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हैदराबाद में बालापुर गणेश लड्डू की रिकॉर्ड नीलामी, सामा प्रणीत रेड्डी ने 39 लाख रुपये में हासिल किया महाप्रसादतेलंगाना
25 सित॰ 2026, 1:34 pm (6 दिन पहले)· 0

हैदराबाद में बालापुर गणेश लड्डू की रिकॉर्ड नीलामी, सामा प्रणीत रेड्डी ने 39 लाख रुपये में हासिल किया महाप्रसाद

हैदराबाद के मशहूर बालापुर गणेश लड्डू की नीलामी में रियल एस्टेट कारोबारी सामा प्रणीत रेड्डी ने 39 लाख रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

हैदराबाद के प्रसिद्ध बालापुर गणेश उत्सव में इस बार लड्डू नीलामी ने इतिहास रच दिया है। रियल एस्टेट और इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र से जुड़े कारोबारी सामा प्रणीत रेड्डी ने इस साल का प्रतिष्ठित महाप्रसाद 39 लाख रुपये की रिकॉर्ड बोली लगाकर हासिल किया। पिछले वर्ष यह लड्डू 35 लाख रुपये में नीलाम हुआ था, जिसकी तुलना में इस बार 4 लाख रुपये की स्पष्ट वृद्धि देखने को मिली है। नीलामी संपन्न होते ही पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा।

कौन हैं रिकॉर्ड बोली लगाने वाले सामा प्रणीत रेड्डी

रिकॉर्ड राशि की अंतिम बोली लगाने वाले सामा प्रणीत रेड्डी हैदराबाद के रियल एस्टेट जगत में एक प्रतिष्ठित पहचान रखते हैं। वह वनस्थलीपुरम स्थित प्रमुख कंपनी अर्बन ग्रुप के प्रमोटर और निदेशक पद पर कार्यरत हैं। शहर तथा इसके नजदीकी क्षेत्रों में कई बड़े आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स का संचालन उनकी देखरेख में होता है। व्यावसायिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ प्रणीत रेड्डी विभिन्न सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में भी निरंतर सक्रिय रहते हैं। उनका विश्वास है कि बालापुर गणेश का यह पावन लड्डू उनके परिवार, संस्थान और सहयोगियों के लिए सुख, शांति, समृद्धि और ईश्वर का असीम आशीर्वाद लेकर आएगा।

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सुबह 9:30 बजे शुरू हुआ रोमांचक मुकाबला

लड्डू नीलामी का कार्यक्रम सुबह 9:30 बजे बेहद भव्य और पारंपरिक वातावरण में शुरू किया गया था। निर्धारित नियमों के तहत बोली प्रक्रिया में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों ने 5,000 रुपये का अनिवार्य पंजीकरण शुल्क जमा करवाकर अपना नाम दर्ज कराया था। इस बार की नीलामी विशेष रूप से रोमांचक रही क्योंकि इसमें नौ नए चेहरे पहली बार मैदान में उतरे थे। इन नए प्रतिभागियों में शामिल प्रणीत रेड्डी ने अपनी पहली ही कोशिश में बाकी सभी दावेदारों को पीछे छोड़ते हुए 39 लाख रुपये की विजयी बोली लगाई और पवित्र लड्डू अपने नाम कर लिया।

450 रुपये से शुरू होकर 39 लाख तक का तीन दशकों का सफर

बालापुर गणेश लड्डू की नीलामी की परंपरा तीन दशकों से भी अधिक पुरानी है। वर्ष 1994 में इस ऐतिहासिक परंपरा की शुरुआत हुई थी, जब पहली बार हुई नीलामी में कोलानु मोहन रेड्डी ने मात्र 450 रुपये में इसे खरीदा था। इसके बाद समय के साथ श्रद्धालुओं की आस्था और बोलियों का दायरा बढ़ता गया। वर्ष 2002 में कंददा माधव रेड्डी ने 1.05 लाख रुपये की सफल बोली लगाकर पहली बार इस नीलामी को 1 लाख रुपये के पार पहुंचाया था। आगे चलकर 2015 में कल्लेम मदन मोहन रेड्डी ने 10.32 लाख रुपये की बोली दर्ज कराई। वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के प्रकोप और पाबंदियों के कारण नीलामी का आयोजन नहीं किया जा सका था। हाल के वर्षों की बात करें तो 2024 में कोलानु शंकर रेड्डी ने 30.01 लाख रुपये तथा 2025 में लिंगाला दशरथ गौड़ ने 35 लाख रुपये में यह लड्डू जीता था। अब 2026 में 39 लाख रुपये का नया कीर्तिमान स्थापित हो चुका है।

16 किलोमीटर लंबी विसर्जन शोभायात्रा

नीलामी की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के तत्काल बाद बालापुर गणेश की भव्य विसर्जन शोभायात्रा हुसैन सागर (टैंक बंड) के लिए रवाना की गई। लगभग 16 किलोमीटर लंबी यह पारंपरिक यात्रा बालापुर से प्रारंभ होकर चंद्रयानगुट्टा, फलकनुमा, ऐतिहासिक चारमीनार, अफजलगंज, एमजे मार्केट और आबिड्स जैसे प्रमुख इलाकों से गुजरते हुए टैंक बंड पहुंची। पूरे मार्ग में लाखों श्रद्धालु भगवान गणेश के अंतिम दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए सड़कों के दोनों किनारों पर उमड़े रहे।

सवाल-जवाब

वर्ष 2026 में बालापुर गणेश का लड्डू कितने रुपये में नीलाम हुआ?
इस साल बालापुर गणेश का लड्डू 39 लाख रुपये की रिकॉर्ड बोली में नीलाम हुआ।
इस रिकॉर्ड नीलामी के विजेता कौन हैं?
रियल एस्टेट कारोबारी और अर्बन ग्रुप के प्रमोटर व निदेशक सामा प्रणीत रेड्डी ने यह नीलामी जीती।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार बोली में कितनी बढ़ोतरी हुई?
पिछले वर्ष यह 35 लाख रुपये में नीलाम हुआ था, जिसमें इस बार 4 लाख रुपये की वृद्धि दर्ज की गई।
नीलामी में भाग लेने के लिए क्या नियम निर्धारित थे?
प्रतिभागियों को बोली में शामिल होने के लिए 5,000 रुपये का पंजीकरण शुल्क जमा कराना अनिवार्य था।
बालापुर लड्डू नीलामी की शुरुआत कब और कितने रुपये से हुई थी?
इस नीलामी की शुरुआत वर्ष 1994 में हुई थी, जब कोलानु मोहन रेड्डी ने इसे मात्र 450 रुपये में खरीदा था।
लड्डू पहली बार 1 लाख रुपये के पार कब बिका था?
वर्ष 2002 में कंददा माधव रेड्डी ने 1.05 लाख रुपये की बोली लगाकर इसे पहली बार एक लाख के पार पहुंचाया था।
नीलामी के बाद गणेश विसर्जन शोभायात्रा कहां तक गई?
यह शोभायात्रा बालापुर से शुरू होकर चारमीनार होते हुए 16 किलोमीटर दूर हुसैन सागर (टैंक बंड) पहुंची।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Priya Sharma@priya-sharma·5 दिन पहले

39 लाख में लड्डू खरीदना थोड़ा अजीब लगता है। आस्था अपनी जगह है, पर इतनी बड़ी रकम किसी अच्छे काम में लगती तो ज्यादा सुकून मिलता।

Arjun Mehta@arjun-mehta·5 दिन पहले

गणेश उत्सव का ऐसा उत्साह और आस्था देखकर वाकई हैरानी होती है। 450 रुपये से शुरू हुई इस नीलामी का 39 लाख तक पहुंच जाना गजब का सफर है। प्रणीत रेड्डी के लिए यह साल बहुत बड़ा रहा होगा।

Sophie Laurent@sophie-laurent·5 दिन पहले

अरे अर्जुन, बिल्कुल सही कहा आपने! यूरोप में भी स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को बचाने के लिए ऐसे अनोखे आयोजन होते हैं, पर 39 लाख की बोली सच में हैरान करने वाली है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·5 दिन पहले

बालापुर के इस लड्डू की बात ही निराली है। मुझे याद है जब मैं कुछ साल पहले कवरेज के लिए वहाँ गया था, तब लोगों का उत्साह देखकर ही समझ आ गया था कि ये महज़ एक प्रसाद नहीं, बल्कि उनकी आस्था का बड़ा केंद्र है। 39 लाख तक पहुँचना वाकई हैरान करने वाला है।

Ravikash Gupta@ravikash·5 दिन पहले

अरे करण भाई, बिल्कुल सही कहा आपने! मैं भी पिछली बार वहीं था, वो 35 लाख वाली नीलामी के वक्त गजब का जोश था लोगों में।

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