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हाथ में नहीं टिकता पैसा तो धनतेरस पर अपनाएं वास्तु और पूजा के खास नियमउत्तराखंड
31 अक्तू॰ 2026, 1:40 pm (6 दिन पहले)· 1

हाथ में नहीं टिकता पैसा तो धनतेरस पर अपनाएं वास्तु और पूजा के खास नियम

कमाई होने के बावजूद अगर बचत नहीं हो पा रही है, तो धनतेरस के पावन अवसर पर दिशा और विशेष पूजन विधानों से जुड़े उपायों को अपनाकर आर्थिक तंगी दूर की जा सकती है।

अक्सर देखा जाता है कि नियमित आमदनी होने के बावजूद धन रुकता नहीं है और अनायास होने वाले खर्चों की वजह से महीने का अंत आते आते जेब पूरी तरह खाली हो जाती है। ऐसी आर्थिक उलझनों से राहत पाने और घर में स्थिरता लाने के लिए लोग विभिन्न प्रकार के धार्मिक और वास्तु नियमों का सहारा लेते हैं। सनातन परंपरा में धनतेरस का पावन पर्व मां लक्ष्मी और धन के अधिपति भगवान कुबेर की विशेष आराधना के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस शुभ तिथि पर विधि-विधान से किए गए सरल अनुष्ठान परिवार में स्थायी बरकत लाने और वित्तीय संकटों को दूर करने में सहायक सिद्ध होते हैं।

खरीदारी के साथ वास्तु नियमों का संतुलन

ऋषिकेश के ज्योतिषी अखिलेश पांडेय के अनुसार, धनतेरस के दिन सोना, चांदी, धातु के बर्तन और घरेलू उपयोगी वस्तुओं की खरीदारी करने की समृद्ध परंपरा है। जनमानस में यह गहरा विश्वास है कि इस अवसर पर घर में नई वस्तुएं लाने से सुख और समृद्धि का निरंतर आगमन होता है। हालांकि, खरीदारी के इस उत्साह के बीच घर के वास्तु और ऊर्जा संतुलन पर ध्यान देना भी उतना ही महत्वपूर्ण माना गया है। भवन में रखी विभिन्न वस्तुओं और उनकी सही दिशा का परिवार की आर्थिक स्थिति पर गहरा मनोवैज्ञानिक और ऊर्जावान प्रभाव पड़ता है। यदि दैनिक जीवन में इन सूक्ष्म वास्तु सिद्धांतों का पालन किया जाए और शास्त्रीय विधि से पूजा संपन्न हो, तो मां लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती है।

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उत्तर दिशा में कुबेर पूजन और कौड़ियों का प्रयोग

ज्योतिषी अखिलेश पांडेय बताते हैं कि धनतेरस के दिन घर की उत्तर दिशा में भगवान कुबेर की प्रतिमा अथवा चित्र स्थापित करना चाहिए और पूरी श्रद्धा के साथ उनका पूजन करना चाहिए। वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों के मुताबिक, उत्तर दिशा को धन और वैभव के स्वामी भगवान कुबेर का अधिष्ठान माना गया है। इस दिशा में श्रद्धापूर्वक उपासना करने से कुबेर देव अत्यंत प्रसन्न होते हैं, जिससे परिवार में आर्थिक संपन्नता और बरकत का वास होता है। इसके साथ ही, रात्रि के समय देवी लक्ष्मी की मुख्य पूजा के दौरान पीली कौड़ियां अर्पित करने का विशेष विधान है। पूजा का क्रम पूरा होने के बाद इन सिद्ध कौड़ियों को उठाकर अपनी तिजोरी, लॉकर अथवा उस स्थान पर रख देना चाहिए जहां नियमित रूप से नकद धन रखा जाता है। इस उपाय से अनावश्यक धन के नुकसान पर रोक लगती है।

दीपक, एकाक्षी नारियल और मनोकामना पूर्ति के अनुष्ठान

शाम के समय प्रकाश पर्व से जुड़े अनुष्ठानों पर प्रकाश डालते हुए अखिलेश पांडेय रेखांकित करते हैं कि धनतेरस की संध्या पर मुख्य प्रवेश द्वार और खुले आंगन में दीपक प्रज्वलित किए जाने चाहिए। इसके साथ ही घर में कुल 13 शुद्ध घी के दीपक जलाने की परंपरा को बेहद कल्याणकारी माना गया है। लक्ष्मी पूजन के दौरान वेदी पर एकाक्षी नारियल स्थापित करके देवी से परिवार की खुशहाली और निरंतर वैभव की प्रार्थना करनी चाहिए। इसके अलावा, भगवान गणेश की मूर्ति के ठीक नीचे एक सिक्का रखकर अपने मन की अभिलाषा मन ही मन व्यक्त करनी चाहिए और विघ्नहर्ता से उस कार्य को निर्विघ्न पूरा करने का निवेदन करना चाहिए। इन पारंपरिक उपायों से घर के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है और आर्थिक अवरोध समाप्त होकर समृद्धि के नए मार्ग खुलते हैं।

सवाल-जवाब

धनतेरस पर घर की किस दिशा में भगवान कुबेर की पूजा करनी चाहिए?
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की उत्तर दिशा में भगवान कुबेर की प्रतिमा अथवा तस्वीर रखकर सच्चे मन से पूजा करनी चाहिए।
देवी लक्ष्मी की पूजा में अर्पित की गई पीली कौड़ियों का क्या करना चाहिए?
पूजा संपन्न होने के बाद इन पीली कौड़ियों को अपनी तिजोरी या नकद धन रखने के स्थान पर रख देना चाहिए ताकि घर में बरकत बनी रहे।
धनतेरस की शाम को कितने घी के दीपक जलाने का विधान है?
धनतेरस की शाम मुख्य द्वार और आंगन के अलावा कुल 13 शुद्ध घी के दीपक जलाना शुभ माना जाता है।
मनोकामना पूरी करने के लिए भगवान गणेश की मूर्ति के पास कौन सा उपाय बताया गया है?
भगवान गणेश की मूर्ति के नीचे एक सिक्का रखकर अपनी इच्छा मन ही मन बोलनी चाहिए और उसे पूरा करने की प्रार्थना करनी चाहिए।
धनतेरस पर खरीदारी के अलावा वास्तु पर ध्यान देना क्यों जरूरी माना गया है?
घर में रखी वस्तुओं और उनकी सही दिशा का परिवार की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ता है, इसलिए सही वास्तु और पूजा से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Priya Sharma@priya-sharma·6 दिन पहले

तेरह दीये जलाने वाली बात बहुत प्यारी लगी, सच में इन छोटी-छोटी रोशनी और परंपराओं से घर का माहौल कितना बदल जाता है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·6 दिन पहले

कमाई कितनी भी हो, हाथ में पैसा रुकता ही नहीं, यह तो हर घर की कहानी है। क्या सच में उत्तर दिशा में कुबेर की मूर्ति रखने और कौड़ियां तिजोरी में डालने से बेहिसाब खर्च रुक जाते हैं?

Ravikash Gupta@ravikash·6 दिन पहले

अरे अर्जुन भाई, सही कहा, महीना खत्म होते-होते तो वाकई बैंक अकाउंट खाली हो जाता है। शेयर बाजार में भले ही सही निवेश कर लो, पर घर के खर्चों का बजट संभालना हमेशा से ही असली चुनौती रही है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·6 दिन पहले

हाथ में पैसा न टिकना और अचानक बड़े खर्च आ जाना आजकल आम बात हो गई है। कई बार लोग सिर्फ आमदनी बढ़ाने पर ध्यान देते हैं, लेकिन घर की दिशा और खर्चों के प्रबंधन पर भी गौर करना जरूरी होता है।

Rohan Verma@rohan-verma·6 दिन पहले

करण भाई, बिल्कुल सही कहा आपने। आमदनी कितनी भी हो, अगर फिजूलखर्च न रुके तो जेब खाली ही रहती है।

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