सिंह राशिफल 22 सितंबर 2026: आठवें भाव में शनि का प्रभाव, धैर्य और व्यवस्थित दिनचर्या से बनेंगे कामन्यूयॉर्क में वैश्विक तनाव पर बोले एस. जयशंकर, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में तुरंत बदलाव जरूरीकिश्त की मूल कंपनी वनईएमआई टेक्नोलॉजीज की बाजार में मजबूत एंट्री, 12 फीसदी प्रीमियम पर हुई लिस्टिंगदलाल स्ट्रीट पर शुक्रवार को लौटी रौनक, रियल्टी और मिडकैप की अगुवाई में सेंसेक्स और निफ्टी मजबूतअमेरिकी डॉलर के सामने कनाडाई डॉलर 5 अगस्त के बाद के सबसे निचले स्तर पर फिसला, व्यापार तनाव से बढ़ा दबावकच्चे तेल में चार दिनों की गिरावट थमी, एशियाई कारोबार में कीमतें संभलींशेयर बाजार में आज 64 कंपनियों का एक्स-डेट एक्शन: टीएएएल टेक का स्टॉक स्प्लिट और 63 शेयरों पर डिविडेंड का मौकाराजस्थान के देशनोक में खेत की डिग्गी में डूबे तीन सगे भाई, एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में गई जानलखनऊ में 3,567 शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को बांटे गए नियुक्ति पत्र, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर जोरबैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक के कर्जदारों पर बढ़ा ब्याज का बोझ, 12 जून से लागू होंगी नई दरें
हमीरपुर में महिला कर्मचारी के घर की रेलिंग में मिलीं सरकारी पाइपें, विजिलेंस ने शुरू की जांचहिमाचल प्रदेश
16 सित॰ 2026, 10:16 pm (5 दिन पहले)· 0

हमीरपुर में महिला कर्मचारी के घर की रेलिंग में मिलीं सरकारी पाइपें, विजिलेंस ने शुरू की जांच

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक महिला कर्मचारी के मकान की रेलिंग में जल शक्ति विभाग की सरकारी पाइपें मिलने से हड़कंप मच गया है। विजिलेंस टीम ने मौके पर पहुंचकर सैंपल सील किए हैं और मामले की जांच की जा रही है।

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के तरोपका गांव में सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग का एक अजीब मामला सामने आया है। यहां एक महिला कर्मचारी के मकान की छत की रेलिंग में जल शक्ति विभाग की पाइपों का इस्तेमाल किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रेलिंग पर सरकारी मोहर लगी मिलने के बाद मामला विजिलेंस के पास पहुंच गया और अब विजिलेंस थाना हमीरपुर की टीम इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने तुरंत हरकत में आते हुए मौके का मुआयना किया और रेलिंग में लगी पाइपों के टुकड़े काटकर अपने कब्जे में ले लिए। यह पूरी कार्रवाई जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी में अंजाम दी गई और लिए गए सैंपल आगे की जांच के लिए विभाग को सौंप दिए गए हैं। हालांकि, इन पाइपों का यह इस्तेमाल वास्तव में सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग के दायरे में आता है या नहीं, इसकी पुष्टि केवल विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।

शिकायत के बाद मौके पर पहुंची विजिलेंस टीम

इस पूरे मामले की औपचारिक शिकायत हिमाचल प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य राजीव राणा द्वारा दर्ज कराई गई थी। उनका आरोप है कि वर्ष 2022 के दौरान जल शक्ति विभाग के स्टोर से पानी के कनेक्शन के लिए जो सरकारी पाइपें जारी की गई थीं, उनका गलत तरीके से उपयोग मकान की रेलिंग तैयार करने में किया गया। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने तरोपका गांव पहुंचकर खुद स्थिति का जायजा लिया। रेलिंग में लगी हुई इन पाइपों पर सरकारी मोहर का पाया जाना इस जांच के लिहाज से सबसे अहम और निर्णायक बिंदु माना जा रहा है। जांच प्रक्रिया के दौरान मौके की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जल शक्ति विभाग के तकनीकी कर्मचारियों को भी विशेष रूप से बुलाया गया था।

ये भी पढ़ें

पाइप काटकर लिए गए सैंपल और दिए गए निर्देश

विजिलेंस टीम ने गहन निरीक्षण के बाद रेलिंग में फिट इन पाइपों के कुछ हिस्से नमूने के तौर पर काट लिए। इन सभी सैंपलों को सील करके आगे की तकनीकी और आधिकारिक जांच के लिए जल शक्ति विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है। इसके साथ ही, विजिलेंस ने मकान में रहने वाले परिवार को सख्त हिदायत दी है कि जब तक इस मामले की पूरी जांच मुकम्मल नहीं हो जाती, तब तक इन पाइपों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या बदलाव नहीं किया जाना चाहिए।

मकान मालिक और पूर्व मालिक के अपने दावे

विवादों में घिरी संबंधित महिला कर्मचारी का इस मामले पर अपना पक्ष है कि उसने यह आशियाना वर्ष 2021 में खरीदा था। उसके अनुसार, जब उसने यह संपत्ति खरीदी थी, तब मकान में जल जीवन मिशन योजना के तहत एक सरकारी नल का कनेक्शन पहले से लगा हुआ था। बाद में जब पीवीसी पाइप का नया कनेक्शन डलवाया गया, तब पुरानी पाइपों को वहां से उखाड़ दिया गया था। इस मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए जांच के दौरान मकान के पूर्व मालिक को भी मौके पर तलब किया गया। पूर्व मालिक ने स्वीकार किया कि उस समय घर में पानी के कनेक्शन के लिए पाइपें डाली गई थीं, लेकिन उस वक्त ठीक कितनी मात्रा में पाइपों का इस्तेमाल हुआ था, इसकी सटीक संख्या उसे याद नहीं है।

कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी और विभाग का रुख

विजिलेंस टीम की इस कार्रवाई के दौरान नादौन विधानसभा क्षेत्र से जुड़े कांग्रेस पार्टी के दो स्थानीय नेता भी मौके पर पहुंच गए। चर्चा है कि इनमें से एक नेता उक्त महिला कर्मचारी का करीबी रिश्तेदार है। वर्तमान तैनाती की बात करें तो यह महिला कर्मचारी सुजानपुर में अपनी सेवाएं दे रही है, जबकि इससे पहले वह हमीरपुर मंडल के अंतर्गत कार्यरत रह चुकी है। दूसरी ओर, जल शक्ति विभाग मंडल हमीरपुर के अधिशासी अभियंता राजीव सहगल ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि विजिलेंस की ओर से सूचना मिलने के बाद विभाग ने अपने कनिष्ठ अभियंता को तुरंत मौके पर भेजा था। विजिलेंस टीम द्वारा जो सैंपल काटकर विभाग को सौंपे गए हैं, उन पर विभागीय स्तर पर विस्तृत जांच की जाएगी और उसके बाद ही वास्तविक स्थिति सबके सामने स्पष्ट हो पाएगी। शिकायतकर्ता राजीव राणा का यह भी कहना है कि उन्होंने पुख्ता सबूतों के आधार पर सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग की शिकायत दर्ज कराई थी और उनका मुख्य उद्देश्य इस मामले में उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करवाना है।

सवाल-जवाब

यह मामला हिमाचल प्रदेश के किस जिले का है?
यह मामला हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के तरोपका गांव का है।
इस मामले की शिकायत किसने दर्ज कराई थी?
इस मामले की शिकायत हिमाचल प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य राजीव राणा ने की थी।
विजिलेंस टीम ने मौके से क्या कार्रवाई की?
विजिलेंस टीम ने रेलिंग में लगी पाइपों के कुछ हिस्से काटकर सैंपल के तौर पर अपने कब्जे में लिए और उन्हें जल शक्ति विभाग को सौंपा।
महिला कर्मचारी ने मकान के संबंध में क्या जानकारी दी?
संबंधित महिला कर्मचारी का कहना है कि उसने यह मकान वर्ष 2021 में खरीदा था।
जल शक्ति विभाग के अधिकारी ने क्या बयान दिया?
अधिशासी अभियंता राजीव सहगल ने बताया कि विस्तृत विभागीय जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Riya Menon@riya-menon·5 दिन पहले

सरकारी संपत्तियों का ऐसा दुरुपयोग प्रशासनिक पारदर्शिता पर सीधा सवाल खड़ा करता है। यद्यपि यह मामला जल शक्ति विभाग की पाइपों से जुड़ा है, लेकिन इस प्रकार की घटनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी विकास योजनाओं और जन-कल्याणकारी संसाधनों के रख-रखाव पर जनता का भरोसा डगमगाता है। विजिलेंस जांच के नतीजे यह तय करेंगे कि यह प्रशासनिक लापरवाही थी या व्यक्तिगत स्तर पर संसाधनों का गंभीर दुरुपयोग।

Ravikash Gupta@ravikash·5 दिन पहले

सरकारी संपत्तियों के इस प्रकार के निजी इस्तेमाल से न केवल सार्वजनिक धन का नुकसान होता है, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं। यदि विजिलेंस जांच में यह दुरुपयोग साबित होता है, तो यह मामले से जुड़े अन्य विभागों और टेंडर आवंटन प्रक्रिया की जवाबदेही तय करने का एक कड़ा उदाहरण बन सकता है। ऐसे मामलों में प्रशासनिक सख्ती और त्वरित फॉरेंसिक ऑडिट भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए बेहद जरूरी हैं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·5 दिन पहले

यह मामला केवल एक व्यक्तिगत संपत्ति के दुरुपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक वितरण प्रणालियों और स्थानीय स्तर पर सामग्री के ऑडिट की कमज़ोरियों को उजागर करता है। जब तक सरकारी स्टोर से जारी होने वाली हर एक सामग्री की डिजिटल मैपिंग और टर्नओवर का पारदर्शी रिकॉर्ड नहीं रखा जाएगा, तब तक ऐसी अनियमिताएं रोक पाना मुश्किल होगा। विजिलेंस की यह जांच यदि निष्कर्ष तक पहुंचती है, तो इससे मैदानी स्तर पर सरकारी संसाधनों की निगरानी व्यवस्था में कड़े सुधार की आवश्यकता अनिवार्य हो जाएगी।

Rohan Verma@rohan-verma·5 दिन पहले

सरकारी संपत्तियों के निजी इस्तेमाल के ऐसे मामले प्रशासनिक पारदर्शिता पर सीधा सवाल उठाते हैं। इस प्रकरण में विजिलेंस जांच और तकनीकी मुआयना यह तय करेगा कि सामग्री का डायवर्जन किस स्तर पर हुआ। चूंकि वर्तमान और पूर्व मालिक दोनों के दावे आमने-सामने हैं, इसलिए जवाबदेही तय करने के लिए स्टोर रिकॉर्ड और आवंटन रजिस्टर की फोरेंसिक जांच बेहद अहम होगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·5 दिन पहले

इस मामले में स्टोर रिकॉर्ड और आवंटन रजिस्टर की फोरेंसिक जांच यह तय करेगी कि सामग्री का डायवर्जन किस स्तर पर हुआ। चूंकि वर्तमान और पूर्व मालिक दोनों के दावे आमने-सामने हैं, इसलिए जवाबदेही तय करने के लिए यह प्रक्रिया बेहद अहम होगी। सरकारी मोहर वाली पाइपों का निजी निर्माण में उपयोग प्रशासनिक पारदर्शिता पर सीधा सवाल उठाता है। आगामी जांच में यह सामने आना लाजिमी है कि 2022 में जारी सामग्रियां निर्माण स्थल तक कैसे पहुंचीं और इसमें किसकी संलिप्तता थी।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp