गुरु और मंगल की विशेष स्थिति से चमकेगी 3 राशियों की किस्मत, धन लाभ और तरक्की के बन रहे योगरूसी बंदरगाह से अमेरिका के लिए रवाना हुए डीजल टैंकर, मॉस्को के साथ समझौते के बाद प्रतिबंधों पर भी नरमीपुरुषों में टेस्टोस्टेरोन की कमी जांचने के लिए हिम्स ने शुरू की नई टेलीहेल्थ सेवा, घर बैठे होगा ब्लड टेस्टघर पर आसानी से बनाएं राजस्थान और गुजरात की फेमस सेव टमाटर सब्जीएयरटेल के 200 रुपये वाले डेटा पैक में मिलेगा यूट्यूब प्रीमियम और 30GB इंटरनेट, जानें फायदे और नियमत्योहारी खरीदारी से पहले सोने और चांदी की कीमतों में तेजी, घरेलू बाजार में 1,000 रुपये तक उछले दामऐपल के नए ओएलईडी मैकबुक प्रो में टचस्क्रीन और बड़े बदलावों की तैयारी, जानिए संभावित कीमतेंएयरपोर्ट एक्सप्रेस मेट्रो में सरकार विरोधी पर्चे मिलने से मचा हड़कंप, स्पेशल सेल ने शुरू की पड़तालपश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में आधी रात टीएमसी कर्मियों के आवासों पर पथराव, सीसीटीवी में कैद हुई घटनाभागलपुर के नवगछिया पुलिस लाइन में सब इंस्पेक्टर योगेश का शव मिलने से सनसनी
हवाला फंडिंग मामले में यासीन मलिक और छह अन्य के खिलाफ चलेगा मनी लॉन्ड्रिंग का ट्रायलभारत
24 अक्तू॰ 2026, 12:00 pm (35 मिनट पहले)· 0

हवाला फंडिंग मामले में यासीन मलिक और छह अन्य के खिलाफ चलेगा मनी लॉन्ड्रिंग का ट्रायल

विशेष एनआईए अदालत ने पाकिस्तान से कथित तौर पर 8.95 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग और हवाला नेटवर्क से जुड़े मामले में यासीन मलिक समेत सात आरोपियों पर ट्रायल चलाने का निर्देश दिया है।

विशेष एनआईए अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक गंभीर मामले में यासीन मलिक और छह अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। नई दिल्ली में स्थित इस अदालत के निर्देश के बाद अब इस प्रकरण में औपचारिक कानूनी प्रक्रिया तेज होगी। यह पूरा मामला सीमा पार से हवाला तंत्र के जरिए विदेशी पूंजी हासिल करने और गैरकानूनी गतिविधियों को वित्तीय सहायता पहुंचाने के आरोपों से जुड़ा हुआ है।

प्रवर्तन निदेशालय के आरोपों की पड़ताल

प्रवर्तन निदेशालय की जांच के मुताबिक, इस नेटवर्क के माध्यम से कुल 8,94,87,639 रुपये यानी लगभग 8.95 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय उत्पन्न की गई थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि अवैध रास्तों से तैयार की गई यह भारी भरकम रकम बाद में आरोपियों तक पहुंचाई गई थी। इस मामले में पाकिस्तानी प्रतिष्ठानों की ओर से अवैध माध्यमों का इस्तेमाल करके देश में धन भेजने के आरोपों की बारीकी से छानबीन की जा रही है। जांच एजेंसी का फोकस रकम के वास्तविक स्रोत, पैसों के लेन देन के रास्तों और इस पूरी कड़ी में शामिल हर व्यक्ति की भूमिका को स्पष्ट करने पर है।

ये भी पढ़ें

साल 2017 में दर्ज मूल प्राथमिकी का आधार

प्रवर्तन निदेशालय की यह मनी लॉन्ड्रिंग जांच दरअसल राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा वर्ष 2017 में दर्ज की गई एक मूल प्राथमिकी पर आधारित है। उस समय एनआईए ने भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, धारा 121 और धारा 121ए के तहत मामला दर्ज किया था। इसके साथ ही आतंकवाद से जुड़े कड़े कानून यानी गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम की धारा 13, 16, 17, 18, 20, 38, 39 और धारा 40 के तहत भी गंभीर आरोप लगाए गए थे। मूल जांच में यह सामने आया था कि सुनियोजित षड्यंत्र के तहत देश की संप्रभुता के खिलाफ गतिविधियों के लिए धन एकत्र किया जा रहा था।

अदालती सुनवाई के अगले चरण

विशेष अदालत द्वारा ट्रायल शुरू करने के निर्देश के बाद अब अभियोजन पक्ष को अदालत के समक्ष अपने ठोस दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और गवाह पेश करने होंगे। इस प्रक्रिया के दौरान सभी सातों आरोपियों को भी अपने बचाव में कानूनी दलीलें और प्रमाण पेश करने का पूरा अवसर मिलेगा। ट्रायल के दौरान यह तय होगा कि वित्तीय हेराफेरी, विदेशी फंडिंग और हवाला नेटवर्क से जुड़े इन आरोपों को कानूनी कसौटी पर किस हद तक साबित किया जा सकता है। अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों की विश्वसनीयता के आधार पर ही इन सभी आरोपों पर अंतिम फैसला सुनाया जाएगा।

सवाल-जवाब

विशेष एनआईए अदालत ने यासीन मलिक के खिलाफ क्या आदेश दिया है?
अदालत ने यासीन मलिक और छह अन्य आरोपियों के खिलाफ कथित विदेशी फंडिंग से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ट्रायल शुरू करने का निर्देश दिया है।
इस मामले में कुल कितनी रकम की अपराध से अर्जित आय बताई गई है?
प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार इस मामले में कुल 8,94,87,639 रुपये यानी करीब 8.95 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय शामिल है।
प्रवर्तन निदेशालय का यह मामला किस एजेंसी की जांच पर आधारित है?
यह मनी लॉन्ड्रिंग मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा वर्ष 2017 में दर्ज की गई मूल प्राथमिकी और जांच पर आधारित है।
2017 के मूल मामले में कौन सी मुख्य धाराएं लगाई गई थीं?
मूल मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 121, 121ए और यूएपीए की विभिन्न धाराएं जैसे 13, 16, 17, 18, 20, 38, 39 और 40 लगाई गई थीं।
ट्रायल के दौरान अब आगे क्या प्रक्रिया होगी?
अब अभियोजन पक्ष अदालत में अपने सबूत और गवाह पेश करेगा, जबकि आरोपियों को भी अपने बचाव में दलीलें रखने का मौका दिया जाएगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp