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इंफाल में जबरन वसूली के आरोप में मणिपुर राइफल्स के हवलदार समेत तीन लोग गिरफ्तारमणिपुर
18 सित॰ 2026, 3:18 pm (39 दिन पहले)· 3

इंफाल में जबरन वसूली के आरोप में मणिपुर राइफल्स के हवलदार समेत तीन लोग गिरफ्तार

मणिपुर पुलिस और सुरक्षा बलों ने एक संयुक्त अभियान में रंगदारी के आरोप में एक सेवारत हवलदार और दो अन्य लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से सर्विस रिवॉल्वर और कारतूस बरामद किए हैं।

मणिपुर में सुरक्षा बलों ने सिंगजामेई वांग्मा इलाके में सक्रिय एक अवैध रंगदारी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। 17 सितंबर 2026 को चलाए गए इस अभियान के तहत एक सेवारत सुरक्षाकर्मी समेत तीन लोगों को उनके संबंधित आवासों से गिरफ्तार किया गया है।

खुफिया इनपुट पर हुई छापेमारी

यह कार्रवाई मणिपुर पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन यूनिट और इंफाल वेस्ट जिला कमांडो यूनिट (CDO) द्वारा संयुक्त रूप से की गई। इलाके में जबरन वसूली और रंगदारी की गतिविधियों के बारे में पुख्ता खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने संदिग्धों के घरों पर लक्षित छापेमारी की। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान हथियार, गोला-बारूद और अन्य संदिग्ध सामान बरामद किए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पकड़े गए आरोपियों में 44 वर्षीय वाइखोम अमरजीत सिंह शामिल है, जो 1st मणिपुर राइफल्स में हवलदार के पद पर तैनात है। तलाशी के दौरान उसके पास से विभाग द्वारा जारी की गई एक 9 mm सर्विस पिस्टल, एक मैगजीन और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

अन्य दो गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 40 वर्षीय ओकराम प्रियोकुमार सिंह (प्रियो) और 34 वर्षीय थोंगराम सुनसोन सिंह के रूप में हुई है। ये दोनों आरोपी इंफाल वेस्ट जिले के सिंगजामेई वाइखोम लैकाई के रहने वाले हैं।

मामला दर्ज कर जांच शुरू

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, तीनों आरोपियों को जब्त किए गए हथियारों के साथ स्थानीय पुलिस थाने के हवाले कर दिया गया है। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मणिपुर पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस कार्रवाई की पुष्टि की है।

दूसरे अभियान में हथियारों का जखीरा बरामद

इसके अलावा, एक अन्य सुरक्षा अभियान में भी सुरक्षा बलों को सफलता हाथ लगी है। 16 सितंबर को हेइरोक थाना पुलिस और बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) की 10वीं बटालियन के जवानों ने थौबल जिले के हेइरोक पार्ट-3 उयोक चिंग ममांग इलाके से हथियारों और गोला-बारूद का एक बड़ा जखीरा बरामद किया।

सुरक्षा बलों को इस तलाशी अभियान के दौरान एक डबल-बैरल ब्रीच-लोडिंग (DBBL) बंदूक, एक स्थानीय स्तर पर बनी राइफल (मैगजीन के साथ) और 5.56 mm के 20 जिंदा कारतूस मिले हैं।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

मणिपुर में गिरफ्तार किया गया सेवारत सुरक्षाकर्मी कौन है?
1st मणिपुर राइफल्स में तैनात 44 वर्षीय हवलदार वाइखोम अमरजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार हवलदार के पास से क्या-क्या चीजें बरामद की गईं?
सुरक्षा बलों ने उसके पास से एक 9 mm सर्विस पिस्टल, एक मैगजीन और चार जिंदा कारतूस बरामद किए।
रंगदारी से जुड़े मामले में गिरफ्तारियां कहां की गईं?
ये गिरफ्तारियां इंफाल के सिंगजामेई वांग्मा इलाके में संदिग्धों के घरों पर लक्षित छापेमारी के बाद की गईं।
16 सितंबर को चलाए गए अलग अभियान में कौन से हथियार बरामद हुए?
एक संयुक्त दल ने एक डबल-बैरल ब्रीच-लोडिंग (DBBL) बंदूक, मैगजीन के साथ एक स्थानीय स्तर पर बनी राइफल और 5.56 mm के 20 जिंदा कारतूस बरामद किए।
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टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·39 दिन पहले

सुरक्षा बलों के एक सेवारत जवान द्वारा सरकारी हथियार का इस्तेमाल कर जबरन वसूली जैसी आपराधिक गतिविधियों में शामिल होना बेहद चिंताजनक है। यह मामला संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात सुरक्षाकर्मियों की जवाबदेही और उनके हथियारों की निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाता है। जब कानून के रखवाले ही इस तरह के सिंडिकेट का हिस्सा बनते हैं, तो सुरक्षा तंत्र पर जनता का विश्वास कमजोर होता है। इस तरह के संस्थागत भ्रष्टाचार को रोकने के लिए केवल गिरफ्तारियां काफी नहीं हैं; सुरक्षा बलों के भीतर कड़े आंतरिक ऑडिट, नैतिक आचरण की निगरानी और त्वरित विभागीय जांच की तत्काल आवश्यकता है।

Ravikash Gupta@ravikash·39 दिन पहले

रोहन की बात को आगे बढ़ाते हुए, यह घटना पूर्वोत्तर में व्यापारिक सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए एक गंभीर खतरा है। जब कानून के रखवाले ही जबरन वसूली सिंडिकेट का हिस्सा बन जाते हैं, तो स्थानीय व्यवसायों और स्टार्टअप्स पर लगने वाला 'अवैध टैक्स' का बोझ बढ़ जाता है। इससे बाजार में अनिश्चितता पैदा होती है और निजी निवेश पूरी तरह रुक जाता है। सुरक्षा प्रणाली में सुधार के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को सुरक्षित रखना भी इस क्षेत्र के लिए बेहद जरूरी है।

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