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हिमाचल में विजिलेंस का दोहरा प्रहार: सिरमौर में वन अधिकारी और सोलन में पटवारी घूसखोरी में नपेहिमाचल प्रदेश
4 नव॰ 2026, 11:54 am (2 दिन पहले)· 2

हिमाचल में विजिलेंस का दोहरा प्रहार: सिरमौर में वन अधिकारी और सोलन में पटवारी घूसखोरी में नपे

हिमाचल प्रदेश में भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए सिरमौर में दस हजार रुपये की घूस लेते वन अधिकारी को दबोचा और सोलन में ऑनलाइन रिश्वत मांगने वाले पटवारी पर केस दर्ज किया।

हिमाचल प्रदेश में सरकारी तंत्र के भीतर पनप रही रिश्वतखोरी पर नकेल कसते हुए सतर्कता विभाग ने दो अलग-अलग जिलों में सख्त कदम उठाए हैं। सिरमौर जिले के पांवटा साहिब इलाके में वन विभाग के एक अधिकारी को नकदी लेते हुए मौके पर ही पकड़ा गया। वहीं सोलन जिले में भूमि से जुड़े काम के बदले डिजिटल माध्यम से घूस मांगने वाले राजस्व विभाग के पटवारी के विरुद्ध औपचारिक मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों ही मामलों में पीड़ितों ने आरोपियों की बातचीत रिकॉर्ड करके अधिकारियों को सौंपी थी, जिसके आधार पर कानून का शिकंजा कसा गया।

पांवटा साहिब में जाल बिछाकर पकड़ा गया वन विभाग का अधिकारी

सिरमौर के पांवटा साहिब क्षेत्र स्थित भंगानी रेंज में तैनात अधिकारी सुमंत को दस हजार रुपये की नकदी लेते हुए सतर्कता दस्ते ने रंगे हाथों काबू किया। पीड़ित इकराम ने बताया कि खनन कार्य के सिलसिले में उसके ट्रैक्टर को जब्त करने और चालान न काटने के बदले यह अधिकारी लंबे समय से रुपये की मांग कर रहा था। बार-बार के दबाव से तंग आकर उसने सतर्कता विभाग से संपर्क साधा और बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग अधिकारियों के हवाले कर दी।

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शिकायत की पुष्टि होते ही जांच टीम ने रणनीति बनाई और पांवटा साहिब की चुंगी नंबर-6 पर जाल बिछा दिया। आरोपी ने पीड़ित को इसी स्थान पर रकम लेकर बुलाया था। जैसे ही रुपयों का लेन-देन हुआ, सतर्कता टीम ने दबिश देकर अधिकारी को पकड़ लिया। अचानक हुई इस गिरफ्तारी से इलाके के वन कार्यालयों में हड़कंप मच गया। विजिलेंस के डीएसपी रमाकांत ठाकुर ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि अधिकारी पर केस दर्ज कर कानूनी जांच शुरू कर दी गई है।

सोलन में ऑनलाइन घूस मांगने वाले पटवारी पर गिरी गाज

दूसरा मामला सोलन के बंदोबस्त विभाग से जुड़ा है, जहां तैनात पटवारी अंकुर के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता विकास कंवर का आरोप है कि उसकी पैतृक जमीन के बंटवारे यानी तकसीम की कानूनी प्रक्रिया निपटाने के एवज में पटवारी ने ₹1,500 की अनुचित मांग रखी थी। काम अटकाए जाने के डर से परेशान नागरिक ने सतर्कता ब्यूरो को लिखित शिकायत दी।

पीड़ित के अनुसार पटवारी ने यह रिश्वत नकद लेने के बजाय गूगल-पे के जरिए ट्रांसफर करने को कहा था और इसके लिए अपना मोबाइल नंबर साझा किया था। शिकायतकर्ता ने बातचीत का पूरा ऑडियो साक्ष्य सतर्कता ब्यूरो को सौंपा। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के सोलन स्थित पुलिस थाने में 3 नवंबर को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत यह मुकदमा दर्ज कर आगे की पड़ताल शुरू की गई है।

प्रशासन की चेतावनी: घूसखोरी पर कोई समझौता नहीं

इन मामलों के बाद पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने साफ किया कि रिश्वत की रकम या कर्मचारी का पद चाहे जो भी हो, ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि किसी भी सरकारी दफ्तर में यदि कोई कर्मचारी नाजायज रकम की मांग करता है, तो तुरंत सतर्कता विभाग को सूचना दें ताकि पारदर्शी व्यवस्था बनाई जा सके।

सवाल-जवाब

सिरमौर में वन अधिकारी को किस आरोप में पकड़ा गया?
रेंज अफसर सुमंत पर एक ट्रैक्टर का खनन चालान न करने और जब्ती रोकने के एवज में दस हजार रुपये की रिश्वत मांगने और लेने का आरोप है।
सोलन में पटवारी के खिलाफ क्या मामला सामने आया है?
पटवारी अंकुर पर जमीन के बंटवारे की प्रक्रिया निपटाने के लिए ₹1,500 की घूस गूगल-पे के जरिए मांगने का आरोप है, जिस पर 3 नवंबर को एफआईआर दर्ज की गई।
विजिलेंस टीम ने वन अधिकारी को कहां से गिरफ्तार किया?
सतर्कता टीम ने पांवटा साहिब स्थित चुंगी नंबर-6 पर जाल बिछाकर आरोपी अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ा।
पटवारी पर किस कानून के तहत कार्रवाई की गई है?
पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत पुलिस थाना सोलन में मुकदमा दर्ज किया गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Divya Reddy@divya-reddy·2 दिन पहले

इन छोटे कर्मचारियों को पकड़कर वाहवाही तो खूब मिल जाती है, पर मुझे शक है कि ऊपर बैठे अफसरों तक कभी आंच पहुंचेगी या नहीं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·2 दिन पहले

अब ऑनलाइन घूस लेने वालों पर भी शिकंजा कस रहा है, अच्छा है। ऑडियो सबूत होने से ऐसे मामलों में बच पाना मुश्किल होता है।

Ravikash Gupta@ravikash·2 दिन पहले

अजय जी, बिल्कुल सही कहा आपने। पिछले साल जब मुझे अपनी जमीन के कागजात ठीक करवाने थे, तब पटवारी ने भी चक्कर कटवाए थे। गनीमत है अब लोग ऑडियो रिकॉर्डिंग करने लगे हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·2 दिन पहले

पंद्रह सौ रुपये की ऑनलाइन घूस माँगने वाले इस पटवारी की हरकत पर हँसी भी आती है और गुस्सा भी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·2 दिन पहले

रोहन भाई, सही कहा आपने! पिछले साल जब मैंने अपनी ज़मीन के कागज़ निकलवाए थे, तब पटवारी ने चाय-पानी के नाम पर सीधे दो हज़ार मांग लिए थे।

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