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गुरुग्राम हिट एंड रन मामले में मुख्य आरोपी और उसका साथी गिरफ्तार, शिवानी चौहान ने बयां की पूरी डरावनी दास्तानहरियाणा
16 सित॰ 2026, 9:28 am (6 दिन पहले)· 1

गुरुग्राम हिट एंड रन मामले में मुख्य आरोपी और उसका साथी गिरफ्तार, शिवानी चौहान ने बयां की पूरी डरावनी दास्तान

गुरुग्राम की गोल्फ कोर्स रोड पर महिला बाइकर को टक्कर मारने के मामले में मुख्य आरोपी जिम संचालक और उसके साथी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता शिवानी चौहान ने पुलिस जांच में शामिल होकर अपने बयान दर्ज कराए और आरोपी पर गंभीर आरोप लगाए।

गुरुग्राम के बहुचर्चित हिट एंड रन मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और उसके एक साथी को दबोच लिया है। गोल्फ कोर्स रोड पर तेज रफ्तार मारुति सुजुकी सियाज कार से एक महिला बाइक सवार को कुचलने का प्रयास करने के आरोपी जिम मालिक को घटना के दो दिन बाद मंगलवार को धर दबोचा गया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से ही शहर में सड़क सुरक्षा, लापरवाही से वाहन चलाने और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में हत्या के प्रयास और पीछा करने जैसी सख्त धाराएं जोड़ी हैं।

कल्याण बैंसला और उसका साथी गिरफ्तार

मुख्य आरोपी कल्याण बैंसला को पकड़ने के लिए गुरुग्राम पुलिस ने तीन विशेष टीमों का गठन किया था। पुलिस कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी के साथी को गुरुग्राम से कुछ ही दूरी पर स्थित राजस्थान के राजगढ़ से गिरफ्तार किया गया। घटना के समय आरोपी कल्याण बैंसला और उसका एक रिश्तेदार कार में मौजूद थे। गिरफ्तार किए गए रिश्तेदार की पहचान लवनीश के रूप में हुई है, जो पलवल की न्यू कॉलोनी का रहने वाला है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किए जाने के बाद पुलिस हिरासत में लिया जाएगा।

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कस्टडी से भागने की कोशिश और चोट

गिरफ्तारी के तुरंत बाद मुख्य आरोपी कल्याण बैंसला ने पुलिस को चकमा देने की फिराक में एक अजीब हरकत की। पुलिस हिरासत में रहते हुए उसने पेशाब करने का बहाना बनाया और वहां से भागने का प्रयास किया। हालांकि इस दौरान वह जमीन पर गिर गया जिससे उसे चोटें आईं। पुलिस ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया जहां उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी गई है।

पीड़िता शिवानी चौहान के गंभीर आरोप

घटना का शिकार हुई 27 वर्षीय अप्रिलिया आरएस 457 स्पोर्ट्स बाइक चालक शिवानी चौहान ने इस पूरी दुर्घटना को जानलेवा हमला बताया है। पीड़िता ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया था जिसमें कार द्वारा टक्कर मारकर मौके से फरार होने के दृश्य साफ दिखाई दे रहे थे। शिवानी चौहान ने मंगलवार को पुलिस जांच में शामिल होकर अपने बयान दर्ज कराए। उन्होंने अदालत में भी अपना बयान दर्ज कराया और उनके वकील संजय चौहान ने बताया कि पीड़िता ने कोर्ट में ठीक उसी तरह घटना का ब्योरा दिया जैसी वह वास्तव में घटी थी।

पुलिस और प्रशासन का पक्ष

गुरुग्राम के पुलिस उपायुक्त (पूर्व) संदीप कुमार ने स्पष्ट किया कि पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी उसका पीछा कर रहा था और उसने अपमानजनक टिप्पणियां भी की थीं। डीसीपी ने कहा कि बहस के बाद जानबूझकर साइड से टक्कर मारी गई थी जिससे साफ होता है कि आरोपी का इरादा पीड़िता की जान लेने का था। गुरुग्राम पुलिस आयुक्त सिबाश कविराज के निर्देश पर सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया वीडियो की गहन जांच के बाद प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109, धारा 78 और धारा 79 को जोड़ा गया। उपयोग की गई कार बैंसला के किसी परिचित के पंजीकृत नाम पर है जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है।

आरोपी पक्ष का सफाईनामा और तर्क

दूसरी ओर आरोपी के वकील नवीन बैंसला ने अपने मुवक्किल का बचाव करते हुए एक अलग ही कहानी सामने रखी है। वकील का दावा है कि टक्कर के बाद उनका मुवक्किल भीड़ द्वारा पीटे जाने के डर से घटनास्थल से चला गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटनास्थल पर लगभग 25 से 30 बाइक सवार मौजूद थे जो 120 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ियां चला रहे थे। आरोपी पक्ष का कहना है कि यह केवल एक दुर्घटना थी और जानबूझकर नुकसान पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। हालांकि पीड़िता ने इस तर्क पर सवाल उठाया कि यदि यह महज दुर्घटना थी तो आरोपी ने रुककर मदद क्यों नहीं की।

पीड़िता की सुरक्षा और गवाही

शिवानी चौहान का कहना है कि यदि उन्होंने सुरक्षात्मक परिधान नहीं पहने होते तो इस हादसे में उनकी जान भी जा सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला होने के कारण उन्हें विशेष रूप से निशाना बनाया गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और सामने आए सीसीटीवी फुटेज इस मामले में सबसे बड़े सबूत बने हैं। पुलिस अब इस बात की भी गहराई से जांच कर रही है कि घटना के वक्त कार में और कौन-कौन लोग मौजूद थे और किन लोगों ने मुख्य आरोपी को भगाने में मदद की थी।

सवाल-जवाब

गुरुग्राम में हिट एंड रन की यह घटना कहां हुई थी?
यह घटना गुरुग्राम की गोल्फ कोर्स रोड पर रविवार को हुई थी।
पीड़ित महिला बाइकर का नाम क्या है?
पीड़ित महिला बाइकर का नाम शिवानी चौहान उर्फ सिया है, जो अप्रिलिया आरएस 457 स्पोर्ट्स बाइक चला रही थीं।
मुख्य आरोपी का क्या नाम है?
मुख्य आरोपी का नाम जिम मालिक कल्याण बैंसला है।
पुलिस ने मुख्य आरोपी के साथ किसे गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने मुख्य आरोपी के रिश्तेदार और साथी लवनीश को राजस्थान के राजगढ़ से गिरफ्तार किया है।
आरोपियों पर कौन सी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं?
पुलिस ने प्राथमिकी में हत्या का प्रयास, पीछा करना और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने से संबंधित धाराएं जोड़ी हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Amit Patel@amit-patel·5 दिन पहले

गोल्फ कोर्स रोड जैसे प्रीमियम कॉर्पोरेट और आर्थिक कॉरिडोर पर इस तरह की हिंसक सड़क दुर्घटनाएं और उत्पीड़न केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं हैं, बल्कि यह शहर की बिज़नेस इमेज और शहरी गतिशीलता को भी प्रभावित करती हैं। गुरुग्राम जैसे वैश्विक बिज़नेस हब में कामकाजी पेशेवरों की सुरक्षा और सख्त ट्रैफिक प्रवर्तन का सीधा संबंध कॉर्पोरेट संस्कृति और शहर के आकर्षण से है। बीएनएस की कठोर धाराओं का निष्पक्ष इस्तेमाल यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है कि प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों की सड़कों पर कानून का डर कायम रहे।

Ravikash Gupta@ravikash·5 दिन पहले

गुरुग्राम का गोल्फ़ कोर्स रोड देश के प्रमुख कॉर्पोरेट और आर्थिक केंद्रों में से एक है, जहाँ इस प्रकार की हिंसक और लापरवाही भरी घटनाएँ शहरी सुरक्षा प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाती हैं। सोशल मीडिया साक्ष्यों के आधार पर हत्या के प्रयास और पीछा करने जैसी कठोर धाराएं जोड़ना एक महत्वपूर्ण कानूनी नज़ीर पेश करता है। ऐसे कड़े कदम न केवल मनचलों में खौफ़ पैदा करेंगे, बल्कि व्यावसायिक शहरों में कार्यस्थल और सड़कों पर महिलाओं की सुरक्षा तथा विश्वास को पुनः बहाल करने में सहायक सिद्ध होंगे।

Arjun Mehta@arjun-mehta·5 दिन पहले

रविकाश की बात को आगे बढ़ाते हुए, यह मामला केवल एक दुर्घटना का नहीं, बल्कि तेजी से बढ़ते शहरी केंद्रों में कानून-व्यवस्था और शासन के क्रियान्वयन की परीक्षा है। गुरुग्राम जैसे आर्थिक हब में जब डिजिटल साक्ष्य और सीसीटीवी का त्वरित इस्तेमाल कर बीएनएस की सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई होती है, तो यह स्मार्ट पुलिसिंग के मॉडल को एक नई दिशा देता है। हालांकि, ऐसे मामलों में वास्तविक निरोधक क्षमता तभी पैदा होगी जब जांच को समयबद्ध तरीके से पूरा कर कड़ा अभियोजन सुनिश्चित किया जाए। अगर यह मामला त्वरित न्याय का उदाहरण बनता है, तो यह संपूर्ण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और अन्य विकसित हो रहे महानगरांचलों के लिए लोक-नीति तथा सड़क सुरक्षा के प्रभावी कार्यान्वयन का एक नया मानक तय करेगा।

Rohan Verma@rohan-verma·5 दिन पहले

गुरुग्राम की इस घटना ने शहरी सड़कों पर महिला सुरक्षा और वीआईपी संस्कृति के तहत मनमानी ड्राइविंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने हत्या के प्रयास की धाराएं जोड़कर सही रुख अपनाया है, लेकिन अब यह देखना अहम होगा कि तेजी से चार्जशीट दाखिल कर अभियोजन पक्ष अदालत में इस मामले को कितनी मजबूती से रख पाता है, ताकि दोषियों को सख्त सजा मिल सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·5 दिन पहले

रोहन ने सही मुद्दा उठाया है कि अब असली चुनौती त्वरित चार्जशीट और मजबूत अभियोजन की है। मुख्य आरोपी का हिरासत से भागने का असफल प्रयास और खुद को चोट पहुँचाना यह दर्शाता है कि आरोपी कानून से बचने के लिए किस हद तक जा सकता है। ऐसे मामलों में यह अत्यंत आवश्यक है कि पुलिस फोरेंसिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया वीडियो को इस प्रकार संकलित करे कि अदालत में बचाव पक्ष को किसी भी प्रकार की ढील का लाभ न मिल सके। महिला सुरक्षा और सड़क पर अराजकता के इस दौर में न्याय की यह त्वरित और निष्पक्ष प्रक्रिया ही समाज में कड़ा संदेश दे सकती है।

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