झारखंड के बोकारो स्टील सिटी में स्ट्रीट फूड के शौकीनों के लिए गोलगप्पे खाने का अंदाज पूरी तरह बदल चुका है। शहर के सेक्टर-2 इलाके में संचालित नेचुरल पानी पुरी स्टॉल पर ग्राहकों को पारंपरिक तरीके के बजाय आधुनिक ऑटोमैटिक वेंडिंग मशीन के जरिए पानी पूरी परोसी जा रही है। आमतौर पर ठेले या सड़क किनारे मिलने वाले गोलगप्पों में स्वच्छता को लेकर लोगों के मन में संशय रहता है, लेकिन इस नए प्रयोग ने साफ-सफाई और स्वाद दोनों की चिंता दूर कर दी है। यहां आने वाले ग्राहकों को मात्र 20 रुपये में 7 पीस पानी पूरी का स्वाद चखने को मिलता है, जिसमें कई तरह के अनोखे जायके शामिल हैं।
सड़क किनारे से बेंगलुरु के विचार तक का सफर
इस आधुनिक स्टॉल के संचालक रोशन मीजं हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें खुद पानी पूरी खाने का बेहद शौक रहा है, लेकिन आसपास के बाजारों में जब भी वह गोलगप्पे खाने जाते थे, तो वहां साफ-सफाई की कमी उन्हें खलती थी। इसी दौरान जब वह कर्नाटक के बेंगलुरु गए, तो वहां उन्होंने पहली बार ऑटोमैटिक मशीन से पानी पूरी परोसने की तकनीक देखी। इस आधुनिक तरीके ने उन्हें काफी प्रभावित किया और उन्होंने तय किया कि वह अपने शहर बोकारो में भी ऐसा ही एक हाइजीनिक स्टॉल शुरू करेंगे। इसके बाद उन्होंने यूट्यूब के माध्यम से मशीन के काम करने के तरीके और तकनीकी बारीकियों की जानकारी जुटाई। अपने एक मित्र की मदद लेकर उन्होंने इस ऑटोमैटिक सेटअप को तैयार कराया और बोकारो में इसका सफल संचालन शुरू किया।
सात अलग-अलग जायकों की लंबी कतार
नेचुरल पानी पुरी स्टॉल की सबसे बड़ी यूएसपी यहां उपलब्ध सात तरह के अलग-अलग पानी के फ्लेवर हैं। ग्राहकों को अपनी पसंद के अनुसार विकल्प चुनने की पूरी आजादी दी जाती है। इस मशीन में निम्नलिखित सात स्वादों का पानी उपलब्ध कराया गया है
- इमली फ्लेवर: पारंपरिक खट्टा स्वाद चाहने वालों के लिए।
- जलजीरा फ्लेवर: तीखा और चटपटा पारंपरिक जलजीरा पानी।
- खट्टा-मीठा फ्लेवर: मीठे और नमकीन का संतुलित स्वाद, जो स्टॉल पर सबसे ज्यादा बिकता है।
- पुदीना फ्लेवर: ताजगी भरा पुदीने का तीखा पानी।
- हाजमा फ्लेवर: पाचक मसालों से तैयार खास पाचक पानी।
- हींग फ्लेवर: तेज खुशबू और हाजमेदार हींग का तड़का।
- दही फ्लेवर: क्रीमी और हल्का मीठा स्वाद पसंद करने वालों के लिए।
हाइजीन और सेल्फ-सर्विस का अनोखा तरीका
स्टॉल पर स्वच्छता का स्तर बनाए रखने के लिए विशेष प्रक्रिया अपनाई जाती है। संचालक रोशन मीजं ने बताया कि आलू और मसालों की स्टफिंग बनाते समय दस्ताने यानी ग्लव्स का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल किया जाता है। स्टॉल पर आने वाले ग्राहक को सबसे पहले एक प्लेट में आलू की स्टफिंग से भरी हुई सात पूरियां थमा दी जाती हैं। इसके बाद ग्राहक खुद मशीन के पास जाते हैं और अपनी इच्छा के अनुसार सेंसर या नल के नीचे पूरी लगाकर मनपसंद पानी भरते हैं। इस सेल्फ-सर्विस व्यवस्था के चलते किसी भी व्यक्ति का हाथ सीधे पानी के संपर्क में नहीं आता, जिससे संक्रमण या गंदगी का खतरा पूरी तरह समाप्त हो जाता है।
लागत, कमाई और ग्राहकों का भरोसा
इस पूरे ऑटोमैटिक पानी पूरी सेटअप को धरातल पर उतारने में संचालक को लगभग 1.5 लाख रुपये (डेढ़ लाख रुपये) की लागत आई है। वर्तमान में इस स्टॉल पर रोजाना तकरीबन 200 प्लेट पानी पूरी की बिक्री हो जाती है। मेन्यू में मौजूद सभी विकल्पों में से खट्टा-मीठा फ्लेवर ग्राहकों की पहली पसंद बना हुआ है। यह स्टॉल रोजाना शाम 4 बजे से ग्राहकों के लिए खुलता है। स्टॉल पर स्वाद लेने पहुंचीं ग्राहक सोनम ने बताया कि यहां तैयार करने और परोसने का ढंग बेहद साफ-सुथरा है, और मशीन से अपनी पसंद का फ्लेवर खुद चुनना एक सुखद अनुभव देता है।



















