवाइयों से स्टॉक नष्ट करना सराहनीय है, परंतु वित्तीय प्रवाह और अवैध वितरण के उन रास्तों को ब्लॉक करना अब बेहद अनिवार्य हो गया है जो इस तरह के आयोजनों को आर्थिक रूप से समर्थन देते हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·28 दिन पहले

गुजरात जैसे ड्राई स्टेट में इस तरह के फार्महाउस पार्टी का पर्दाफाश यह दर्शाता है कि भूमिगत शराब नेटवर्क और निजी आयोजनों में नियमों की अनदेखी किस हद तक हो रही है। 25 से 30 वर्ष की आयु के युवाओं की संलिप्तता यह इशारा करती है कि कानून के कड़े प्रावधानों के बावजूद युवाओं में इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाना एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती बनी हुई है। आने वाले दिनों में पुलिस आपूर्तिकर्ताओं तक पहुँचने के लिए सप्लाई चेन की गहरी छानबीन कर सकती है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·28 दिन पहले

रोहन के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, यह मामला केवल एक फार्महाउस रेड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संगठित आपूर्तिकर्ताओं और निजी आयोजनों की आड़ में चल रहे सिंडिकेट्स पर सीधा प्रहार है। गुजरात निषेध अधिनियम के तहत नौ लग्जरी गाड़ियों और मोबाइल फोन्स की जब्ती यह स्पष्ट करती है कि जांच अब केवल सेवनकर्ताओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि फॉरेंसिक और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स के जरिए इस अवैध नेटवर्क की जड़ तक पहुँचना पुलिस की अगली प्राथमिकता होगी।

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