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हनुमानगढ़ में 17 करोड़ की प्रतिबंधित दवाइयां जब्त, टाऊन पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचाबिहार
17 अग॰ 2026, 7:50 pm (38 दिन पहले)· 0

हनुमानगढ़ में 17 करोड़ की प्रतिबंधित दवाइयां जब्त, टाऊन पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचा

हनुमानगढ़ टाउन पुलिस और जिला विशेष टीम ने सिंधी मोहल्ले के एक गोदाम पर छापा मारकर 17 करोड़ रुपये मूल्य की प्रतिबंधित दवाइयां और गोलियां बरामद की हैं। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

हनुमानगढ़ में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है। टाऊन पुलिस ने जिला विशेष टीम से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर स्थानीय सिंधी मोहल्ले में स्थित एक गोदाम पर अचानक छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाइयां, गोलियां और कैप्सूल बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 17 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने मौके से तीन संदिग्ध आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है, जो इस अवैध नेटवर्क का संचालन कर रहे थे।

छापेमारी के दौरान पुलिस को गोदाम से कुल 4 लाख 12 हजार 300 प्रतिबंधित गोलियां और कैप्सूल हाथ लगे। इसके अतिरिक्त, नशे के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली 32 अन्य गोलियां भी जप्त की गई हैं। इतनी भारी मात्रा में प्रतिबंधित फार्मास्युटिकल उत्पादों की बरामदगी से यह साफ हो गया है कि इलाके में एक बहुत बड़ा अवैध सिंडिकेट सक्रिय था। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इन दवाइयों को केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और अन्य शहरों में भी सुनियोजित तरीके से सप्लाई किया जाता था।

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सिंधी मोहल्ले के गोदाम से चल रहा था नेटवर्क

जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने टाऊन के सिंधी मोहल्ले में स्थित इस गोदाम को अवैध दवाइयों के भंडारण और वितरण का मुख्य अड्डा बना रखा था। इस स्थान पर प्रतिबंधित उत्पादों का बड़ा स्टॉक जमा करके रखा जाता था और ग्राहकों की मांग के अनुसार उन्हें अलग-अलग जगहों पर भेजा जाता था। पुलिस अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाइयों की यह खेप आखिर कहां से बनकर आई थी और इस तस्करी के नेटवर्क में कौन-कौन बड़े चेहरे शामिल हैं।

तीन आरोपी गिरफ्तार और आगे की जांच

इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मनप्रीत सिंह, विनोद कुमार और पप्पू सिंह को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इन तीनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचा जा सके और इसमें शामिल अन्य सहयोगियों के नाम भी सामने आ सकें। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पिछले कितने समय से इस गोदाम के जरिए विभिन्न इलाकों में प्रतिबंधित दवाइयों की आपूर्ति की जा रही थी। इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक बी आदित्य ने एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि जिला विशेष टीम से इनपुट मिलने के बाद टाऊन पुलिस ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत इस छापेमारी को पूरा किया। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि मादक पदार्थों और प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ यह अभियान भविष्य में भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा तथा इस मामले में आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

सवाल-जवाब

हनुमानगढ़ में पुलिस ने कितनी कीमत की प्रतिबंधित दवाइयां बरामद की हैं?
पुलिस ने करीब 17 करोड़ रुपये कीमत की प्रतिबंधित दवाइयां बरामद की हैं।
यह कार्रवाई हनुमानगढ़ के किस इलाके में की गई है?
यह कार्रवाई टाऊन क्षेत्र के सिंधी मोहल्ले में स्थित एक गोदाम पर की गई है।
इस मामले में कुल कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने इस मामले में मनप्रीत सिंह, विनोद कुमार और पप्पू सिंह सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
छापेमारी के दौरान कुल कितनी गोलियां और कैप्सूल बरामद हुए हैं?
कार्रवाई के दौरान कुल 4 लाख 12 हजार 300 प्रतिबंधित गोलियां और कैप्सूल बरामद किए गए हैं, इसके अलावा 32 अन्य नशीली गोलियां भी मिली हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Dr. Aditya Sharma@aditya-sharma·37 दिन पहले

यह घटना दिखाती है कि कैसे आधुनिक तस्कर कानूनी दवाइयों के नेटवर्क का दुरुपयोग कर रहे हैं। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से, जब राहु और मंगल जैसे ग्रहों का कुप्रभाव बढ़ता है, तो समाज में शॉर्टकट से धन कमाने की प्रवृत्ति और नशे का काला कारोबार पनपता है। पुलिस की यह कार्रवाई इस बड़े सिंडिकेट की जड़ों तक पहुँचने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आने वाले समय में अन्य चेहरों के बेनकाब होने की पूरी संभावना है।

Ravikash Gupta@ravikash·37 दिन पहले

हनुमानगढ़ में सत्रह करोड़ रुपए की प्रतिबंधित दवाइयों की जब्ती यह दर्शाती है कि अवैध फार्मास्युटिकल और नशीले पदार्थों का कारोबार किस स्तर पर संगठित वित्तीय नेटवर्क बन चुका है। इतनी बड़ी मात्रा के भंडारण और वितरण के लिए एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला और कार्यशील पूंजी की आवश्यकता होती है। पुलिस जांच का दायरा यदि इनके वित्तीय लेन-देन, स्रोत और हवाला चैनलों तक पहुंचता है, तो इस अवैध सिंडिकेट के कई बड़े चेहरे और मास्टरमाइंड बेनकाब हो सकते हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर इस अवैध कारोबार पर गहरी चोट पड़ेगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·37 दिन पहले

यह जब्ती केवल एक स्थानीय अपराध नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। जब प्रतिबंधित फार्मास्युटिकल उत्पादों का दायरा करोड़ों में पहुँचता है, तो यह स्पष्ट है कि युवा पीढ़ी को लक्षित करने वाला एक व्यवस्थित गिरोह सक्रिय है। पुलिस और प्रशासन को अब राज्य की सीमाओं से परे जाकर इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड्स पर शिकंजा कसना होगा, तभी इस अवैध व्यापार की जड़ों को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है।

Rohan Verma@rohan-verma·37 दिन पहले

हनुमानगढ़ में 17 करोड़ की प्रतिबंधित दवाइयों की बरामदगी यह दर्शाती है कि नशे के कारोबार में अब पारंपरिक तस्करों के साथ फार्मास्युटिकल नेटवर्क भी गहराई से जुड़ चुके हैं। इस मामले में आपूर्ति श्रृंखला के मुख्य सरगनाओं तक पहुँचना और अंतर-राज्यीय संपर्कों को खंगालना पुलिस के लिए अगली बड़ी चुनौती होगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·37 दिन पहले

रोहन के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, इस 17 करोड़ की खेप का मामला केवल स्थानीय गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहना चाहिए। एनडीपीएस एक्ट और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के प्रावधानों के तहत यह देखना अहम होगा कि इतनी भारी मात्रा में प्रतिबंधित फार्मास्युटिकल उत्पादों का बिना लाइसेंस भंडारण कैसे हुआ। पुलिस और औषधि नियंत्रण विभाग की संयुक्त जांच से ही इस अवैध सिंडिकेट के वित्तीय नेटवर्क और मास्टरमाइंड बेनकाब हो सकेंगे।

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